फिरोजाबाद की धरती से समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव ने प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक और प्रशासनिक स्थिति पर तीखा प्रहार किया है। रविवार को फिरोजाबाद पहुंचे प्रो. यादव ने मीडिया से खुलकर बातचीत की और राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उनके बयानों से एक बार फिर सूबे की सियासत गरमा गई है, खासकर जब उन्होंने कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया।
संविधान नहीं, मनमाने तरीके से चल रही है सरकार: प्रो. यादव
प्रेस को संबोधित करते हुए प्रो. रामगोपाल यादव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था का इकबाल पूरी तरह खत्म हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार संविधान के दायरे में रहकर काम करने के बजाय अपनी मनमर्जी चला रही है। यही कारण है कि आम आदमी, जो न्याय की आस में थानों और दफ्तरों के चक्कर काट रहा है, उसे दर-दर भटकने के बाद भी इंसाफ नहीं मिल पा रहा है।
उन्होंने अलीगढ़ के बन्नादेवी थाने के सामने घटी एक हालिया घटना का जिक्र करते हुए कहा कि थाने के सामने एक पीड़ित का वीडियो इस बात की गवाही दे रहा है कि प्रशासनिक तंत्र किस हद तक संवेदनहीन हो चुका है। प्रो. यादव ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोगों को अपने करीब की जमीनी हकीकत दिखाई नहीं दे रही है, जबकि आम जनता खौफ के साए में जीने को मजबूर है।
अपराध के मामलों पर आंकड़ों का हवाला और जनता की नाराजगी
अपने तीखे तेवर जारी रखते हुए सपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि राज्य में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। महिलाओं के खिलाफ हो रहे अत्याचार, बलात्कार के मामले, फर्जी एनकाउंटर, चोरी, डकैती और चेन स्नैचिंग जैसी घटनाओं में प्रदेश की स्थिति बदतर हो चुकी है। लोग डर के मारे अपने घरों से बाहर निकलने में भी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता अब सब कुछ बहुत करीब से देख और समझ रही है। मतदाता इस व्यवस्था से पूरी तरह त्रस्त आ चुके हैं और उन्होंने आने वाले समय में भाजपा सरकार को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाने का मन बना लिया है।
केशव प्रसाद मौर्य के बयान पर किया पलटवार
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर दिए गए बयानों के बारे में जब पत्रकारों ने सवाल पूछा, तो प्रो. रामगोपाल यादव ने बेहद तल्ख अंदाज में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राजनीति में कुछ लोगों के बयानों को कतई तवज्जो नहीं दी जानी चाहिए क्योंकि उनकी कोई हैसियत ही नहीं होती। उन्होंने मीडिया से भी अपील की कि ऐसे बयानों को अनावश्यक रूप से तूल न दिया जाए जिनका जनता के वास्तविक मुद्दों से कोई लेना-देना नहीं है।
मेरठ बुलडोजर कार्रवाई और व्यापारियों के दर्द पर टिप्पणी
मेरठ के सेंट्रल मार्केट का जिक्र करते हुए, जहां व्यापारियों द्वारा सत्ताधारी दल को समर्थन देने के बावजूद उनकी दुकानों और मार्केट पर बुलडोजर की कार्रवाई की गई, प्रो. यादव ने एक तीखा कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि जो लोग गलत नीतियों और गलत ताकतों का समर्थन करते हैं, अंततः उनके साथ ऐसा ही बर्ताव किया जाता है। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि सत्ता किसी की सगी नहीं होती और मनमानी का शिकार हर वर्ग को होना पड़ता है।
नए यूजीसी कानूनों पर भी उठाए सवाल
शिक्षा जगत से जुड़े नए यूजीसी कानूनों के संदर्भ में बात करते हुए सपा महासचिव ने कहा कि सरकार की नीतियां शुरू से ही भेदभावपूर्ण रही हैं। बनाए जा रहे नए कानून कुछ चुनिंदा लोगों को फायदा पहुंचाने और बाकी लोगों के अधिकारों को कुचलने के लिए लाए जा रहे हैं, जिसका पार्टी पुरजोर विरोध करती है।
इस पूरे दौरे और प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रो. रामगोपाल यादव के साथ समाजवादी पार्टी के कई दिग्गज नेता और स्थानीय पदाधिकारी भी मौजूद रहे। इनमें जिलाध्यक्ष शिवराज सिंह यादव, मीना राजपूत और सतेंद्र जैन सोली समेत कई प्रमुख कार्यकर्ता शामिल थे, जिन्होंने पार्टी की आगामी रणनीतियों पर चर्चा की।