उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में स्थित ऐतिहासिक और आध्यात्मिक केंद्र अघोराचार्य बाबा कीनाराम मठ एक बार फिर से शिवमय और भक्तिमय होने के लिए पूरी तरह तैयार है। आज 10 सितंबर 2026, गुरुवार को बाबा कीनाराम का 427वां जन्मोत्सव का शुभारंभ हो चुका है। सूर्य की पहली किरण के साथ ही मठ परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार और शंखनाद गूंजने लगे हैं। देश के कोने-कोने से ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी लाखों श्रद्धालुओं के इस पावन अवसर पर पहुंचने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन और मठ प्रबंधन ने सुरक्षा और सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम किए हैं।
किनेश्वर महादेव के जलाभिषेक से होगा भव्य शुभारंभ
जन्मोत्सव के पहले दिन की शुरुआत बेहद पवित्र अनुष्ठान के साथ हो रही है। सुबह-सुबह दूर-दराज से पहुंचे कांवड़िए और श्रद्धालु किनेश्वर महादेव के शिवलिंग पर जलाभिषेक कर रहे हैं। इसके बाद मठ के वरिष्ठ पदाधिकारियों द्वारा विधि-विधान से विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है। घंटियों की गूंज और शंखनाद के बीच बाबा कीनाराम जी के जन्मोत्सव की मुख्य धार्मिक रस्में पूरी की जा रही हैं। इसके बाद परिसर में हवन-पूजन और भव्य आरती का आयोजन होगा, जिसमें हजारों की संख्या में भक्त शामिल होकर आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं।
पारंपरिक गीतों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम
धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी दौर शुरू हो गया है। क्षेत्र की महिलाएं पारंपरिक सोहर और मंगलगीत गाकर अपनी अगाध श्रद्धा और खुशी का इजहार कर रही हैं। सुबह करीब 9 बजे से पवित्र रामचरितमानस के अंशों का मधुर गायन शुरू हो चुका है, जिससे पूरा वातावरण अध्यात्म से सराबोर हो गया है। दिनभर विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक मंच सजेंगे, जहाँ संतों के प्रवचन और भजन-कीर्तन होंगे।
रात में सजेगी सांस्कृतिक संध्या, समर सिंह बिखेरेंगे जलवा
इस जन्मोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण रात 8 बजे से आयोजित होने वाली सांस्कृतिक संध्या है। इस विशेष कार्यक्रम में प्रसिद्ध भोजपुरी गायक समर सिंह और उनके साथी कलाकार अपनी सुरीली आवाज में भोजपुरी गीतों और लोकगीतों की प्रस्तुति देंगे। इस आयोजन को लेकर युवाओं और स्थानीय लोगों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। आयोजकों का मानना है कि यह सांस्कृतिक संध्या रात के माहौल को और अधिक संगीतमय और ऊर्जावान बना देगी।
लाखों श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा और सुविधा के कड़े इंतजाम
मठ प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए हैं ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो।
- पुलिस बैरिकेडिंग: श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मठ के चारों ओर मजबूत पुलिस बैरिकेडिंग की गई है, जिससे आवागमन सुचारू बना रहे।
- स्वयंसेवकों की तैनाती: मठ प्रबंधन के करीब 250 वालेंटियर चप्पे-चप्पे पर तैनात हैं, जो भीड़ को संभालने और दर्शन-पूजन को व्यवस्थित कराने में मदद कर रहे हैं।
- खोया-पाया और प्रसाद केंद्र: श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष रूप से खोया-पाया केंद्र और प्रसाद वितरण काउंटर बनाए गए हैं।
- चिकित्सा सहायता: किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए चहनियां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की ओर से मेडिकल कैंप और प्राथमिक चिकित्सा की चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है।
- पेयजल सेवा: बाबा कीनाराम मठ के स्काउट गाइड दल द्वारा विद्यालय गेट पर श्रद्धालुओं के लिए ठंडे पानी की व्यवस्था की गई है।
रोशनी से जगमगा उठा पूरा इलाका
जन्मोत्सव के इस पावन अवसर पर पूरे बाबा कीनाराम मठ और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी इलाकों को आकर्षक बिजली की झालरों और सजावटी रोशनी से दुल्हन की तरह सजाया गया है। रात के समय यह नजारा देखते ही बनता है। मठ प्रबंधन की टीमें पिछले कई दिनों से लगातार तैयारियों में जुटी थीं, जो अब पूरी तरह धरातल पर उतर चुकी हैं। प्रशासन का अनुमान है कि इस तीन दिवसीय जन्मोत्सव के दौरान लाखों श्रद्धालु बाबा के दरबार में हाजिरी लगाएंगे और उनका आशीर्वाद लेंगे।