कानपुर में जनगणना-2027 की तैयारियां शुरू। 10,500 कार्मिक होंगे तैनात, डिजिटल माध्यम से होगी गणना और पूछे जाएंगे 40 सवाल। जानें पूरी प्रक्रिया।
कानपुर में जनगणना-2027 की तैयारियां तेज, 10,500 कार्मिक संभालेंगे मोर्चा
कानपुर नगर में आगामी जनगणना-2027 को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं। जिला प्रशासन ने इस राष्ट्रीय और महत्वपूर्ण कार्य को पूरी पारदर्शिता, शुद्धता और समयबद्धता के साथ पूरा करने के लिए रूपरेखा तैयार कर ली है। जनपद में इस पूरी प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए लगभग 10,500 कार्मिकों को तैनात किया जाएगा, जो घर-घर जाकर आंकड़े जुटाएंगे।
प्रशिक्षण सत्र और डीएम के निर्देश
जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने हाल ہی में मर्चेंट चैंबर सभागार में आयोजित जोन-4 के प्रगणकों और सुपरवाइजरों के प्रशिक्षण सत्र को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने प्रशिक्षण की गुणवत्ता का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों और मैदानी कर्मचारियों को निर्देश दिए कि आंकड़ों की शुद्धता में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए और शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनगणना से मिलने वाले आधिकारिक आंकड़े देश की भावी नीतियों, विकास योजनाओं और संसाधनों के प्रभावी नियोजन के लिए सबसे महत्वपूर्ण आधार होते हैं। उन्होंने सभी तैनात कार्मिकों से आग्रह किया कि वे इस राष्ट्रीय दायित्व को पूरी निष्ठा और गंभीरता के साथ निभाएं। प्रत्येक व्यक्ति और परिवार का विवरण दर्ज करते समय पूरी सावधानी बरती जाए। साथ ही, सभी प्रगणकों और सुपरवाइजरों को डिजिटल टूल्स और मोबाइल एप्लीकेशन के व्यावहारिक उपयोग का समुचित प्रशिक्षण प्राप्त करने के निर्देश भी दिए गए ताकि डिजिटल माध्यम से होने वाली यह गणना त्रुटिरहित हो सके।
कोई व्यक्ति न छूटे, बस्तियों पर विशेष ध्यान
प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि जनगणना के दौरान कोई भी पात्र व्यक्ति या परिवार इस प्रक्रिया से वंचित न रहे। विशेष रूप से मलिन बस्तियों, झुग्गी-झोपड़ियों और गैर-अधिसूचित बस्तियों में रहने वाले नागरिकों को भी पूरी तरह से गणना दायरे में शामिल किया जाएगा। कमजोर और वंचित वर्गों के प्रति मैदानी स्तर पर संवेदनशील व्यवहार रखने की हिदायत दी गई है।
प्रशासन के अनुसार, आगामी निर्वाचन संबंधी गतिविधियों और आदर्श आचार संहिता लागू होने की संभावना को देखते हुए समय-सारिणी का कड़ाई से पालन करना बेहद जरूरी है। जनगणना और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े कार्यों के बीच आपसी समन्वय बनाए रखने को कहा गया है ताकि निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण हो सके।
महत्वपूर्ण तिथियां और चरण
जनगणना-2027 के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण और आवास जनगणना का कार्य निर्धारित किया गया था। अब द्वितीय चरण के तहत निम्नलिखित तिथियां तय की गई हैं:
- 16 से 30 नवंबर 2026: ऑनलाइन स्वगणना की अवधि
- एक दिसंबर 2026 से चार जनवरी 2027: घर-घर जाकर जनसंख्या गणना
- पांच से नौ जनवरी 2027: पुनरीक्षण कार्य
यह पूरी जनगणना पूरी तरह से डिजिटल माध्यम से संपन्न कराई जाएगी, जिससे डेटा संकलन की गति और सटीकता दोनों में सुधार होगा।
जनगणना में पूछे जाएंगे कुल 40 सवाल
जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के दौरान नागरिकों से कुल 40 विभिन्न प्रश्न पूछे जाएंगे। इन प्रश्नों में व्यक्ति का नाम, परिवार के मुखिया से संबंध, लिंग, जन्मतिथि, आयु, वैवाहिक स्थिति, विवाह के समय आयु, राष्ट्रीयता, धर्म, जाति, दिव्यांगता, मातृभाषा, अन्य भाषाओं का ज्ञान, साक्षरता, डिजिटल साक्षरता और शैक्षिक योग्यता शामिल हैं।
इसके अलावा रोजगार की स्थिति, व्यवसाय, आर्थिक गतिविधि, जन्मस्थान, पूर्व निवास स्थान, प्रवासन के कारण, बच्चों की संख्या और कोविड टीकाकरण से जुड़े विवरण भी दर्ज किए जाएंगे। इन सवालों में आधार संख्या, मतदाता पहचान पत्र और पासपोर्ट से जुड़ा विवरण भी शामिल रहेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के दौरान नागरिकों को कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य नहीं होगा।