बरेली के किला थाना क्षेत्र स्थित राजकीय संप्रेक्षण गृह से चोरी के आरोपी किशोर के फरार होने पर तीन सुरक्षा कर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज।
सुरक्षा में तैनात तीन कर्मचारियों की लापरवाही आई सामने, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर तलाश जारी
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था में एक बार फिर बड़ी चूक का मामला सामने आया है। किला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले राजकीय संप्रेक्षण गृह से चोरी के आरोप में निरुद्ध एक किशोर फरार हो गया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद अधिकारियों में हड़कंप मच गया और तुरंत उसकी तलाश शुरू की गई। किशोर के भागने के मामले में संप्रेक्षण गृह के सहायक अधीक्षक की तहरीर पर पुलिस ने सुरक्षा में तैनात तीन कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
न्याय बोर्ड के आदेश पर 14 अक्टूबर को हुआ था दाखिल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इज्जतनगर थाना क्षेत्र के फरीदपुर चौधरी निवासी इस किशोर को juvenile justice board (किशोर न्याय बोर्ड) के आदेश पर गत 14 अक्टूबर को राजकीय संप्रेक्षण गृह में दाखिल कराया गया था। उसके खिलाफ इज्जतनगर थाने में चोरी का मामला दर्ज था, जिसके तहत वह यहां न्यायिक हिरासत में रह रहा था। संप्रेक्षण गृह में प्रवेश के बाद से ही उसकी निगरानी के लिए विशेष सुरक्षा प्रबंध किए गए थे।
19 अक्टूबर को सामने आई फरार होने की बात
किशोर ने संप्रेक्षण गृह से कब और कैसे पलायन किया, इसकी स्पष्ट जानकारी 19 अक्टूबर को सामने आई। जब अधिकारियों को उसके गायब होने का पता चला, तो तुरंत आंतरिक स्तर पर उसकी खोजबीन की गई। सुरक्षा कर्मचारियों को शहर के रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य संभावित ठिकानों पर भेजा गया, ताकि भागने के तुरंत बाद उसे पकड़ा जा सके। हालांकि, काफी तलाश के बाद भी किशोर का कोई सुराग नहीं लग सका है।
तीन सुरक्षा कर्मियों के खिलाफ दर्ज हुई प्राथमिकी
घटना के बाद राजकीय संप्रेक्षण गृह के सहायक अधीक्षक ने किला थाने में लिखित शिकायत दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने सुरक्षा में तैनात तीन कर्मियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। आरोपी बनाए गए कर्मचारियों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मोहम्मद वारिस के अलावा होमगार्ड फुलेंद्र और होमगार्ड कुंवर सैन शामिल हैं। इन तीनों पर किशोर की सुरक्षा और निगरानी की मुख्य जिम्मेदारी थी, लेकिन इनकी कथित लापरवाही के चलते किशोर संप्रेक्षण गृह से भागने में सफल रहा।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किशोर की तलाश के लिए विभिन्न टीमों को लगाया गया है और उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। साथ ही, संप्रेक्षण गृह के भीतर सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूक की भी प्रशासनिक स्तर पर जांच की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।