शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले स्कूलों से अक्सर ऐसी डरावनी तस्वीरें सामने आती हैं, जो इंसानियत को झकझोर कर रख देती हैं। आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम से एक ऐसा ही दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसे सुनकर किसी भी माता-पिता का कलेजा कांप उठेगा। यहाँ एक निजी स्कूल में महज इसलिए 6 साल के एक मासूम की जान चली गई, क्योंकि वह अपना होमवर्क पूरा नहीं कर पाया था। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक और गुस्से का माहौल है।
क्या है पूरा मामला?
यह दर्दनाक घटना विशाखापत्तनम के वन टाउन इलाके में स्थित 'लिटिल गार्डन स्कूल' की है। यहाँ पढ़ने वाला 6 वर्षीय प्रणय तेजा रोज की तरह हंसता-खेलता स्कूल गया था। परिजनों के मुताबिक, बच्चा सुबह पूरी तरह स्वस्थ था और उसने खुद स्कूल जाने की जिद की थी। लेकिन किसे पता था कि यह उस मासूम का आखिरी दिन साबित होगा।
आरोप है कि कक्षा में होमवर्क पूरा न मिलने पर शिक्षिका का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उसने मासूम प्रणय को बेरहमी से छड़ी (लाठी) से पीटा। पिटाई के इस खौफ और मानसिक दबाव को छह साल का बच्चा बर्दाश्त नहीं कर सका और वह सहम गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, डर और सदमे के कारण बच्चा क्लास में ही शिक्षिका की गोदी में बेहोश होकर गिर पड़ा।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही थम गईं सांसें
घटना की जानकारी मिलने पर स्कूल प्रशासन और परिजनों में हड़कंप मच गया। बच्चे को तुरंत आनन-फानन में शहर के प्रसिद्ध किंग जॉर्ज अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, डॉक्टरों की तमाम कोशिशें नाकाम साबित हुईं। अस्पताल के डॉक्टरों ने प्रणय को देखते ही मृत घोषित कर दिया।
प्रारंभिक जांच और डॉक्टरों के बयानों के मुताबिक, अस्पताल पहुंचने से करीब आधे से पौन घंटे पहले ही मासूम की मौत हो चुकी थी। अचानक हुई इस घटना से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। अस्पताल पहुंचे रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों में स्कूल प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश देखा गया।
सीसीटीवी फुटेज ने खोली पोल
जब परिजनों को घटना की सूचना मिली और वे स्कूल पहुंचे, तो उन्होंने सच्चाई जानने के लिए क्लासरूम के सीसीटीवी फुटेज की मांग की। फुटेज देखने के बाद जो सच सामने आया, उसने सभी को सन्न कर दिया। सीसीटीवी वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि शिक्षिका बच्चे को छड़ी से पीट रही है। पिटाई के ठीक कुछ ही पलों बाद बच्चा बेसुध होकर जमीन पर या शिक्षिका के ऊपर गिर पड़ता है।
"मेरा बेटा सुबह बिल्कुल ठीक था। उसने खुद स्कूल जाने की इच्छा जताई थी। हमें स्कूल से फोन करके सच नहीं बताया गया, बल्कि किसी परिचित के जरिए इस अनहोनी की खबर मिली। स्कूल वाले अब इसे बीमारी का नाम दे रहे हैं, जो सरासर झूठ है।" - प्रणय के पिता
प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए राजस्व मंडल अधिकारी (RDO) दिलीप चक्रवर्ती और स्थानीय पुलिस तुरंत किंग जॉर्ज अस्पताल और स्कूल पहुँचे। पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार: बच्चे के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मौत के असली कारणों (हार्ट अटैक या इंटरनल इंजरी) का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
- स्कूल की कार्यप्रणाली पर सवाल: परिजनों का यह भी गंभीर आरोप है कि इस स्कूल में केवल प्रणय ही नहीं, बल्कि अन्य छोटे बच्चों के साथ भी अक्सर मारपीट और प्रताड़ना का सिलसिला चलता था।
बढ़ता बच्चों पर मानसिक और शारीरिक दबाव
यह घटना एक बार फिर से देश भर के स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और शिक्षकों के रवैये पर बड़े सवालिया निशान खड़े करती है। छोटे बच्चों को पढ़ाने के नाम पर छड़ी और डंडे का इस्तेमाल करना न केवल कानूनन जुर्म है, बल्कि यह मासूमों के कोमल मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहरा आघात छोड़ता है। शिक्षा के नाम पर दी जाने वाली यह प्रताड़ना कब बंद होगी, यह एक बहुत बड़ा सवाल है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. विशाखापत्तनम की इस घटना में किस बच्चे की मौत हुई है?
मृतक बच्चे का नाम प्रणय तेजा है, जिसकी उम्र मात्र 6 वर्ष थी और वह विशाखापत्तनम के लिटिल गार्डन स्कूल में पढ़ता था।
2. बच्चे की मौत की मुख्य वजह क्या बताई जा रही है?
परिजन और सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, होमवर्क पूरा न करने पर शिक्षिका द्वारा की गई पिटाई के डर और सदमे के कारण बच्चा बेहोश होकर गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई। हालांकि, असल मेडिकल कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
3. इस मामले में पुलिस और प्रशासन ने क्या कदम उठाया है?
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आरडीओ (RDO) तथा पुलिस अधिकारी मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं।