पर्थ और मेलबर्न के शुरुआती दो दिनों में ही मैच खत्म होने से क्रिकेट बोर्ड के राजस्व को भारी चोट पहुंची, हालांकि अन्य स्रोतों से इस कमी को पूरा कर लिया गया।
सामान्य तौर पर एशेज सीरीज का आयोजन क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे अधिक राजस्व जुटाने वाला और व्यस्त सत्र माना जाता है। हालांकि, 2025/26 में खेली गई एशेज सीरीज का परिणाम बोर्ड के वित्तीय गणित के लिहाज से उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। इस सीरीज के दौरान पर्थ में खेला गया पहला टेस्ट मैच और मेलबर्न का प्रतिष्ठित बॉक्सिंग डे टेस्ट मैच महज दो-दो दिनों में ही समाप्त हो गए। मैच के इतनी जल्दी खत्म होने की वजह से क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया को लगभग 2 करोड़ डॉलर यानी भारतीय मुद्रा के अनुसार करीब 133.89.5 करोड़ रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ा।
मैच जल्दी खत्म होने पर बोर्ड के शीर्ष अधिकारियों की प्रतिक्रिया
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के निवर्तमान अध्यक्ष माइक बेयरड ने मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) पर दर्शकों की रिकॉर्ड भीड़ का जिक्र करते हुए हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि वहां ऐतिहासिक 94,000 दर्शकों की उपस्थिति के बावजूद मैच केवल दो दिन ही चल सका। उन्होंने अगले चेयरमैन पद के दावेदार डेविड बून से चुटकी लेते हुए कहा कि पांच दिवसीय टेस्ट मैच होना ही बेहतर बात है।
शुरुआती अनुमानों के अनुसार केवल एमसीजी टेस्ट से होने वाले नुकसान का आकलन लगभग 66.93 करोड़ भारतीय रुपये लगाया गया था, लेकिन कुल वित्तीय घाटा शुरुआती उम्मीद से कहीं अधिक निकला। बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टॉड ग्रीनबर्ग ने स्पष्ट किया कि पर्थ और मेलबर्न दोनों टेस्ट मैचों के जल्दी समाप्त होने से बोर्ड को लगभग 2 करोड़ डॉलर का नुकसान झेलना पड़ा है।
अन्य स्रोतों से हुई नुकसान की भरपाई
भारी वित्तीय झटके के बावजूद क्रिकेट बोर्ड अपने निर्धारित वित्तीय लक्ष्यों को हासिल करने में सफल रहा। मुख्य कार्यकारी टॉड ग्रीनबर्ग ने बताया कि दो टेस्ट मैचों के केवल दो दिन में सिमट जाने के बावजूद बोर्ड का यह प्रदर्शन काफी ठोस रहा है। उन्होंने कहा कि हमने गैर-प्रसारण राजस्व (non-broadcast revenue), प्रायोजन कार्यक्रमों (sponsorship programs) और अन्य राजस्व क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन किया, जिससे घाटे की इस भरपाई को पूरा करने में मदद मिली।
वित्तीय वर्ष 2025 में जो वार्षिक राजस्व 455.6 मिलियन डॉलर था, वह बढ़कर 2026 में 601.1 मिलियन डॉलर पर पहुंच गया। इस एशेज सीजन के दौरान ब्रॉडकास्टर्स, टिकट बिक्री और कमर्शियल रेवेन्यू में जबरदस्त रुचि देखने को मिली थी, जिससे बोर्ड को कुल आय बढ़ाने में मदद मिली।
आगामी सत्रों के लिए वित्तीय चुनौतियां और भविष्य की योजनाएं
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के आगामी वर्षों के वित्तीय अनुमान काफी चुनौतीपूर्ण नजर आ रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में ऑस्ट्रेलिया में भारत और इंग्लैंड जैसी हाई-प्रोफाइल और मार्की सीरीज खेली गई थीं, जिनसे भारी कमाई हुई थी। इसके विपरीत, आने वाले कुछ ग्रीष्मकालीन सत्रों में न्यूजीलैंड, श्रीलंका और पाकिस्तान की टीमें ऑस्ट्रेलिया दौरे पर आने वाली हैं, जिसके चलते बोर्ड ने अपने राजस्व में कमी आने का अनुमान लगाया है। इसी वजह से बोर्ड ने खर्चों को न्यूनतम स्तर पर रखने पर विशेष जोर दिया है।
निवर्तमान अध्यक्ष माइक बेयरड ने कहा कि वे बोर्ड को एक स्थायी वित्तीय स्थिति में लाना चाहते हैं। बिग बश लीग (Big Bash) को लेकर उन्होंने कहा कि इसमें निजी निवेश लाने के प्रयासों के साथ-साथ फैन एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने और खेल के विस्तार के लिए नए रास्ते तलाशे जा रहे हैं। इससे न केवल लीग को अतिरिक्त राजस्व मिलेगा, बल्कि आने वाले संसाधनों को ध्यान में रखते हुए राज्यों के साथ मिलकर वित्तीय मॉडल को नए सिरे से तैयार करने पर भी चर्चा चल रही है।