सपा नेता आजम खान ने ईडी द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तारी को सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती। अदालत ने तत्काल सुनवाई से किया इनकार।
मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सपा नेता ने खटखटाई शीर्ष अदालत की चौखट, गाजियाबाद कोर्ट ने भेजा है 14 दिन की न्यायिक हिरासत में
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान ने प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी द्वारा धनशोधन के एक नए मामले में अपनी गिरफ्तारी को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है। शीर्ष अदालत ने इस याचिका पर सुनवाई करने पर सहमति जताई है, हालांकि अदालत ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है।
न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता निजाम पाशा की दलीलों पर गौर करते हुए संकेत दिया कि इस याचिका को इस सप्ताह सूचबद्व किया जा सकता है। सपा नेता की ओर से इस मामले में जल्द सुनवाई का अनुरोध किया गया था, जिसे अदालत ने फिलहाल टाल दिया है।
जेल से रिहाई के तुरंत बाद हुई थी गिरफ्तारी
इससे पहले पिछले रविवार को गाजियाबाद की एक विशेष अदालत ने आजम खान को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। जौहर ट्रस्ट से जुड़े धनशोधन मामले में सपा नेता को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अदालत के समक्ष पेश किया गया था, जहां उन्हें देखने के लिए उनके समर्थकों की खासी भीड़ मौजूद थी। प्रवर्तन निदेशालय ने 31 अक्टूबर को इस नए मामले में आजम खान को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया था।
यह कानूनी कार्रवाई तब सामने आई जब दो पैन कार्ड रखने से जुड़े एक अन्य मामले में जमानत मिलने के बाद आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को रामपुर जिला जेल से रिहा किया गया था। जेल से बाहर आते ही केंद्रीय जांच एजेंसी ने उन्हें इस नए मामले में अपनी गिरफ्त में ले लिया। उल्लेखनीय है कि समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता पिछले कुछ वर्षों से अपने खिलाफ दर्ज कई अन्य आपराधिक और कानूनी मामलों का सामना कर रहे हैं। इस ताजा घटनाक्रम के बाद उनके समर्थकों में सुगबुगाहट तेज हो गई है और रामपुर में इस सिलसिले में पोस्टरों के जरिए प्रदर्शन व प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिली हैं, जिस पर स्थानीय पुलिस प्रशासन ने भी अपनी नजर बनाए रखी है।