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FASTag Annual Pass: ₹3,075 में एक साल का टोल पास, जानिए नियम और बचत का गणित

FASTag Annual Pass: ₹3,075 में एक साल का टोल पास, जानिए नियम और बचत का गणित

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के फास्टैग एनुअल पास से निजी वाहन चालकों को टोल खर्च में बड़ी राहत मिल सकती है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए इस वार्षिक पास की कीमत ₹3,075 तय की गई है, जिसके जरिए वाहन चालक एक साल या 200 टोल क्रॉसिंग तक सफर कर सकते हैं।

अक्सर नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले कार, जीप और वैन चालकों के लिए यह पास उपयोगी साबित हो सकता है। हालांकि, यह सुविधा देश के सभी टोल प्लाजा पर मान्य नहीं है, इसलिए इसे खरीदने से पहले अपने नियमित रूट और टोल प्लाजा की पात्रता जांचना आवश्यक है।

पात्रता और आवेदन की प्रक्रिया

यह वार्षिक पास केवल गैर-कमर्शियल निजी वाहनों जैसे कार, जीप और वैन के लिए ही उपलब्ध है। इस पास को बनवाने के लिए वाहन का वैध रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) और उसी वाहन से जुड़ा एक सक्रिय फास्टैग होना अनिवार्य है। खरीदार को इसके लिए अलग से कोई नया टैग खरीदने की आवश्यकता नहीं होती, क्योंकि यह पास मौजूदा फास्टैग पर ही सक्रिय कर दिया जाता है।

वाहन चालक इस पास को राजमार्गयात्रा ऐप (Rajmargyatra App) या एनएचएआई की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन खरीद सकते हैं।

नियमित फास्टैग से कैसे अलग है एनुअल पास?

पारंपरिक या नियमित फास्टैग व्यवस्था में वाहन चालक को हर बार टोल प्लाजा पार करने पर निर्धारित शुल्क देना होता है, जो सीधे खाते से कटता है। इसके विपरीत, एनुअल पास धारकों को पात्र टोल प्लाजा पर हर क्रॉसिंग के लिए बार-बार अलग से शुल्क भुगतान नहीं करना पड़ता। हालांकि, यह स्पष्ट होना जरूरी है कि यह पास राज्य राजमार्गों (State Highways) या अन्य गैर-पात्र टोल प्लाजा पर लागू नहीं होता है। ऐसे स्थानों पर वाहन चालकों को सामान्य दरों पर ही टोल चुकाना होगा।

बचत का पूरा गणित और शर्तें

एनर्जी और टोल खर्च की बचत इस बात पर निर्भर करती है कि वाहन चालक का सफर कितना है। उदाहरण के लिए, यदि किसी पात्र टोल प्लाजा पर एक तरफ का शुल्क ₹100 है और साल भर में केवल 20 बार ही वहां से गुजरना होता है, तो कुल खर्च ₹2,000 ही बैठेगा। ऐसी स्थिति में ₹3,075 का वार्षिक पास खरीदना महंगा पड़ सकता है। वहीं, यदि क्रॉसिंग की संख्या बढ़कर 40 या उससे अधिक हो जाती है, तो सामान्य शुल्क ₹4,000 तक पहुंच जाएगा, जिससे इस पास के जरिए लगभग ₹925 की सीधी बचत हो सकती है। हालांकि, यह आंकड़ा केवल एक उदाहरण है और वास्तविक बचत पूरी तरह से उपयोगकर्ता के रूट और वहां की टोल दरों पर निर्भर करेगी।

पास से जुड़े कुछ जरूरी नियम इस प्रकार हैं:

  • एक ही दिन या सफर में उसी टोल प्लाजा से वापसी की यात्रा को भी एक अलग क्रॉसिंग ही गिना जाएगा।
  • निर्धारित 12 महीने की अवधि समाप्त होने से पहले यदि 200 क्रॉसिंग पूरी हो जाती हैं, तो पास का लाभ समाप्त हो जाएगा।
  • यदि 12 महीने की अवधि में 200 क्रॉसिंग पूरी नहीं होती हैं, तो बची हुई क्रॉसिंग आगे के महीनों में ट्रांसफर नहीं होती हैं और न ही उनका कोई रिफंड मिलता है।

यदि कोई वाहन चालक नेशनल हाईवे पर बहुत कम आवागमन करता है, तो उसके लिए पारंपरिक फास्टैग ही अधिक किफायती विकल्प साबित हो सकता है। इसलिए भुगतान करने से पहले एनएचएआई की आधिकारिक सूची से अपने नियमित रास्तों के टोल प्लाजा की जांच अवश्य कर लें।

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नसीम अहमद

नसीम अहमद

Writer

नसीम अहमद जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती हैं। उन...

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