Breaking
► बाराबंकी में प्रसिद्ध देवा मेले की तैयारियों में लापरवाही, झुके खंभे और टूटे शेड बने खतरा ► OpenAI ने 26 नए देशों में शुरू किया ChatGPT विज्ञापन कार्यक्रम, नेटवर्क 89 देशों तक पहुँचा ► द ग्रेट इंडियन कपिल शो: कपिल शर्मा ने ऋषभ रिखीराम को बताया लड़कों का तमन्ना भाटिया ► यूपी पुलिस के लिए बड़ी घोषणाएं: मोटरसाइकिल, वर्दी और सिम भत्ता बढ़ा, सीएम योगी ने दी श्रद्धांजलि ► भारतीय स्टेट बैंक ने माना, डार्क वेब पर लीक हुआ 3,897 ग्राहकों का डेटा ► हरदोई में भीषण सड़क हादसा: पूर्णागिरि से लौट रही ईको कार पुलिया से टकराई, छह श्रद्धालु घायल ► भाजपा नेता रुद्रेश प्रताप सिंह का सड़क हादसे में निधन, जनप्रतिनिधियों ने जताया शोक ► कानपुर में जनगणना-2027 की तैयारी तेज, 10,500 कार्मिक संभालेंगे मोर्चा ► बादशाहीथौल में स्वच्छ स्पर्श समूह का वृहद सफाई अभियान, चलाया गया स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम ► गया में जदयू की ‘20 साल बेमिसाल’ प्रदर्शनी का समापन, उमड़ी भीड़ ► बाराबंकी में प्रसिद्ध देवा मेले की तैयारियों में लापरवाही, झुके खंभे और टूटे शेड बने खतरा ► OpenAI ने 26 नए देशों में शुरू किया ChatGPT विज्ञापन कार्यक्रम, नेटवर्क 89 देशों तक पहुँचा ► द ग्रेट इंडियन कपिल शो: कपिल शर्मा ने ऋषभ रिखीराम को बताया लड़कों का तमन्ना भाटिया ► यूपी पुलिस के लिए बड़ी घोषणाएं: मोटरसाइकिल, वर्दी और सिम भत्ता बढ़ा, सीएम योगी ने दी श्रद्धांजलि ► भारतीय स्टेट बैंक ने माना, डार्क वेब पर लीक हुआ 3,897 ग्राहकों का डेटा ► हरदोई में भीषण सड़क हादसा: पूर्णागिरि से लौट रही ईको कार पुलिया से टकराई, छह श्रद्धालु घायल ► भाजपा नेता रुद्रेश प्रताप सिंह का सड़क हादसे में निधन, जनप्रतिनिधियों ने जताया शोक ► कानपुर में जनगणना-2027 की तैयारी तेज, 10,500 कार्मिक संभालेंगे मोर्चा ► बादशाहीथौल में स्वच्छ स्पर्श समूह का वृहद सफाई अभियान, चलाया गया स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम ► गया में जदयू की ‘20 साल बेमिसाल’ प्रदर्शनी का समापन, उमड़ी भीड़

भारतीय स्टेट बैंक ने माना, डार्क वेब पर लीक हुआ 3,897 ग्राहकों का डेटा

भारतीय स्टेट बैंक ने माना, डार्क वेब पर लीक हुआ 3,897 ग्राहकों का डेटा
भारतीय स्टेट बैंक ने माना, डार्क वेब पर लीक हुआ 3,897 ग्राहकों का डेटा

भारतीय स्टेट बैंक ने डार्क वेब पर 3,897 ग्राहकों का डेटा लीक होने की पुष्टि की है। बैंक ने स्पष्ट किया है कि खाते और वित्तीय लेनदेन पूरी तरह सुरक्षित हैं।

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने डार्क वेब पर ग्राहकों का डेटा लीक होने की आधिकारिक पुष्टि की है। बैंक ने स्टॉक एक्सचेंजों को दी गई जानकारी में स्वीकार किया है कि शुरुआती जांच में 3,897 ग्राहकों की निजी और संवेदनशील जानकारी उजागर पाई गई है।

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह मामला 21 अक्टूबर 2026 को सामने आया जब बैंक ने बीएसई (BSE) और एनएसई (NSE) को इस घटना से अवगत कराया। शुरुआती जांच के दायरे में कुल 3,897 ग्राहकों की व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी आने की पुष्टि हुई है।

क्या हुआ लीक और क्या है हैकर्स का दावा

डार्क वेब पर लीक हुए डेटा में प्रभावित ग्राहकों के नाम, जेंडर, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर, जन्मतिथि, ईमेल आईडी, घर का पता, बैंक शाखा की जानकारी, कस्टमर इनफॉर्मेशन फाइल यानी सीआईएफ (CIF) नंबर और लोन से जुड़े रिकॉर्ड की फाइलों का विवरण शामिल है।

दूसरी ओर, इंटरनेट पर 'Siriusim' नाम के एक हैकर ग्रुप ने दावा किया था कि उसके पास एसबीआई के करीब 3.75 लाख ग्राहकों का डेटा और 2,722 पीडीएफ फाइलें मौजूद हैं। हालांकि, बैंक ने अपनी प्राथमिक और तकनीकी जांच के आधार पर स्पष्ट किया है कि फिलहाल केवल 3,897 ग्राहकों का ही निजी डेटा लीक होने की पुष्टि हुई है, और अन्य दावों की जांच जारी है।

एजेंसियों का अलर्ट और बैंक की प्रतिक्रिया

एसबीआई को इस डेटा सेंधमारी की जानकारी 16 अक्टूबर 2026 को मिली थी। भारत की राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा एजेंसियों, जिनमें सीईआरटी-इन (CERT-In) और डिफेंस साइबर एजेंसी शामिल हैं, ने बैंक को इस संबंध में आधिकारिक अलर्ट भेजा था।

अलर्ट मिलते ही बैंक ने अपने साइबर इंसिडेंट रिस्पॉन्स प्रोटोकॉल को तुरंत सक्रिय कर दिया। इसके साथ ही, इस पूरे घटनाक्रम की गहराई से जांच करने के लिए एक स्वतंत्र साइबर सुरक्षा एजेंसी को भी नियुक्त किया गया है, जो डेटा सेंਧ के स्रोत और कारणों का पता लगा रही है।

ग्राहकों के खातों और सेवाओं पर असर

बैंक ने स्पष्ट किया है कि इस घटना के बाद भी ग्राहकों के बैंक खातों में जमा राशि पूरी तरह सुरक्षित है। एसबीआई के मुख्य कामकाज, वित्तीय लेनदेन, यूपीआई सेवाएं और अन्य बैंकिंग कामकाज पर इसका कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ा है, और सभी बैंकिंग चैनल सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।

ग्राहकों के लिए जरूरी सुरक्षा उपाय

चूंकि ग्राहकों के नाम, मोबाइल नंबर और पते जैसी निजी जानकारियां लीक हुई हैं, इसलिए साइबर ठगों द्वारा फिशिंग या फ्रॉड का खतरा बढ़ सकता है। सुरक्षा बनाए रखने के लिए इन बातों का ध्यान रखें:

  • संदिग्ध कॉल या संदेशों पर भरोसा न करें। एसबीआई का कोई भी अधिकारी फोन पर कभी पासवर्ड या गोपनीय जानकारी नहीं मांगता है।
  • अपने बैंक खाते का पासवर्ड, यूपीआई पिन, एटीएम पिन या किसी भी लेन-देन का ओटीपी किसी के साथ साझा न करें।
  • एसएमएस या सोशल मीडिया पर आने वाले अज्ञात लिंक्स पर क्लिक न करें, क्योंकि ये लॉटरी या रिवॉर्ड के नाम पर फिशिंग स्कैम हो सकते हैं।

About the Author

निवेदिता ठाकुर

निवेदिता ठाकुर

Writer

निवेदिता ठाकुर जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती है...

Read More

अगली खबर पढ़ें:

आगे पढ़ें →