महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ एक व्यापक और कड़ा अभियान चलाया है। इस मुहिम के दौरान राज्यभर में की गई छापेमारी में करोड़ों रुपये का अवैध, एक्सपायरी और मिलावटी सामान बरामद किया गया है। अधिकारियों ने इस मामले में संलिप्त लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए कई व्यावसायिक लाइसेंस भी निलंबित कर दिए हैं।
अन्न व औषधि प्रशासन द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, जून से अक्टूबर 2026 के बीच चलाए गए विशेष अभियान में कुल 5.01 करोड़ रुपये का एक्सपायरी खाद्य सामान जब्त किया गया है। इसके साथ ही, खाद्य तेलों में मिलावट के खिलाफ एक अन्य अलग अभियान के तहत 1 अप्रैल से 29 अक्टूबर 2026 के बीच 18.95 करोड़ रुपये का मिलावटी और अमानक तेल पकड़ा गया है। प्रशासन की इस बड़ी कार्रवाई से खाद्य पदार्थों के कारोबार में अवैध रूप से सक्रिय सिंडिकेट में हड़कंप मच गया है।
नवी मुंबई के तुर्भे में सबसे बड़ी जब्ती
एफडीए की यह कार्रवाई राज्य के कई प्रमुख इलाकों में की गई, जिसमें नवी मुंबई का तुर्भे इलाका सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा। अकेले तुर्भे में प्रशासन ने 4.12 करोड़ रुपये का एक्सपायरी सामान बरामद किया, जो कुल जब्त किए गए एक्सपायरी माल का लगभग 82 प्रतिशत है। इसके अतिरिक्त, भिवंडी क्षेत्र की सात अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर 73.31 लाख रुपये का एक्सपायरी माल और सामग्री जब्त की गई। इस पूरे मामले में अब तक 34 आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की गई है और संबंधित प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।
गोदामों और भंडारण के लिए नए कड़े नियम
भविष्य में इस तरह की अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए एफडीए ने बेहद सख्त निर्देश जारी किए हैं। अब राज्य के सभी गोदामों और भंडारण केंद्रों में एक्सपायरी सामान को रखने के लिए एक अलग और बंद कमरा होना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा, परिसरों में सीसीटीवी कैमरों की निगरानी रखना और एक्सपायरी माल को नष्ट करने की पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग करना भी अनिवार्य किया गया है। गोदामों से किसी भी प्रकार का माल हटाने से कम से कम सात दिन पहले एफडीए को इसकी आधिकारिक सूचना देनी होगी। यदि कोई व्यक्ति या संस्थान गलत जानकारी देता है, तो उस पर 10 लाख रुपये तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।
खाद्य तेलों में मिलावट पर भी कड़ा शिकंजा
एक्सपायरी सामान के अलावा एफडीए ने मिलावटी खाद्य तेलों की बिक्री के खिलाफ भी अभियान तेज कर दिया है। 1 अप्रैल से 29 अक्टूबर 2026 के बीच राज्यभर से खाद्य तेल के कुल 1,660 नमूने (सैंपल) लेकर जांच के लिए भेजे गए। इस दौरान कुल 28,753 क्विंटल मिलावटी और अमानक तेल जब्त किया गया, जिसकी कुल बाजार कीमत 18.95 करोड़ रुपये आंकी गई है।
मात्रा के हिसाब से सबसे अधिक मिलावटी तेल पुणे विभाग से पकड़ा गया, जहां 19,551 क्विंटल तेल जब्त किया गया। वहीं, वित्तीय मूल्य के लिहाज से छत्रपति संभाजीनगर सबसे आगे रहा, जहां 8.34 करोड़ रुपये का तेल पकड़ा गया है। खाद्य पदार्थों में मिलावट, गंदगी और बिना उचित लेबल के तेल बेचने के गंभीर आरोपों के चलते प्रशासन ने कुल 80 लाइसेंस निलंबित किए हैं, जिनमें अकेले छत्रपति संभाजीनगर क्षेत्र के 27 लाइसेंस शामिल हैं।