यूरोप में मौसम का मिजाज एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। जर्मनी के मौसम विभाग (DWD) ने देश के कई प्रमुख हिस्सों के लिए भीषण गर्मी (Extreme Heat Warning) और लू की गंभीर चेतावनी जारी की है। सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि दिन में झुलसाने वाली धूप के बाद रात में भी लोगों को राहत नहीं मिल रही है।
'ट्रॉपिकल नाइट' बढ़ा रही है लोगों की मुश्किलें
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, जर्मनी के कई शहरों में 'ट्रॉपिकल नाइट' (Tropennacht) की स्थिति बन रही है। जब रात के समय भी तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे नहीं गिरता, तो उस स्थिति को 'ट्रॉपिकल नाइट' कहा जाता है।
बिना एयर कंडीशनर वाले घरों में रहने वाले लोगों के लिए यह रात बेहद घुटन भरी और कष्टदायक साबित हो रही है। खासकर बुजुर्गों और बच्चों के स्वास्थ्य पर इसका बुरा असर पड़ रहा है।
किन-किन शहरों में जारी हुआ अलर्ट?
मौसम विभाग ने विशेष रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों में तापमान के नए रिकॉर्ड बनने की संभावना जताई है:
- सैक्सनी (Sachsen): यहाँ पारा चरम पर पहुँच सकता है और रेड अलर्ट जारी किया गया है।
- कोलोन और आचेन (Köln & Aachen): यहाँ दिन का तापमान अत्यधिक बना हुआ है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
- हैनोवर और ब्रेमेन (Hannover & Bremen): उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में भी गर्मी के साथ-साथ भारी उमस बनी हुई है।
थंडरस्टॉर्म रडार पर खतरा: आंधी और मूसलाधार बारिश का अलर्ट
गर्मी के इस प्रचंड प्रकोप के बीच मौसम का एक और खौफनाक पहलू सामने आ रहा है। गविटरराडार (Gewitterradar) के अनुसार, अत्यधिक गर्मी और उमस के कारण देश के कई इलाकों में अचानक आंधी-तूफान और गरज के साथ मूसलाधार बारिश हो सकती है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक तापमान के कारण हवा में नमी तेजी से बढ़ रही है, जिससे 'लोकल थंडरस्टॉर्म' (स्थानीय तूफान) बनने की पूरी संभावना है। इसमें ओलावृष्टि और तेज हवाओं से नुकसान हो सकता है।
स्वास्थ्य विभाग की सलाह: बरते यह सावधानी
प्रशासन और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नागरिकों को गर्मी और इस अप्रत्याशित मौसम से बचने के लिए खास दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
- दोपहर के समय बहुत जरूरी न हो तो घर से बाहर न निकलें।
- शरीर में पानी की कमी न होने दें, लगातार तरल पदार्थों का सेवन करते रहें।
- घर की खिड़कियों को दिन के समय बंद रखें और रात में तापमान थोड़ा कम होने पर ही खोलें।
- आंधी-तूफान की चेतावनी के दौरान खुले इलाकों में जाने से बचें।
जलवायु परिवर्तन के इस दौर में यूरोप में इस तरह का चरम मौसम अब आम होता जा रहा है। मौसम विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और लोगों को मौसम अपडेट्स के प्रति सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।