दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 के तहत कानपुर नगर में मोबाइल कोर्ट का आयोजन किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और उनकी समस्याओं का त्वरित निस्तारण करना है।
दिव्यांगजनों को सम्मानजनक जीवन जीने और समाज में समान अवसरों के साथ भागीदारी करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राज्य आयुक्त, दिव्यांगजन, उत्तर प्रदेश की ओर से आगामी 23 अक्टूबर 2026 को प्रातः 10 बजे से शाम 4 बजे तक विशेष आयोजन तय किया गया है। यह मोबाइल कोर्ट डॉ. अम्बेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी फॉर दिव्यांगजन, अवधपुरी, लखनपुर, कानपुर नगर के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित किया जाएगा।
अधिकारों और योजनाओं के प्रति जागरूकता पर जोर
जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी विनय उत्तम ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 के प्रावधानों के अनुरूप यह कदम उठाया गया है। इसका उद्देश्य दिव्यांगजनों को उनके कानूनी अधिकारों और संचालित सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना है। इसके साथ ही, उनके साथ होने वाले किसी भी प्रकार के भेदभाव को समाप्त करने तथा समाज में उनकी पूर्ण एवं प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, इस मोबाइल कोर्ट के माध्यम से दिव्यांगजनों को एक समेकित वातावरण में कई महत्वपूर्ण सुविधाएं और अधिकार संबंधी समाधान मिलेंगे। इसमें 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए निःशुल्क शिक्षा, शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश, रोजगार में आरक्षण, गरीबी उन्मूलन और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ शामिल है। इसके अलावा, दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी किए जाने से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया जाएगा। इस पहल का एक अन्य प्रमुख लक्ष्य विशेष रूप से दूरस्थ, पिछड़े एवं ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले दिव्यांगजनों तक पहुंच बनाना और उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना है।
कार्यालय में जल्द जमा करनी होंगी शिकायतें
मोबाइल कोर्ट के दौरान विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे, जो सीधे तौर पर दिव्यांगजनों की समस्याएं सुनेंगे। पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए इस दौरान आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस विशेष पहल से दिव्यांगजनों को अपनी शिकायतें सीधे संबंधित प्राधिकरण के समक्ष रखने का अवसर मिलेगा, जिससे प्रशासनिक स्तर पर उनकी समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया अधिक सुगम और पारदर्शी बन सकेगी।
जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी ने सभी दिव्यांगजनों और उनके प्रतिनिधियों से यह अपील की है कि वे अपनी समस्याओं और शिकायतों को निर्धारित प्रपत्र पर दर्ज करें। इस प्रपत्र को जल्द से जल्द जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी कार्यालय में उपलब्ध कराना होगा, ताकि मोबाइल कोर्ट के संचालन के दौरान राज्य आयुक्त, दिव्यांगजन, उत्तर प्रदेश के माध्यम से उनका प्रभावी निस्तारण कराया जा सके।