रिटायरमेंट के बाद भी सेवारत सैनिकों वाला डिफेंस सैलरी पैकेज (DSP) अकाउंट इस्तेमाल करने वाले पूर्व सैनिकों के लिए बड़ा वित्तीय जोखिम सामने आया है। नियमों के मुताबिक, सेवा समाप्त होने के बाद यदि अकाउंट को डिफेंस पेंशन अकाउंट (DPA) में नहीं बदला जाता है, तो बैंक की कई महत्वपूर्ण सुविधाएं और दुर्घटना बीमा कवर स्वतः समाप्त हो जाते हैं।
भारतीय सशस्त्र बलों के सेवारत कर्मियों के लिए डिफेंस सैलरी पैकेज (DSP) अकाउंट की सुविधा दी जाती है। इस खाते का मुख्य नियम यह है कि यदि इसमें लगातार तीन महीने तक नियमित वेतन नहीं आता है, तो इसके अधिकांश विशेषाधिकार और बीमा लाभ स्वतः निष्क्रिय हो जाते हैं। सैनिक के रिटायर होने के बाद वेतन आना बंद हो जाता है और केवल पेंशन शुरू होती है, जिसके चलते DSP खाते के नियम लागू नहीं रहते हैं।
एक वास्तविक घटना से समझें जोखिम
हाल ही में सामने आए एक मामले में, एक सूबेदार साहब रिटायरमेंट के बाद भी अपने पुराने DSP अकाउंट का ही इस्तेमाल कर रहे थे। दुर्भाग्य से, सेवानिवृत्ति के एक साल बाद एक सड़क दुर्घटना में उनका निधन हो गया। जब परिजनों ने बैंक में व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा (Personal Accident Insurance) का क्लेम प्रस्तुत किया, तो बैंक ने उसे तकनीकी आधार पर खारिज कर दिया। बैंक का स्पष्ट तर्क था कि मृतक के पास डिफेंस पेंशन अकाउंट (DPA) नहीं था, बल्कि वह केवल DSP सैलरी अकाउंट का उपयोग कर रहे थे, जिसमें लंबे समय से कोई वेतन क्रेडिट नहीं हुआ था। इस वजह से बीमा का लाभ परिवार को नहीं मिल सका।
क्या है समाधान और कैसे करें DPA में कनवर्ट?
इस जोखिम से बचने का एकमात्र समाधान अपने खाते को डिफेंस पेंशन अकाउंट (DPA) में परिवर्तित कराना है। DPA विशेष रूप से सेवानिवृत्त सैन्य कर्मियों के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें DSP खाते की तरह ही तमाम वित्तीय लाभ और बीमा सुरक्षा मिलती है, लेकिन यह पेंशन से जुड़ा होता है, जिससे बीमा कवर हमेशा एक्टिव रहता है।
पूर्व सैनिकों को सलाह दी जाती है कि वे तुरंत निम्नलिखित कदम उठाएं:
- सबसे पहले अपनी बैंक पासबुक की जांच करें। यदि उस पर 'DSP' लिखा है, तो आप संभावित वित्तीय जोखिम में हैं।
- अपनी संबंधित बैंक शाखा में जाएं।
- अपने साथ पीपीओ (PPO), आधार कार्ड, पैन कार्ड, डिस्चार्ज बुक और दो पासपोर्ट साइज फोटो अवश्य रखें।
- बैंक में जाकर DPA कन्वर्जन फॉर्म भरें और जरूरी दस्तावेजों के साथ जमा कर दें। आवेदन के बाद बैंक से इसकी रसीद जरूर लें। आमतौर पर यह प्रक्रिया दो से तीन दिनों में पूरी हो जाती है।
डिफेंस पेंशन अकाउंट (DPA) के प्रमुख लाभ
खाते को DPA में अपग्रेड कराने पर पूर्व सैनिकों को कई प्रकार की सुरक्षा और बैंकिंग सुविधाएं मिलती हैं:
- पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस: जूनियर कमीशंड अधिकारियों (JCO) और अन्य रैंक (OR) के लिए 30 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा, जबकि अधिकारियों के लिए यह राशि 1 करोड़ रुपये तक होती है।
- एयर एक्सीडेंट इंश्योरेंस: हवाई दुर्घटना की स्थिति में अतिरिक्त सुरक्षा के तौर पर 1 करोड़ रुपये तक का प्रावधान।
- अन्य सुविधाएं: शून्य बैलेंस (Zero Balance) खाता, असीमित मुफ्त एटीएम (ATM) ट्रांजैक्शन, बैंक लॉकर किराए पर विशेष छूट और ओवरड्राफ्ट की सुविधा।
पूर्व सैनिक संगठनों और कल्याण कार्यालयों से जुड़े लोगों से अपील की गई है कि वे इस महत्वपूर्ण जानकारी को अधिक से अधिक पूर्व सैनिकों (ESM) के व्हाट्सएप ग्रुप्स और जिला सैनिक वेलफेयर ऑफिस के माध्यमों तक पहुंचाएं, ताकि किसी भी परिवार को अनजाने में होने वाले बड़े आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके।