देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदों में से एक पर आसीन उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन आज पूर्वोत्तर के बेहद अहम राज्य असम के दौरे पर पहुंचे हैं। उनके इस दौरे को लेकर राजनीतिक हलकों के साथ-साथ शैक्षणिक संस्थानों में भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, उनके इस दौरे का मुख्य आकर्षण गुवाहाटी स्थित प्रतिष्ठित गीतानगर कॉलेज का स्वर्ण जयंती समारोह है, जहां वे मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करने वाले हैं।
असम के लोक-प्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुआ भव्य स्वागत
आज सुबह जैसे ही उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का विशेष विमान गुवाहाटी के लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा, वहां प्रशासनिक अमले और राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। हवाई अड्डे पर असम सरकार के कई कैबिनेट मंत्री, उच्च अधिकारी और सुरक्षा बलों के वरिष्ठ कमांडर मौजूद रहे। इस दौरान पारंपरिक असमिया गमोसा पहनाकर और लोक नृत्य के जरिए उपराष्ट्रपति का स्वागत किया गया, जो पूर्वोत्तर की संस्कृति की अनूठी मिसाल पेश करता है।
हवाई अड्डे से उनका काफिला कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सीधे अपने गंतव्य की ओर रवाना हुआ। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे ताकि उनके आवागमन के दौरान यातायात और आम जनजीवन प्रभावित न हो।
गीतानगर कॉलेज के स्वर्ण जयंती समारोह की तैयारियां पूरी
उपराष्ट्रपति के दौरे का सबसे मुख्य कार्यक्रम गीतानगर कॉलेज के स्वर्ण जयंती (50 वर्ष पूरे होने का जश्न) समारोह से जुड़ा हुआ है। पिछले पांच दशकों से असम की शिक्षा व्यवस्था में अहम योगदान देने वाले इस कॉलेज के लिए यह दिन बेहद ऐतिहासिक और गौरवशाली माना जा रहा है। कॉलेज प्रशासन ने इस कार्यक्रम को यादगार बनाने के लिए पिछले कई हफ्तों से युद्ध स्तर पर तैयारियां की थीं।
- कॉलेज का इतिहास: पिछले 50 वर्षों में इस संस्थान ने अनगिनत छात्रों के भविष्य को गढ़ा है और समाज को कई प्रतिष्ठित चेहरे दिए हैं।
- विशेष आयोजन: स्वर्ण जयंती के मौके पर कॉलेज परिसर को भव्य तरीके से सजाया गया है। रंग-बिरंगी लाइटें, सांस्कृतिक झांकियां और छात्रों की प्रस्तुतियां इस कार्यक्रम में चार चांद लगा रही हैं।
- उपराष्ट्रपति का संबोधन: मुख्य अतिथि के रूप में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन समारोह को संबोधित करेंगे और छात्रों व शिक्षकों का मार्गदर्शन करेंगे।
युवाओं और शिक्षा पर रहेगा विशेष फोकस
अपने पूर्वोत्तर दौरों के दौरान उपराष्ट्रपति हमेशा से ही शिक्षा, कौशल विकास और युवाओं के सशक्तिकरण पर जोर देते आए हैं। विश्लेषकों का मानना है कि आज के इस स्वर्ण जयंती समारोह में भी उनके संबोधन का केंद्र बिंदु नई शिक्षा नीति, देश का बढ़ता तकनीकी विकास और युवाओं की भूमिका होगी। पूर्वोत्तर भारत में पिछले कुछ वर्षों में शैक्षणिक बुनियादी ढांचे में तेजी से सुधार हुआ है, और ऐसे बड़े नेताओं के दौरे से इन संस्थानों का मनोबल और अधिक बढ़ता है।
समारोह में भाग लेने वाले छात्र-छात्राओं में इस बात को लेकर भारी उत्साह है कि देश के इतने बड़े संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से उन्हें रूबरू होने का मौका मिल रहा है। कॉलेज के प्राध्यापकों का कहना है कि यह पल संस्थान के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज किया जाएगा।
सुरक्षा और यातायात के कड़े इंतजाम
उपराष्ट्रपति के आगमन के मद्देनजर गुवाहाटी शहर में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पुलिस प्रशासन ने उन तमाम मार्गों पर विशेष सतर्कता बरती है, जहां से उपराष्ट्रपति का काफिला गुजरने वाला था। आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए वैकल्पिक ट्रैफिक रूट्स भी जारी किए गए थे। खुफिया एजेंसियां और स्थानीय पुलिस लगातार स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके।
दौरे का राजनीतिक और सामाजिक महत्व
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उपराष्ट्रपति का यह दौरा भले ही पूरी तरह से एक शैक्षणिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम से जुड़ा है, लेकिन इसके गहरे सामाजिक और रणनीतिक मायने भी हैं। केंद्र सरकार लगातार पूर्वोत्तर राज्यों के विकास को प्राथमिकता दे रही है और वहां के सांस्कृतिक संस्थानों से जुड़ाव मजबूत कर रही है। सीपी राधाकृष्णन का यह दौरा इसी कड़ी का एक अहम हिस्सा माना जा रहा है।
समारोह के समापन के बाद उपराष्ट्रपति के कुछ अन्य स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों और शिष्टमंडलों से भी मिलने की संभावना है, जिसके बाद वे अपने आगामी कार्यक्रमों के लिए प्रस्थान करेंगे। असम के इस ऐतिहासिक दिन पर हर किसी की निगाहें गीतानगर कॉलेज के मंच पर टिकी हुई हैं, जहां से देश के भविष्य के लिए एक नया संदेश दिए जाने की उम्मीद है।