तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में भारतीय क्रिकेट टीम ने अपने आक्रामक प्रदर्शन से दर्शकों का दिल जीत लिया। श्रृंखला के पहले मुकाबले में मेहमान वेस्टइंडीज की टीम को 8 विकेट से करारी शिकस्त देकर मेन इन ब्लू ने तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। इस मुकाबले की सबसे खास बात यह रही कि भारतीय बल्लेबाजों ने मैदान के हर कोने में रन बरसाए, जिससे वेस्टइंडीज के गेंदबाजों के पास कोई भी मुकाबला करने का मौका नहीं बचा।
वेस्टइंडीज की दमदार शुरुआत और ग्रीव्स का पहला शतक
इससे पहले मुकाबले में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज की शुरुआत बेहद आक्रामक रही। जॉन कैंपबेल और जस्टिन ग्रीव्स की ओपनिंग जोड़ी ने मैदान पर उतरते ही भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए ताबड़तोड़ 135 रन जोड़े। जॉन कैंपबेल ने शानदार लय में दिखते हुए 60 गेंदों पर 62 रनों की पारी खेली, जिसमें 6 चौके और 3 गगनचुंबी छक्के शामिल थे।
दूसरी ओर, जस्टिन ग्रीव्स ने अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ पारियों में से एक खेलते हुए वनडे क्रिकेट में अपना पहला ऐतिहासिक शतक जड़ा। ग्रीव्स ने 108 गेंदों का सामना करते हुए 101 रन बनाए, जिसमें 12 शानदार चौके शामिल थे। इन दोनों बल्लेबाजों को खतरनाक होती साझेदारी से बाहर करने का काम चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव ने किया, जिन्होंने दोनों को अपना शिकार बनाया।
कुलदीप की फिरकी और वेस्टइंडीज का स्कोर
सलामी बल्लेबाजों के आउट होने के बाद कैरेबियन टीम की पारी थोड़ी लड़खड़ाई। कीसी कार्टी मात्र 13 और कप्तान शाइ होप सिर्फ 12 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। हालांकि, मध्यक्रम में अमीर जांगू ने सूझबूझ और तेजी का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए नाबाद 58 रनों की अर्धशतकीय पारी खेली। जांगू ने मात्र 43 गेंदों पर 7 चौके और 1 छक्का लगाकर टीम के स्कोर को 295 रन तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई।
भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की बात करें तो कुलदीप यादव सबसे सफल गेंदबाज साबित हुए। कुलदीप ने अपने 10 ओवर के कोटे में मात्र 40 रन खर्च करते हुए महत्वपूर्ण 4 विकेट झटके। उनके अलावा प्रसिद्ध कृष्णा ने 2 और युवा ऑलराउंडर नितीश कुमार रेड्डी ने 1 सफलता हासिल की। हालांकि, रवींद्र जडेजा और गुरनूर बरार को इस मैच में कोई सफलता नहीं मिल सकी।
रोहित और गिल की सधी हुई शुरुआत
जीत के लिए 296 रनों के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम के लिए कप्तान शुभमन गिल और अनुभवी रोहित शर्मा ओपनिंग करने आए। दोनों ने टीम को एक ठोस और तेज शुरुआत दी। रोहित शर्मा ने अपने चिर-परिचित अंदाज में 35 गेंदों पर 32 रनों की तेज पारी खेली, जिसमें 3 शानदार छक्के और 2 चौके शामिल थे। रोहित के आउट होने के बाद मैदान पर विराट कोहली उतरे और यहीं से मैच का पासा पूरी तरह भारत के पक्ष में पलट गया।
विराट और गिल की रिकॉर्ड साझेदारी
कप्तान शुभमन गिल और पूर्व कप्तान विराट कोहली के बीच दूसरे विकेट के लिए हुई 151 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी ने मैच का नतीजा लगभग तय कर दिया। शुभमन गिल ने एक छोर संभाले रखा और बेहतरीन क्रिकेटिंग शॉट्स खेलते हुए 108 गेंदों पर 110 रनों की शानदार शतकीय पारी खेली। गिल ने अपनी इस पारी में 13 चौके और 1 छक्का लगाया। उन्हें रॉस्टन चेस ने आउट किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
विराट कोहली का ऐतिहासिक प्रदर्शन और रिकॉर्ड्स
इस मुकाबले में विराट कोहली ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उन्हें क्रिकेट के इतिहास का सबसे महान रन-चेज़र क्यों कहा जाता है। कोहली ने नाबाद 139 रनों की नाबाद और विध्वंसक पारी खेली। उन्होंने मात्र 88 गेंदों का सामना करते हुए 10 चौके और 9 गगनचुंबी छक्के जड़े। सबसे दिलचस्प बात यह रही कि कोहली ने अपना अर्धशतक, शतक और टीम की जीत का विनिंग शॉट—तीनों छक्के लगाकर ही पूरे किए।
अपनी इस ऐतिहासिक पारी के दौरान विराट कोहली ने वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में 15,000 रन पूरे करने का ऐतिहासिक मुकाम हासिल कर लिया। वह इस जादुई आंकड़े तक पहुंचने वाले महान सचिन तेंदुलकर के बाद दुनिया के दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं। इसके अलावा, वेस्टइंडीज के खिलाफ यह उनका 10वां वनडे शतक था। कोहली अब किसी एक देश के खिलाफ वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी बन गए हैं, और इस मामले में उन्होंने सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।
सीरीज का अगला मुकाबला
इस शानदार जीत के साथ भारतीय टीम ने सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों ही विभागों में भारत का यह प्रदर्शन आने वाले मुकाबलों के लिए एक मजबूत संदेश है। अब दोनों टीमें सीरीज के दूसरे मुकाबले के लिए पूरी तरह तैयार हैं, जहाँ वेस्टइंडीज की टीम वापसी करने की कोशिश करेगी, वहीं भारतीय टीम सीरीज पर कब्जा जमाने के इरादे से उतरेगी।