सारनाथ हादसे की यादें ताजा, लालपुर पाण्डेयपुर क्षेत्र में खुलेआम बरती जा रही है लापरवाही
वाराणसी के थाना लालपुर पाण्डेयपुर अंतर्गत दैत्रावीर बाबा के पास सड़क किनारे गैस सिलेंडर रखकर गुब्बारों में गैस भरने और उन्हें बेचने का अवैध और जोखिम भरा कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। इस तरह के व्यस्त सार्वजनिक स्थान पर खुलेआम ज्वलनशील गैस सिलेंडर रखकर कारोबार करना स्थानीय प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों, महिलाओं और आम नागरिकों का आना-जाना होता है, जिनकी सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता जताई जा रही है।
कुछ समय पूर्व ही वाराणसी के सारनाथ थाना क्षेत्र में एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट की दर्दनाक घटना सामने आई थी। इस हादसे में एक महिला की जान चली गई थी और कई अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे। सारनाथ की उस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया था कि ज्वलनशील पदार्थों के अवैध भंडारण और उनके खुले इस्तेमाल में बरती गई जरा सी लापरवाही कितनी भारी पड़ सकती है। इसके बावजूद लालपुर पाण्डेयपुर क्षेत्र में इस प्रकार के नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे कार्य से सबक नहीं लिया गया है।
स्थानीय स्तर पर अक्सर ऐसे मामलों में यह तर्क दिया जाता है कि गरीब विक्रेता अपनी रोजी-रोटी कमा रहा है और कार्रवाई से उसकी आजीविका छिन जाएगी। हालांकि, इस पूरे प्रकरण का उद्देश्य किसी भी गरीब मजदूर की रोजी-रोटी छीनना नहीं, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा को सर्वोपरि रखना है। रोजगार का अधिकार अपनी जगह है, लेकिन उसके आड़ में सैकड़ों बेकसूर नागरिकों की जान को खतरे में डालना किसी भी स्थिति में न्यायसंगत नहीं कहा जा सकता है।
अब इस मामले को लेकर स्थानीय नागरिकों और राहगीरों के मन में प्रशासन के प्रति कई सवाल खड़े हो रहे हैं। क्या जिम्मेदार विभाग सारनाथ जैसी किसी अन्य बड़ी दुर्घटना के घटित होने का इंतजार कर रहे हैं? क्या जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचकर सड़क किनारे गैस सिलेंडर रखकर गुब्बारे भरने की इस खतरनाक व्यवस्था पर तत्काल रोक लगाएंगे या फिर किसी बड़े हादसे के बाद ही नींद से जागेंगे?