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यूपी में बिजली आपूर्ति ने तोड़े रिकॉर्ड, मांग पूरी करने में कई बड़े राज्य पिछड़े

यूपी में बिजली आपूर्ति ने तोड़े रिकॉर्ड, मांग पूरी करने में कई बड़े राज्य पिछड़े

उत्तर प्रदेश में बिजली व्यवस्था को लेकर इन दिनों एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। राज्य में लगातार बढ़ती बिजली की मांग के बावजूद योगी सरकार ने आपूर्ति के मोर्चे पर एक नया मुकाम हासिल किया है। हाल ही के आंकड़ों पर अगर गौर करें, तो उत्तर प्रदेश ने बिजली आपूर्ति के मामले में देश के कई बड़े और औद्योगिक रूप से विकसित राज्यों को भी पीछे छोड़ दिया है। त्योहारी सीजन और बदलते मौसम के बीच ऊर्जा विभाग की यह उपलब्धि राज्य के बुनियादी ढांचे के मजबूत होने की गवाही देती है.

रिकॉर्ड तोड़ मांग और सफल आपूर्ति

हाल ही में ऊर्जा विभाग द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में बिजली की मांग में लगातार इजाफा दर्ज किया जा रहा है, जिसे सरकार और पावर कॉरपोरेशन ने पूरी मुस्तैदी के साथ पूरा किया है। आंकड़ों पर नजर डालें तो:

  • तीन अक्टूबर 2026: प्रदेश में 24,779 मेगावाट की भारी-भरकम मांग के अनुरूप पूरी बिजली आपूर्ति की गई।
  • दो अक्टूबर 2026: इस दिन 23,939 मेगावाट की मांग सफलताਪੂर्वक पूरी की गई।
  • एक अक्टूबर 2026: बिजली की यह मांग 23,445 मेगावाट दर्ज की गई थी, जिसे सुचारू रूप से संचालित किया गया।

विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में बिजली की मांग को बिना किसी बड़े व्यवधान के पूरा करना अपने आप में एक बड़ी चुनौती है। मांग और आपूर्ति के इस संतुलन के मामले में उत्तर प्रदेश ने तेलंगाना, तमिलनाडु, कर्नाटक और पंजाब जैसे राज्यों को पीछे छोड़ दिया है, जो ऊर्जा प्रबंधन के क्षेत्र में एक सकारात्मक संकेत है।

कुदरती आपदाओं से मुकाबला और युद्धस्तर पर बहाली

हर विकास कार्य और व्यवस्था के सामने चुनौतियां भी आती हैं। सितंबर महीने के अंतिम सप्ताह में उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले कई वर्षों के मुकाबले सबसे तेज आंधी-तूफान और भारी बारिश का सामना करना पड़ा था। इस प्राकृतिक आपदा के कारण राज्य के विद्युत ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा था।

विशेष रूप से पूर्वांचल और मध्यांचल के जिलों में स्थिति अधिक गंभीर हो गई थी। आंकड़ों के अनुसार, इस आंधी-तूफान की वजह से 100 से अधिक 33 केवी सबस्टेशन और 500 से अधिक 11 केवी फीडर पूरी तरह से प्रभावित हो गए थे, जिससे लाखों उपभोक्ताओं की बत्ती गुल हो गई थी। ऐसे समय में उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) की टीमों ने अनुकरणीय मिसाल पेश की।

मैदान में उतरी तकनीकी टीमों ने दिन-रात एक करते हुए युद्धस्तर पर काम किया। जहां एक तरफ भारी पेड़ों के गिरने से लाइनें टूट गई थीं, वहीं दूसरी तरफ सबस्टेशनों की मरम्मत का काम कठिन परिस्थितियों में किया गया। कर्मचारियों की इस त्वरित कार्रवाई का ही नतीजा रहा कि बेहद कम समय में आंधी-तूफान से प्रभावित हुए इलाकों में बिजली आपूर्ति को पूरी तरह से सामान्य कर लिया गया।

सेवा संकल्प अभियान 2026: मेंटेनेंस और सुरक्षा पर जोर

भविष्य में इस तरह की आपदाओं और तकनीकी फाल्ट्स से होने वाले नुकसान को कम से कम करने के लिए सरकार ने पहले से ही कमर कस ली है। प्रदेशभर में वर्तमान में 'सेवा संकल्प अभियान 2026' चलाया जा रहा है, जिसके तहत अनुरक्षण (Maintenance) कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।

इस अभियान के अंतर्गत निम्नलिखित महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं:

  • बिजली की मुख्य लाइनों और उससे जुड़े अन्य ढांचों का नियमित और गहन मेंटेनेंस।
  • विद्युत लाइनों के आसपास या उनके संपर्क में आने वाली पेड़ों की टहनियों और डालियों की सुनियोजित छंटाई।
  • सबस्टेशनों और ट्रांसफार्मर के आसपास की साफ-सफाई ताकि शॉर्ट सर्किट जैसी घटनाओं से बचा जा सके।
  • मौसम खराब होने या आंधी-बारिश की चेतावनी मिलने से पहले ही संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षात्मक उपाय करना।

इन तमाम कवायदों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मौसम चाहे जैसा भी हो, उपभोक्ताओं के घरों की बत्ती न बुझे और उन्हें लगातार निर्बाध बिजली मिलती रहे।

उपभोक्ता संतुष्टि और पारदर्शिता पर विशेष फोकस

योगी सरकार का मुख्य विजन केवल बिजली के उत्पादन और ट्रांसमिशन तक सीमित नहीं है, बल्कि उपभोक्ता अनुभव को बेहतर बनाना भी उनकी प्राथमिकता में शामिल है। विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि उपभोक्ताओं के प्रति रवैया बेहद संवेदनशील और सहयोगात्मक होना चाहिए। बिजली चोरी जैसी समस्याओं से सख्ती से निपटने के साथ-साथ ईमानदार उपभोक्ताओं को विभाग का सहयोगी मानने की संस्कृति को बढ़ावा दिया जा रहा है।

शिकायत निवारण प्रणाली को भी पूरी तरह से पारदर्शी बना दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत:

  • यदि किसी क्षेत्र में फाल्ट के कारण बिजली आपूर्ति बाधित होती है, तो इसकी सूचना तुरंत कॉल सेंटर पर दर्ज की जानी चाहिए।
  • उपभोक्ता को फोन या डिजिटल माध्यम से यह स्पष्ट रूप से बताया जाना चाहिए कि बिजली किस कारण से कटी है और इसे ठीक करने में कितना समय लगेगा।
  • बिजली की बहाली होते ही उपभोक्ता को मोबाइल पर मैसेज के जरिए इसकी आधिकारिक सूचना भेजी जाएगी।

इस पूरी प्रक्रिया की उच्च स्तर पर नियमित समीक्षा भी की जा रही है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि मैदानी स्तर पर काम कर रहे अधिकारी और कर्मचारी पूरी जवाबदेही के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश का पावर सेक्टर जिस तेजी के साथ आधुनिकरण और बेहतर प्रबंधन की ओर बढ़ रहा है, वह सराहनीय है। एक तरफ जहां रिकॉर्ड बिजली मांग को सफलतापूर्वक पूरा किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र (Rapid Response System) को भी मजबूत किया गया है। सरकार की इन नीतियों और कर्मचारियों की मेहनत से आने वाले दिनों में प्रदेश के आम नागरिकों और उद्योगों को और अधिक भरोसेमंद, सुरक्षित और निर्बाध बिजली मिलने का रास्ता साफ हो गया है।

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निवेदिता ठाकुर

निवेदिता ठाकुर

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निवेदिता ठाकुर जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती है...

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