त्योहारी सीजन के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, फुलवारीशरीफ इलाके में चल रही थी अवैध गतिविधियों की फैक्ट्री
त्योहारों का सीजन शुरू होते ही बाजार में मिठाइयों की मांग में भारी बढ़ोतरी दर्ज की जाती है। इस मांग का अवैध फायदा उठाने के लिए मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं। इसी क्रम में पटना खाद्य सुरक्षा विभाग (फूड डिपार्टमेंट) की टीम ने फुलवारीशरीफ स्थित एक डेयरी प्रोडक्ट फैक्ट्री में औचक छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री से भारी मात्रा में ऐसी मिठाइयां और डेयरी उत्पाद बरामद किए गए, जिन पर न तो मैन्युफैक्चरिंग डेट दर्ज थी और न ही एक्सपायरी डेट। खाद्य सुरक्षा के लिहाज से इसे उपभोक्ताओं के जीवन के साथ सीधा खिलवाड़ माना जा रहा है।
भारी मात्रा में अमानक और संदिग्ध खाद्य सामग्रियां बरामद
छापेमारी के दौरान खाद्य विभाग की टीम ने मौके से बड़ी संख्या में संदिग्ध और अमानक खाद्य सामग्री जब्त की है। अधिकारियों के अनुसार, जब्त किए गए सामानों में मुख्य रूप से 210 पैकेट पेड़ा, 620 पैकेट गुलाब जामुन, 384 पैकेट रसगुल्ला और 148 लीटर दही शामिल है। इन सभी पैकेटों पर उपभोक्ताओं की सुरक्षा और खाद्य मानकों से जुड़ी कोई भी वैधानिक जानकारी, बैच नंबर या निर्माण और समाप्ति तिथि अंकित नहीं थी। प्राथमिक जांच से यह स्पष्ट हो गया है कि इन सामग्रियों को त्योहारी बाजार में अवैध तरीके से खपाने की पूरी तैयारी थी।
चाशनी तैयार करने में होता था खतरनाक 'हाइड्रा' केमिकल का इस्तेमाल
इस पूरी जांच के दौरान सबसे चौंकाने वाला खुलासा मिठाइयों और उनकी चाशनी को तैयार करने में उपयोग किए जा रहे रसायनों को लेकर हुआ। फैक्ट्री में मिठाइयों की चाशनी को अधिक समय तक सुरक्षित दिखाने या स्वाद व रंग बनाए रखने के लिए 'हाइड्रा' (Hydra) नामक एक खतरनाक नॉन-एडिबल केमिकल का इस्तेमाल किया जा रहा था। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, यह केमिकल पूरी तरह से औद्योगिक (इंडस्ट्रियल) उपयोग के लिए होता है और खाद्य पदार्थों में इसका मिलाया जाना कानूनी रूप से प्रतिबंधित है। इसके बावजूद अधिक मुनाफा कमाने के लालच में इस घातक रसायन का धड़ल्ले से प्रयोग किया जा रहा था।
27 डिब्बे केमिकल जब्त, लैब भेजी गईं सामग्रियां
खाद्य विभाग की टीम ने फैक्ट्री के अंदर से गैर-कानूनी तरीके से छिपाकर रखे गए हाइड्रा केमिकल के कुल 27 डिब्बे भी मौके से जब्त किए हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के औद्योगिक रसायनों का सेवन करने से मानव शरीर पर बेहद गंभीर और घातक दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं, जिससे गुर्दे, लीवर और पाचन तंत्र को भारी नुकसान पहुंच सकता है। विभाग द्वारा इस कार्रवाई के दौरान जब्त किए गए सभी खाद्य नमूनों और केमिकल को सील कर विधिवत जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है, ताकि रिपोर्ट आने के बाद आगे के पुष्ट कानूनी कदम उठाए जा सकें।
प्रशासन की सख्त चेतावनी, मिलावटखोरों पर कसेगा शिकंजा
प्रशासन की इस बड़ी और अचानक हुई कार्रवाई से क्षेत्र के अन्य मिलावटखोरों में भी खलबली मच गई है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने अपनी ओर से यह स्पष्ट कर दिया है कि त्योहारी सीजन के दौरान आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी संस्थान या संचालक को बख्शा नहीं जाएगा। इस मामले में फैक्ट्री संचालक के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम और अन्य सुसंगत धाराओं के तहत विधिक व नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि त्योहारी सीजन में लोगों को बाजार में पूरी तरह शुद्ध और सुरक्षित खाद्य पदार्थ मिल सकें।