वाराणसी/बिजनौर: चक्रवाती तूफान 'अर्नब' का प्रभाव अब उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में साफ तौर पर दिखने लगा है। लगातार हो रही बारिश और खराब मौसम के बीच वज्रपात यानी आसमानी बिजली गिरने की खतरनाक घटनाएं सामने आ रही हैं। ताजा मामला बिजनौर जिले के राजा का ताजपुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सेलाखेड़ी गांव का है, जहां गुरुवार की आधी रात लगभग डेढ़ बजे एक भयंकर हादसा हुआ।
आधी रात को जोरदार धमाका और दहशत
गुरुवार की देर रात क्षेत्र में मौसम का मिजाज पूरी तरह बिगड़ गया था। इसी दौरान कड़कड़ाती बिजली सीधे गांव के एक मंदिर पर आ गिरी। बिजली गिरने की तीव्रता इतनी अधिक थी कि उसका झटका सहन करते ही मंदिर का शिखर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इस वज्रपात के साथ हुए भीषण धमाके की आवाज से पूरा गांव दहल उठा और गहरी नींद में सो रहे ग्रामीण सहमकर अपने घरों से बाहर निकल आए। लोग तुरंत टॉर्च और लाइट लेकर आवाज की दिशा में घटनास्थल की ओर दौड़े।
स्कूल की छत फाड़कर क्लासरूम में गिरा मलबा
ग्रामीणों ने जब मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया, तो पता चला कि आकाशीय बिजली की चपेट में आने से केवल मंदिर ही नहीं, बल्कि उससे सटा हुआ स्कूल भी इसकी जद में आ गया है। वज्रपात के कारण मंदिर के शिखर का भारी-भरकम हिस्सा टूटकर नीचे आ गिरा। यह मलबा पास ही स्थित एक स्कूल की पक्की छत को पूरी तरह चीरते हुए सीधे अंदर क्लासरूम के फर्श पर आ धमका। छत टूटने के कारण कक्षा के भीतर रखा फर्नीचर और शिक्षण सामग्री भी मलबे के नीचे दबकर नष्ट हो गई।
बड़ी अनहोनी टली, कोई हताहत नहीं
गनीमत यह रही कि यह दुर्घटना आधी रात को करीब डेढ़ बजे हुई। इस समय विद्यालय पूरी तरह बंद था और वहां कोई भी छात्र, शिक्षक या अन्य कर्मचारी मौजूद नहीं था। यदि यह घटना दिन के समय स्कूल संचालन के दौरान होती, तो एक बड़ा मानवीय संकट पैदा हो सकता था। मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन ने खराब मौसम के दौरान लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और पेड़ों या बिजली के उपकरणों से दूर रहने की सलाह दी है।