बांग्लादेश की खूबसूरत लेक सिटी के रूप में मशहूर रंगामती इस समय कुदरत के एक बड़े इम्तिहान से गुजर रही है। दक्षिण-पूर्वी चटगांव डिवीजन में स्थित इस सुरम्य पर्यटन स्थल की पहचान कहे जाने वाला ऐतिहासिक 'हैंगिंग ब्रिज' (झूलता पुल) मूसलाधार बारिश और पहाड़ी सैलाब की चपेट में आकर पानी में पूरी तरह डूब गया है। इस आपदा ने न केवल इस लोकप्रिय पर्यटन स्थल की रौनक छीन ली है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गहरे संकट में डाल दिया है।
कपताई झील के जलस्तर में भारी वृद्धि
पिछले कई दिनों से जारी लगातार बारिश और ऊपरी पहाड़ियों से तेजी से बहकर आ रहे पानी के कारण बांग्लादेश की सबसे बड़ी कृत्रिम (मानव निर्मित) झील यानी कपताई झील का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। यह विशाल झील कर्णफुली नदी पर बने कपताई बांध की वजह से अस्तित्व में आई थी। जलस्तर इतनी तेजी से बढ़ा कि इसने झील के सबसे बड़े आकर्षण को अपनी आगोश में ले लिया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत कड़े कदम उठाए हैं। बांग्लादेश पर्यटन निगम ने सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए पुल के आसपास पर्यटकों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी है। किसी भी अनहोनी से बचने के लिए पुल के मुख्य प्रवेश द्वार पर लाल झंडे लगा दिए गए हैं और बांस की मजबूत बैरिकेडिंग कर रास्ते को सील कर दिया गया है ताकि कोई भी पर्यटक जोखिम भरे हिस्से तक न पहुंच सके।
335 फीट लंबा पुल जो जोड़ता था दो पहाड़ियों को
रंगामती आने वाले हर सैलानी के लिए 335 फीट लंबा यह खूबसूरत हैंगिंग ब्रिज मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा है। यह पुल झील के बीचों-बीच स्थित दो खूबसूरत पहाड़ियों को आपस में जोड़ने का काम करता है। इस पर टहलते हुए झील और चारों तरफ फैली हरी-भरी पहाड़ियों का नजारा देखना पर्यटकों के लिए एक अनोखा अनुभव होता था। यही वजह है कि इसे रंगामती के पर्यटन उद्योग का मुख्य प्रतीक माना जाता है।
हालांकि, सही जानकारी के अभाव में दूर-दूर से अब भी कई पर्यटक रंगामती पहुंच रहे हैं, लेकिन बंद पड़े पुल और लाल झंडों को देखकर उन्हें गहरी निराशा का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति ने स्थानीय पर्यटन उद्योग को बड़ा झटका दिया है.
अजीब सन्नाटा: बोट टर्मिनल और बाजार हुए सूने
पर्यटकों की आवाजाही रुकने से रंगामती की स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भारी असर पड़ा है। बोट टर्मिनल का हाल यह है कि वहां इंजन वाली 100 से ज्यादा नावें पूरी तरह बेकार खड़ी हैं। नाव चालकों और मालिकों के चेहरे पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती हैं। इसके अलावा पारंपरिक कपड़े, स्थानीय टेक्सटाइल और हस्तशिल्प (हैंडीक्रॉफ्ट) बेचने वाली दुकानें भी ग्राहकों के बिना सूनी पड़ी हैं। कई व्यापारियों का तो यहां तक कहना है कि इन दिनों उनकी बिक्री गिरकर लगभग शून्य हो गई है।
स्थानीय कारोबारियों और वेंडर्स का दर्द
स्थानीय बोट ओनर्स एसोसिएशन के लीज होल्डर मोहम्मद फखरुल इस्लाम ने इस संकट पर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि यह सीजन उनकी आजीविका के लिए साल का सबसे अहम समय होता है।
"इस सीजन में आने वाले पर्यटकों की बदौलत ही हमारे परिवारों का साल भर का खर्च चलता है। लेकिन पुल के डूबने के बाद से हमारी कमाई का जरिया पूरी तरह बंद हो चुका है। यदि यही हालात लंबे समय तक बने रहे, तो हमें बहुत बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।"
— मोहम्मद फखरुल इस्लाम, बोट ओनर्स एसोसिएशन
होटल कारोबार भी इस आपदा से अछूता नहीं है। होटल मालिक मोहम्मद सुमन मिया ने अपनी व्यथा साझा करते हुए कहा कि हैंगिंग ब्रिज ही वह मुख्य वजह है जिसके कारण सैलानी रंगामती का रुख करते हैं।
"बहुत से पर्यटक सिर्फ इस ऐतिहासिक पुल को अपनी आंखों से देखने के लिए यहां आते हैं। इसके पानी में डूबने के बाद से हर दिन हमारे होटलों की बुकिंग्स धड़ाधड़ रद्द हो रही हैं। पर्यटकों की इस भारी कमी का सीधा असर होटलों, मोटलों और रेस्तरां के बिजनेस पर पड़ रहा है।"
— मोहम्मद सुमन मिया, होटल मालिक
प्रशासन का पक्ष और भविष्य की योजनाएं
रंगामती टूरिज्म कॉर्पोरेशन के मैनेजर आलोक बिकास चकमा ने वर्तमान हालातों की पुष्टि करते हुए कहा कि मूसलाधार बारिश और पहाड़ियों से आने वाले जलप्रवाह के कारण कपताई झील का जलस्तर उम्मीद से कहीं ज्यादा बढ़ गया है, जिससे यह स्थिति पैदा हुई। उन्होंने दोहराया कि पर्यटकों की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है, इसलिए एहतियातन लाल झंडे और बांस के बैरियर लगाकर मार्ग को बंद किया गया है।
इस बीच, स्थानीय नागरिकों और कारोबारियों के लिए राहत भरी एक खबर भी सामने आई है। रंगामती जिला परिषद के चेयरमैन दीपन तालुकदार दीपू ने जानकारी दी है कि क्षेत्र में पर्यटन को पुनर्जीवित करने के लिए एक नए और उन्नत पुल के निर्माण को लेकर पहले ही सर्वे पूरा किया जा चुका है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही अधिक ऊंचाई पर एक आधुनिक डिजाइन वाले नए पुल का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा, जिससे भविष्य में ऐसी समस्याओं से निजात मिल सकेगी।
निष्कर्ष
फिलहाल, रंगामती का यह प्रतिष्ठित हैंगिंग ब्रिज पानी के भीतर अपनी बारी का इंतजार कर रहा है और प्रशासन जलस्तर कम होने पर नजर बनाए हुए है। स्थानीय पर्यटन हितधारक इस संकट से उबरने के लिए नए प्रशासनिक कदमों और मौसम में सुधार की उम्मीद कर रहे हैं, ताकि लेक सिटी एक बार फिर पर्यटकों की चहल-पहल से गुलजार हो सके।