इलाहाबाद-झांसी स्नातक खंड समेत 11 सीटों पर होने वाले विधान परिषद (एमएलसी) चुनावों से ठीक पहले मतदाता सूची में गंभीर अनियमितताएं और फर्जी नाम सामने आने का मामला तूल पकड़ गया है। मतदान से महज 30 घंटे पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुई वोटर लिस्ट में अजब-गजब और फर्जी प्रतीत होने वाले नाम सामने आने के बाद निर्वाचन आयोग हरकत में आया है।
बुधवार शाम सोशल मीडिया पर इलाहाबाद-झांसी स्नातक खंड निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची तेजी से वायरल हुई, जिसमें दर्ज नामों को देखकर पहली नजर में ही प्रशासनिक लापरवाही की कलई खुल गई। सूची में कई ऐसे नाम और अभिभावकों के नाम दर्ज हैं जो पूरी तरह से अस्वाभाविक और हास्यास्पद हैं। शुरुआती अनदेखी के बाद जब मामला सोशल मीडिया के माध्यम से उच्च स्तर तक पहुंचा, तब आधी रात के बाद चुनाव आयोग की नींद खुली।
रात 1.32 बजे एक्स पर जारी हुआ जांच का आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय की ओर से बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात करीब 1.32 बजे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के माध्यम से आधिकारिक जांच का आदेश जारी किया गया। आयोग ने स्पष्ट किया कि इलाहाबाद-झांसी स्नातक खंड निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में कुछ अजीब और संदिग्ध नामों के शामिल होने की जानकारी मिली है। इसके बाद झांसी के मंडलायुक्त, जो इस निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी भी हैं, को तत्काल मामले की जांच कर गुरुवार दोपहर तक विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
वायरल सूची में दर्ज हैं हैरान करने वाले नाम
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही मतदाता सूची में दर्ज प्रविष्टियां प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। सूची के विभिन्न भागों में दर्ज नामों और पतों ने सभी को हैरान कर दिया है:
- भाग संख्या 81 के क्रमांक संख्या 696 पर मतदाता का नाम नरेंद्र यादव है, जबकि उनके पिता के नाम के कॉलम में 'बीकाम' लिखा गया है, और उनका पता ईडब्ल्यूएस आवास विकास कॉलोनी दर्ज है।
- भाग संख्या 15 के क्रमांक 82 पर मतदाता का नाम 'मोहम्मद पागल रेहान' और पिता का नाम 'मोहम्मद हाशिम' दर्ज है, जिनका पता दारागंज बताया गया है।
- भाग संख्या 189 के क्रम संख्या 1034 पर 'मूर्ख काली देवी' का नाम दर्ज है।
- कुछ प्रविष्टियों में संवाद शैली के वाक्य नाम के रूप में दर्ज हैं, जैसे भाग संख्या 9 के क्रमांक 119 पर 'इरफान अली ने कहा', भाग संख्या 2 के क्रमांक 1205 पर 'फैज अब्बास ने कहा' और भाग संख्या 252 के क्रमांक 566 पर 'खालिद अली ने कहा' दर्ज है।
- भाग संख्या 69 के क्रमांक 351 पर मतदाता का नाम और पिता का नाम दोनों ही 'टक्कर मारना' दर्ज किया गया है।
- भाग संख्या 72 के क्रमांक 415 पर 'राम ने यादव को मारा' नाम दर्ज है, जिनके पिता का नाम 'मूर्ख चंद यादव' और पता रतौरा सरायइनायत लिखा है। इसी प्रकार भाग संख्या 133 के क्रमांक 768 पर रवि शर्मा के पिता का नाम 'राम ने शर्मा को मारा' दर्ज है।
पहले भी मिल चुकी थीं शिकायतें
स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि मतदाता सूची में इन त्रुटियों और फर्जी प्रविष्टियों की शिकायतें पहले भी स्थानीय निर्वाचन से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों से की गई थीं, लेकिन उस समय इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया और न ही कोई सुधारात्मक कार्रवाई की गई। अब जब सोशल मीडिया पर यह सूचियां सार्वजनिक हो गईं और व्यापक रूप से वायरल होने लगीं, तब निर्वाचन आयोग ने स्वतः संज्ञान लेते हुए आपातकालीन कदम उठाया है।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शुक्रवार को मतदान संपन्न होना है। ऐसे में मतदान से ठीक पहले सामने आई इस बड़ी प्रशासनिक चूक और चुनाव आयोग द्वारा बिठाई गई जांच के बाद अब यह देखना अहम होगा कि इस पूरी प्रक्रिया पर क्या और किस प्रकार का प्रभाव पड़ता है।