मेरठ के चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड से जुड़े मकान को लगभग 19 महीने बाद आखिरकार खोल दिया गया है। इसी घर के अंदर मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल ने मिलकर सौरभ की हत्या की थी और शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में सीमेंट डालकर छिपा दिए थे। अब मकान मालिक ने घर की सफाई करवा ली है और वहां पुताई तथा धार्मिक अनुष्ठान की तैयारियां चल रही हैं।
उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इंदिरानगर इलाके में यह मकान स्थित है। मकान मालिक ओमपाल सिंह मूल रूप से हरियाणा के पलवल जिले के हथीन गांव के रहने वाले हैं और पहले उनका खंदक बाजार में कपड़ों का कारोबार था। बेटे विकास के निधन के बाद उन्होंने वह व्यवसाय बंद कर दिया था। हत्या की इस सनसनीखेज वारदात के बाद से मकान का वह हिस्सा लगातार बंद चल रहा था, जिससे मालिक को करीब दो लाख रुपये का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। मकान मालिक के अनुसार, अब दीपावली के बाद घर में विधिवत हवन और शुद्धिकरण कराया जाएगा, ताकि लंबे समय से वीरान पड़े इस परिसर में फिर से सकारात्मक माहौल बन सके।
पुलिस की मौजूदगी में توड़े गए ताले और सामान हुआ बरामद
बीते बुधवार को ब्रह्मपुरी थाने की पुलिस टीम की मौजूदगी में इस सीलशुदा मकान के ताले तोड़े गए। शाम करीब पांच बजे मुख्य दरवाजे और अंदरूनी कमरों के ताले ईंटों की मदद से हटाए गए। इस दौरान मृत सौरभ की मां रेणू देवी, उनके बड़े भाई राहुल उर्फ बबलू और मकान मालिक ओमपाल सिंह मौके पर मौजूद रहे। पुलिस की देखरेख में घर की सघन तलाशी ली गई और वहां मौजूद सामान को बाहर निकाला गया। इसके बाद पुलिस ने सभी घरेलू सामान की एक सूची तैयार की और सौरभ का बचा हुआ सामान उसके भाई राहुल को औपचारिक रूप से सौंप दिया। जब परिजन उस कमरे के भीतर गए जहां सौरभ की हत्या को अंजाम दिया गया था, तो मां रेणू देवी और भाई राहुल की आंखें नम हो गईं और वे फफक कर रो पड़े।
कमरों में बिखरा था सामान और आ रही थी दुर्गंध
मार्च 2025 से बंद पड़े इस मकान के भीतर कदम रखते ही असहनीय दुर्गंध महसूस हुई, जो मुख्य रूप से पलंग के बॉक्स से आ रही थी। लंबे समय तक कोई आवाजाही न होने के कारण कमरों के अंदर कपड़े, जूते, बर्तन और अन्य जरूरी घरेलू सामान इधर-उधर बिखरे पड़े थे। पुलिस ने अपनी कानूनी कार्यवाही के तहत घर के अंदर रखे हर सामान का पूरा विवरण दर्ज किया और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे पीड़ित परिवार के सुपुर्द कर दिया।
लंदन से लौटने के बाद रची गई थी खौफनाक साजिश
यह पूरा मकान ओमपाल सिंह का है, जिसके एक हिस्से में सौरभ और उसकी पत्नी मुस्कान किराये पर रहते थे। सौरभ रोजगार के सिलसिले में कुछ समय पहले लंदन चले गए थे, जबकि मुस्कान अपनी बेटी पीहू के साथ इसी मकान में रह रही थी। इसी दौरान मुस्कान के संबंध उसके बचपन के दोस्त साहिल के साथ गहरे हो गए। जब फरवरी 2025 में सौरभ अपनी पत्नी और बेटी के जन्मदिन के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए लंदन से मेरठ वापस लौटे, तो उनके बीच दूरियां बढ़ चुकी थीं। आरोप है कि 3 मार्च की रात को मुस्कान ने खाने में नशीली और बेहोशी की दवा मिलाकर सौरभ को अचेत कर दिया, जिसके बाद मुस्कान और साहिल ने मिलकर धारदार चाकू से उनकी हत्या कर दी।
नीले ड्रम में सीमेंट भरकर ठिकाने लगाने की कोशिश
हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने के लिए सौरभ के शव को पांच अलग-अलग हिस्सों में काट दिया और सिर को धड़ से पूरी तरह अलग कर दिया। इसके बाद शव के सभी अंगों को एक नीले प्लास्टिक के ड्रम में भरकर उसके ऊपर सीमेंट जमा दिया ताकि दुर्गंध बाहर न आए। इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी हिमाचल प्रदेश घूमने के लिए निकल गए थे। हालांकि, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 18 मार्च 2025 को मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार कर इस पूरे मामले का पर्दाफाश किया था। पुलिस ने मौके से नीले ड्रम में छिपाया गया शव बरामद किया था और मृतक के भाई राहुल की तहरीर पर दोनों आरोपियों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।