उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का प्रशासनिक और आध्यात्मिक तेवर एक बार फिर काशी की धरती पर देखने को मिलने वाला है। आज यानी शनिवार की शाम को सीएम योगी अपने एक दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंच रहे हैं। उनका यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि इन दिनों काशी के कई इलाके गंगा और वरुणा नदी के उफान के कारण बाढ़ की चपेट में हैं। मुख्यमंत्री के इस दौरे का मुख्य उद्देश्य न केवल जमीनी हकीकत का जायजा लेना है, बल्कि आपदा की इस घड़ी में आम जनता को सीधा संबल प्रदान करना भी है।
गोरखपुर और आजमगढ़ होते हुए पहुंचेंगे काशी
अपने निर्धारित व्यस्त कार्यक्रम के तहत, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सबसे पहले गोरखपुर से आजमगढ़ के लिए प्रस्थान करेंगे। आजमगढ़ में एक निजी और पूर्व-प्रस्तावित कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद, वह सीधे हेलीकॉप्टर के माध्यम से वाराणसी की पावन धरती पर उतरेंगे। प्राप्त संभावित प्रोटोकॉल के अनुसार, सीएम योगी का हेलीकॉप्टर शाम को सीधे वाराणसी पहुंचेगा, जिसके बाद उनके मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम की शुरुआत होगी।
बाढ़ प्रभावित इलाकों का करेंगे हवाई सर्वेक्षण
वाराणसी पहुंचते ही मुख्यमंत्री सीधे तौर पर आपदा प्रबंधन के कार्यों में जुट जाएंगे। संभावित प्रोटोकॉल के मुताबिक, शाम 4:10 बजे से 4:50 बजे तक का समय बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के हवाई सर्वेक्षण के लिए तय किया गया है। इस दौरान वह हेलीकॉप्टर से गंगा और वरुणा नदी के जलस्तर और उनके किनारों पर बसे उन तमाम इलाकों का जायजा लेंगे जो जलमग्न हो चुके हैं। प्रशासन ने इस हवाई सर्वेक्षण के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं ताकि मुख्यमंत्री को आपदा के दायरे का सटीक अंदाजा मिल सके।
विद्या विहार इंटर कॉलेज राहत शिविर का दौरा
हवाई सर्वेक्षण के ठीक बाद, मुख्यमंत्री का काफिला पुलिस लाइन पहुंचेगा और वहां से वह सीधे शिवपुर स्थित विद्या विहार इंटर कॉलेज के लिए रवाना होंगे। इस विद्यालय में एक बड़ा बाढ़ राहत शिविर बनाया गया है, जहां बेघर हुए और प्रभावित लोग शरण लिए हुए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, शाम करीब 5:15 बजे सीएम योगी इस राहत शिविर में पहुंचेंगे। यहाँ वह न सिर्फ बाढ़ पीड़ितों से आमने-सामने मुलाकात करेंगे, बल्कि उनके बीच राहत सामग्री का प्रत्यक्ष वितरण भी करेंगे। इस शिविर में वर्तमान में कुल 40 परिवार रह रहे हैं, जिनमें लगभग 160 लोग शरण लिए हुए हैं। इनमें 65 पुरुष, 60 महिलाएं, 34 बच्चे और 6 बुजुर्ग शामिल हैं। मुख्यमंत्री इन सभी से व्यक्तिगत रूप से मिलकर वहां मिल रही सुविधाओं, भोजन, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य व्यवस्थाओं का फीडबैक लेंगे।
प्रशासनिक अधिकारियों के साथ होगी उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
राहत शिविर के दौरे के तुरंत बाद, मुख्यमंत्री पुलिस लाइन के सेफ हाउस में लौटेंगे। यहां उनका प्रशासनिक अमले के साथ एक कड़ा और महत्वपूर्ण सत्र आयोजित होगा। इस उच्चस्तरीय बैठक में स्थानीय जनप्रतिनिधि, पुलिस कमिश्नर और जिले के तमाम शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहेंगे।
- बाढ़ के हालात की समीक्षा: वर्तमान जलस्तर और बचाव कार्यों की प्रगति पर चर्चा।
- मुआवजे और सुविधाएं: बाढ़ पीड़ितों को मिलने वाली सरकारी सहायता और राहत राशि का फीडबैक।
- स्वास्थ्य और स्वच्छता: बीमारियों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियानों की समीक्षा।
मुख्यमंत्री का यह सख्त रुख साफ संकेत देता है कि आपदा राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी रख रहे हैं पैनी नजर
काशी में बाढ़ के हालातों को लेकर केंद्र सरकार भी पूरी तरह गंभीर है। मुख्यमंत्री के इस दौरे से ठीक पहले देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद वाराणसी के जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार और महापौर अशोक तिवारी से फोन पर लंबी बातचीत की थी। पीएम मोदी ने काशी में बाढ़ की स्थिति, राहत और बचाव कार्यों के बारे में विस्तृत जानकारी ली थी। प्रधानमंत्री के निर्देश और फीडबैक के बाद अब मुख्यमंत्री खुद मैदान में उतरकर जमीनी हालात का നേരി मुआयना कर रहे हैं, ताकि हर पीड़ित तक त्वरित मदद पहुंचाई जा सके।
आध्यात्मिक केंद्र: काल भैरव और काशी विश्वनाथ के दरबार में हाजिरी
प्रशासनिक और राहत कार्यों को मुकम्मल करने के बाद, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का रुख हमेशा की तरह आध्यात्मिक रहेगा। शाम 6:00 बजे वह कार से राहत शिविर स्थल से रवाना होंगे और शाम 6:30 बजे बाबा काल भैरव के दरबार पहुंचेंगे।
काशी के कोतवाल कहे जाने वाले श्री काल भैरव के मंदिर में दर्शन-पूजन करने के बाद, मुख्यमंत्री सीधे श्री काशी विश्वनाथ मंदिर जाएंगे। वहाँ वह उत्तर प्रदेश और देश की खुशहाली के साथ-साथ आपदा से जूझ रहे लोगों के संकट टलने की प्रार्थना करेंगे। बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद लेने के बाद, मुख्यमंत्री का काफिला सीधे लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए प्रस्थान करेगा, जहाँ से वह विशेष विमान द्वारा लखनऊ लौट जाएंगे।
प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर
मुख्यमंत्री के इस एक दिवसीय दौरे को लेकर वाराणसी में सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात है और ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए डायवर्जन लागू किए गए हैं। जिला प्रशासन यह सुनिश्चित करने में जुटा हुआ है कि मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान राहत कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए और हर पीड़ित तक शासन की योजनाएं सुगमता से पहुंच सकें।