इलाहाबाद हाईकोर्ट में आज होगी मामले की सुनवाई, ट्रायल कोर्ट में सभी गवाहों के बयान हुए पूरे
बरेली के चर्चित जैन दंपती हत्याकांड मामले में आरोपी गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी की ओर से दायर याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई प्रस्तावित है। यह मामला हाईकोर्ट की कोर्ट नंबर 65 में न्यायमूर्ति समीर जैन के समक्ष सूचीबद्ध किया गया है, जहां याचिका से संबंधित पत्रावली के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया भी लंबित चल रही है।
मुकदमे की वर्तमान स्थिति और ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही
वादिनी डॉ. प्रगति जैन के अधिवक्ता उमंग रावत शीनू के अनुसार, जैन दंपती हत्याकांड का यह आपराधिक मुकदमा वर्तमान में अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट-10, राघवेंद्र मणि की अदालत में विचाराधीन है। निचली अदालत यानी ट्रायल कोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई के लिए चार नवंबर की तारीख निर्धारित की गई है। वादी पक्ष के अधिवक्ताओं का कहना है कि ट्रायल कोर्ट में इस बहुचर्चित मामले से जुड़े सभी गवाहों के बयान दर्ज किए जाने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसके अलावा, मुकदमे की शुरुआती सुनवाई के दौरान जो दस्तावेज गायब बताए जा रहे थे, उन्हें भी अब ट्रायल कोर्ट में विधिवत दाखिल किया जा चुका है।
वादी पक्ष और अभियोजन पक्ष का रुख
इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल की गई याचिका का वादी पक्ष और अभियोजन पक्ष दोनों की ओर से कड़ा विरोध किया जा रहा है। अधिवक्ता उमंग रावत शीनू का तर्क है कि इस तरह याचिका दाखिल किए जाने से निचली अदालत में चल रहे मुकदमे की सुनवाई अनावश्यक रूप से प्रभावित और विलंबित हो सकती है। इसे मुकदमे को लंबा खींचने का एक प्रयास बताया गया है। हालांकि, याचिका में उठाए गए कानूनी आधार क्या हैं और उस पर उच्च न्यायालय का रुख क्या रहता है, यह अदालत की सुनवाई पूरी होने के बाद ही आधिकारिक तौर पर स्पष्ट हो सकेगा।
अंतिम चरण में पहुंचा मामला
अधिवक्ता का यह भी कहना है कि उच्च न्यायालय के पूर्व आदेशों के अनुपालन और उसके बाद हुई कार्रवाई के परिणामस्वरूप यह आपराधिक मुकदमा अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। हाईकोर्ट में आज होने वाली सुनवाई के दौरान पत्रावली और याचिका से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर स्थिति साफ होने की उम्मीद है। इसके साथ ही, चार नवंबर को ट्रायल कोर्ट में तय की गई तारीख पर मामले की अग्रिम न्यायिक कार्यवाही को आगे बढ़ाया जाएगा।