देश की सेवा में अपना जीवन समर्पित करने वाले और सेवानिवृत्ति के बाद समाज सेवा का बीड़ा उठाने वाले भूतपूर्व सैनिक सुबेदार बदरुद्दीन साहब अब हमारे बीच नहीं रहे। एक लंबी और गंभीर बीमारी से जूझने के बाद उनका इंतकाल हो गया है। उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। इस दुखद घड़ी में समाज के विभिन्न वर्गों के लोग उनके पैतृक निवास पर पहुंचकर अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं।
घटना की सूचना मिलते ही पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर विधानसभा क्षेत्र संख्या 380 के भावी युवा विधायक प्रत्याशी और इंडियन जन सेवा दल के उभरते नेता मुकेश कुमार शर्मा तुरंत शोक संतप्त परिवार के बीच पहुंचे। उन्होंने दिवंगत सुबेदार बदरुद्दीन के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और इस अपूर्णीय क्षति पर गहरा दुख व्यक्त किया।
एक सच्चे सिपाही और समर्पित समाज सेवी को अंतिम विदाई
शोक संतप्त परिवार को सांत्वना देते हुए मुकेश कुमार शर्मा ने कहा कि सूफी बदरुद्दीन साहब का जाना केवल उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर और समाज के लिए एक बहुत बड़ा नुकसान है। उन्होंने कहा,
"सुबेदार बदरुद्दीन साहब ने देश की सरहदों की रक्षा करने के बाद समाज के दबे-कुचले और जरूरतमंद लोगों की सेवा करने का जो संकल्प लिया था, वह हम सभी के लिए प्रेरणादायक है। वह सिर्फ एक भूतपूर्व सैनिक नहीं थे, बल्कि एक बेहतरीन इंसान और सच्चे समाज सेवी भी थे, जिन्हें यह नगर हमेशा सम्मान के साथ याद रखेगा।"
मुकेश कुमार शर्मा ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोककुल परिवार को इस अपार दुख को सहने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।
गणमान्य लोग रहे मौजूद
इस कठिन समय में सुबेदार बदरुद्दीन के परिवार को सांत्वना देने और उन्हें ढांढस बंधाने के लिए क्षेत्र के कई प्रतिष्ठित और गणमान्य लोग उनके आवास पर उपस्थित रहे। इस दौरान प्रमुख रूप से निम्नलिखित लोग मौजूद रहे:
- रामजी शर्मा (प्रदेश सचिव, इंडियन जन सेवा दल)
- रामभोग शर्मा (विधानसभा अध्यक्ष, चकिया)
- लल्लन शर्मा (शुभचिंतक)
- रमेश प्रसाद शर्मा
- सुरेश प्रसाद शर्मा
- अरुण कुमार प्रजापति
इन सभी नेताओं और शुभचिंतकों ने भी सुबेदार बदरुद्दीन के साथ बिताए गए पलों को याद किया और उनके सामाजिक योगदान को सराहा। उपस्थित लोगों का कहना था कि सूफी साहब का पूरा जीवन अनुशासन, ईमानदारी और परोपकार की मिसाल रहा है।
क्षेत्र में पसरा सन्नाटा
सुबेदार बदरुद्दीन के निधन की खबर जैसे ही पूरे इलाके में फैली, स्थानीय बाजारों और गलियों में शोक छा गया। हर कोई उनके मिलनसार स्वभाव और सामाजिक कार्यों को याद कर रहा है। लोगों का कहना है कि उन्होंने सेना से रिटायर होने के बाद कभी भी आराम की जिंदगी नहीं चुनी, बल्कि हमेशा समाज के कल्याण के कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
उनकी अंतिम यात्रा और जनाजे में शामिल होने के लिए दूर-दूर से लोग उनके घर पहुंच रहे हैं। क्षेत्र के युवाओं और बुजुर्गों सभी की आंखें नम हैं। प्रशासनिक और स्थानीय स्तर पर भी कई गणमान्य लोगों ने उनके निधन पर शोक संदेश भेजे हैं।
बेशक सुबेदार बदरुद्दीन साहब आज हमारे बीच शारीरिक रूप से मौजूद नहीं हैं, लेकिन उनके द्वारा किए गए परोपकारी कार्य और राष्ट्र के प्रति उनकी निष्ठा हमेशा इस क्षेत्र के लोगों के दिलों में जीवित रहेगी। पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर उनका यह योगदान हमेशा याद रखेगा।