अघोराचार्य बाबा कीनाराम जी के 427वें जन्मोत्सव का तीन दिवसीय भव्य अनुष्ठान आज, 10 सितंबर 2026 से उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में पूरी दिव्यता और भव्यता के साथ शुरू हो रहा है। इस धार्मिक और सांस्कृतिक महाकुंभ में देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। आयोजन को लेकर जिला प्रशासन ने कमर कस ली है और चाक-चौबंद व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं ताकि आने वाले भक्तों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने संभाली कमान
जन्मोत्सव समारोह के सफल और शांतिपूर्ण आयोजन को लेकर हाल ही में जिला मुख्यालय पर एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई थी। इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता जिला प्रशासन के मुखिया यानी जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग और पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने संयुक्त रूप से की। बैठक में मंदिर प्रशासन के नुमाइंदों के साथ-साथ लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य विभाग, विद्युत विभाग और जल निगम सहित तमाम प्रमुख विभागों के आला अधिकारी मौजूद रहे।
प्रशासन का मुख्य फोकस इस बात पर है कि तीन दिनों तक चलने वाले इस विशाल मेले और अनुष्ठान के दौरान कानून-व्यवस्था पूरी तरह से नियंत्रण में रहे और प्रत्येक श्रद्धालु सुगमता के साथ बाबा के दर्शन कर सके। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे सौंपे गए कार्यों को तय समय सीमा के भीतर पूरी जिम्मेदारी के साथ पूरा करें।
श्रद्धालुओं की सुविधाओं का रखा जाएगा विशेष ध्यान
लाखों की संख्या में जुटने वाली भीड़ को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने बुनियादी सुविधाओं के मोर्चे पर चाक-चौबंद योजना तैयार की है। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि उत्सव स्थल और उसके आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए। इसके लिए सफाई कर्मचारियों की विशेष टीमों को 24 घंटे तैनात किया गया है जो लगातार साफ-सफाई बनाए रखेंगी।
इसके साथ ही निम्नलिखित प्रमुख व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं:
- शुद्ध पेयजल: श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जगह-जगह पेयजल के अस्थाई और स्थायी नल लगाए गए हैं।
- अखंड विद्युत आपूर्ति: तीन दिनों तक लगातार बिजली आपूर्ति बनाए रखने के लिए विद्युत विभाग को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।
- चिकित्सा शिविर: मुख्य चिकित्साधिकारी की देखरेख में मेला परिसर में 24 घंटे आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं, एम्बुलेंस और डॉक्टरों की टीम तैनात रहेगी।
- अन्य सुविधाएं: महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग से चेंजिंग रूम, किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एक केंद्रीय नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) और अपनों से बिछड़े लोगों को मिलाने के लिए 'खोया-पाया केंद्र' बनाए गए हैं।
सुरक्षा और ट्रैफिक मैनेजमेंट पर प्रशासन का कड़ा पहरा
उत्सव के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखना प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है। इसे ध्यान में रखते हुए अपर पुलिस अधीक्षक अनंत चंद्रशेखर ने पुलिस बल के साथ विस्तृत रणनीति तैयार की है। मेला क्षेत्र और मंदिर परिसर में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, पीएसी और महिला कर्मियों की तैनाती की गई है।
यातायात को सुगम बनाने के लिए भारी वाहनों के लिए रूट डायवर्जन प्लान लागू किया गया है। साथ ही शहर के विभिन्न हिस्सों में सुनियोजित पार्किंग स्थल बनाए गए हैं ताकि सड़क पर जाम की स्थिति उत्पन्न न हो। सुरक्षा के मद्देनजर सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जाएगी ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को तुरंत रोका जा सके।
बरसाती मौसम को लेकर विशेष एहतियात
सितंबर महीने के मौजूदा मौसम और बारिश की संभावनाओं को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के अतिरिक्त मानक तय किए हैं। मेले में आने वाले झूलों और अन्य मनोरंजन उपकरणों की तकनीकी जांच के बाद ही उन्हें संचालित करने की अनुमति दी गई है। फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में तैनात किया गया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से तुरंत निपटा जा सके।
प्रशासन की ओर से बार-बार यह अपील की जा रही है कि सभी आगंतुक नियमों का पालन करें और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने में सहयोग दें। बाबा कीनाराम का यह जन्मोत्सव न सिर्फ आध्यात्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक एकता का भी एक बड़ा केंद्र बनता जा रहा है।