रामपुर में सपा नेता आजम खान और अब्दुल्ला के समर्थन में लगे विवादित होर्डिंग पुलिस ने हटवाए। होर्डिंग पर जेल से छूटने का नारा और फिलिस्तीनी झंडा होने का मामला सामने आया है।
रामपुर में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम के समर्थन में लगाए गए विवादित होर्डिंग्स को पुलिस ने हटवा दिया है। इन होर्डिंग्स पर 'जेल के ताले टूटेंगे, आजम खान छूटेंगे' नारा लिखा हुआ था और इसके साथ एक झंडा भी बना था, जिसे फिलिस्तीन देश का बताया जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ये विवादित होर्डिंग्स रामपुर के चाकू चौराहा और शहजाद नगर के पास प्रमुख स्थानों पर लगाए गए थे। जैसे ही स्थानीय पुलिस प्रशासन को इन होर्डिंग्स के बारे में सूचना मिली, पुलिस हरकत में आई और तुरंत इन्हें उतरवा दिया। हालांकि, इस मामले में अभी तक कोई औपचारिक लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है और पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ये होर्डिंग्स किसने लगवाए थे।
इस संबंध में सीओ सिटी अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि पुलिस को दो अलग-अलग स्थानों पर ऐसे होर्डिंग लगे होने की जानकारी मिली थी, जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें हटवा दिया गया है। फिलहाल होर्डिंग लगाने वालों की पहचान के लिए जांच की जा रही है और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
सपा कार्यकर्ताओं में मायूसियत और अब्दुल्ला आजम से मुलाकात की कोशिशें
एक तरफ जहां जेल से रिहाई की उम्मीद लगाए बैठे सपाइयों को उस समय झटका लगा जब रिहाई के तुरंत बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आजम खान को दोबारा गिरफ्तार कर लिया, वहीं उनके बेटे पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम जेल से रिहा होने के बाद रामपुर अपने घर पहुंच गए थे। रविवार को बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक अब्दुल्ला आजम का हालचाल जानने उनके आवास पर पहुंचे, लेकिन किसी की भी उनसे मुलाकात नहीं हो सकी।
करीबी सूत्रों के अनुसार, अब्दुल्ला आजम घर पर मौजूद नहीं थे और वे शनिवार रात को ही गाजियाबाद के लिए रवाना हो गए थे। रविवार को रामपुर स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय में भी सन्नाटा पसरा रहा और कार्यकर्ता मायूस अवस्था में बैठे दिखाई दिए। कार्यालय में मौजूद कार्यकर्ताओं के बीच मुख्य चर्चा का विषय ईडी द्वारा आजम खान की हालिया गिरफ्तारी ही रहा।
शनिवार को 11 महीने बाद जेल से बाहर आते ही ईडी ने की थी गिरफ्तारी
गौरतलब है कि शनिवार शाम को करीब 11 महीने की लंबी अवधि के बाद जेल से बाहर आते ही सपा नेता आजम खान को प्रवर्तन निदेशालय ने अपनी हिरासत में ले लिया था। जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण में कथित धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के मामलों से जुड़े एक प्रकरण में ईडी के लखनऊ जोनल कार्यालय की 16 सदस्यीय टीम चार वाहनों के काफिले के साथ रामपुर जेल पहुंची थी।
ईडी की यह कार्रवाई वर्ष 2019 में दर्ज प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआइआर) के सिलसिले में गाजियाबाद की अदालत से जारी गिरफ्तारी वारंट के आधार पर की गई थी। गिरफ्तारी के फौरन बाद आजम खान को कड़ी सुरक्षा के बीच गाजियाबाद ले जाया गया, जबकि उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को कानूनी प्रक्रिया के तहत रिहा कर दिया गया था। इस कार्रवाई के बाद से स्थानीय समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों में गहरा आक्रोश और निराशा का माहौल देखा जा रहा है।