त्योहारों का सीजन शुरू होते ही यात्रियों की जेब पर डाका डालने वाले और नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले ट्रांसपोर्टर्स की अब खैर नहीं है। साल 2026 की दीपावली से ठीक पहले महाराष्ट्र के यवतमाल जिले में परिवहन विभाग (RTO) ने एक बेहद सख्त और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। त्योहार के नाम पर यात्रियों से मनमाना किराया वसूलने और बिना परमिट या ओवरलोडिंग के साथ सड़क पर दौड़ रही ट्रैवल बसों के खिलाफ आरटीओ का यह अभियान चर्चा का विषय बन गया है। इस औचक कार्रवाई के दौरान कुल 54 बसों पर शिकंजा कसा गया और उनसे भारी-भरकम जुर्माना वसूला गया है।
अवैध वसूली और नियमों की अनदेखी पर आरटीओ का चाबुक
दीपावली और छठ जैसे बड़े त्योहारों पर हर कोई अपने घर अपनों के बीच पहुंचना चाहता है। इस खुशी के माहौल का फायदा उठाने के लिए कई निजी ट्रैवल ऑपरेटर अक्सर यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठाते हैं। वे सामान्य दिनों के मुकाबले कई गुना ज्यादा किराया वसूलते हैं। इसके अलावा, सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर बसों में क्षमता से अधिक सवारियां (ओवरलोडिंग) भरी जाती हैं। इन तमाम शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए यवतमाल आरटीओ ने विशेष टीमों का गठन किया और सड़कों पर उतरकर चेकिंग अभियान शुरू किया।
जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि कई बसें बिना वैध दस्तावेजों, फिटनेस सर्टिफिकेट और रूट परमिट के चलाई जा रही थीं। कुछ मामलों में आपातकालीन निकास (Emergency Exit) बंद पाए गए और अग्निशमन यंत्रों का भी अभाव था, जो यात्रियों की जान के साथ सीधा खिलवाड़ है।
9.10 लाख रुपए का भारी जुर्माना
यवतमाल आरटीओ द्वारा चलाए गए इस विशेष अभियान के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। अधिकारियों ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए कुल 54 ट्रैवल बसों को नियमों का उल्लंघन करते हुए पकड़ा। इन सभी वाहनों पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत नियमों के उल्लंघन के विभिन्न मामलों में कार्रवाई की गई।
- कुल कार्रवाई की गई बसें: 54 ट्रैवल बसें
- वसूला गया कुल जुर्माना: 9.10 लाख रुपए
- मुख्य कारण: अधिक किराया वसूली, ओवरलोडिंग, बिना परमिट संचालन और फिटनेस नियमों की अनदेखी।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह जुर्माना केवल एक सांकेतिक कार्रवाई है। यदि आगे भी कोई ऑपरेटर नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है, तो उसका परमिट रद्द करने के साथ-साथ बस को जब्त करने की कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
त्योहारी सीजन में यात्रियों की सुरक्षा सबसे ऊपर
प्रशासन की इस मुस्तैदी से आम जनता ने राहत की सांस ली है। त्योहारी सीजन में अक्सर बस स्टैंडों और हाईवे पर दलालों और ट्रेवल एजेंटों का आतंक रहता है, जो यात्रियों को गुमराह कर मनमाना किराया वसूलते हैं। आरटीओ के इस कड़े कदम से ट्रेवल माफिया में हड़कंप मच गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहारों के इस सीजन में सड़क सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा है। लंबी दूरी तय करने वाली इन बसों में तकनीकी खामियां होने पर बड़ा हादसा हो सकता है। ओवरलोडिंग के कारण अनियंत्रित होने वाली गाड़ियों पर लगाम लगाने के लिए इस तरह के औचक निरीक्षण बेहद जरूरी हैं।
यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
यवतमाल प्रशासन और परिवहन विभाग ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे सफर के दौरान अपनी सुरक्षा का खुद ध्यान रखें। यदि कोई ट्रेवल एजेंसी तय किराए से ज्यादा पैसे मांगती है या बस में ओवरलोडिंग दिखती है, तो तुरंत इसकी शिकायत नजदीकी आरटीओ कार्यालय या ट्रैफिक कंट्रोल रूम में दर्ज कराएं। त्योहार की खुशियां सुरक्षित सफर के साथ ही पूरी हो सकती हैं, इसलिए किसी भी जोखिम भरे वाहन में यात्रा करने से बचें।