हरियाणा के सोनीपत जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आ रही है। जिले के खरखौदा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे पर गुरुवार, 03 सितंबर 2026 की सुबह एक भयंकर सड़क हादसा हो गया। यहाँ मजदूरों से भरी एक तेज रफ्तार ईको गाड़ी अनियंत्रित होकर आगे चल रहे एक ट्रक से जा टकराई। इस भीषण टक्कर में तीन मजदूरों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि नौ अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
गोपालपुर गांव के पास हुआ खौफनाक हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना गुरुवार सुबह लगभग पांच बजे की है। सुबह के समय जब आसमान में हल्की धुंध और अंधेरा था, तब गोपालपुर गांव की सीमा के पास यह हादसा पेश आया। ईको गाड़ी में सवार होकर तमाम मजदूर रोजाना की तरह अपने काम पर जाने के लिए निकले थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि सुबह की यह किरण उनके लिए इतनी अमंगल साबित होगी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ईको गाड़ी के परखच्चे उड़ गए और उसका अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया।
हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गाड़ी में सवार यात्रियों को संभालने तक का मौका नहीं मिला। तेज धमाके की आवाज सुनकर आसपास के खेतों में मौजूद लोग और हाईवे पर गुजर रहे अन्य वाहन चालक तुरंत मौके की ओर दौड़े। उन्होंने ही पुलिस और एम्बुलेंस को इस दुर्घटना की सूचना दी।
घायलों को अस्पताल में कराया गया भर्ती
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस और आपातकालीन सेवाएं तुरंत हरकत में आईं। खरखौदा थाना पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंचा और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से ईको गाड़ी में फंसे सभी घायलों और मृतकों को बाहर निकाला गया।
- हादसे से जुड़ी मुख्य बातें:
- घटनास्थल: केएमपी एक्सप्रेसवे, गोपालपुर गांव के पास, खरखौदा, सोनीपत।
- समय: गुरुवार सुबह लगभग 05:00 बजे।
- वाहन: मजदूरों से भरी ईको गाड़ी और ट्रक।
- नुकसान: 3 मजदूरों की मौके पर मौत, 9 गंभीर रूप से घायल।
सभी नौ घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। कई घायलों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है, जिसके चलते मृतकों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। वहीं, जिन तीन मजदूरों की इस हादसे में जान गई है, उनके शवों को कब्जे में लेकर पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
प्रशासन और यातायात व्यवस्था पर उठे सवाल
केएमपी एक्सप्रेसवे पर इस तरह के हादसे लगातार आम होते जा रहे हैं। एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार वाहनों का कहर और सुरक्षा मानकों की अनदेखी अक्सर बेकसूर लोगों की जान ले लेती है। सुबह के वक्त कम विजिबिलिटी या फिर ड्राइवर को झपकी आने को इस हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है, हालांकि पुलिस हर पहलू से मामले की गहराई से जांच कर रही है।
प्रशासन की ओर से मृतकों के परिजनों से संपर्क साधने की कोशिश की जा रही है ताकि उन्हें इस दुखद सूचना से अवगत कराया जा सके। इस दुर्घटना के बाद से इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है और मजदूरों के परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने ट्रक और दुर्घटनाग्रस्त ईको गाड़ी को अपने कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।