उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में इन दिनों आध्यात्मिक और सांस्कृतिक उल्लास का माहौल देखने को मिल रहा है। अवसर है महान संत और अघोराचार्य बाबा कीनाराम जी के 427वें जन्मोत्सव का, जिसके आयोजन को लेकर प्रशासनिक और मठ प्रबंधन की तरफ से युद्धस्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। आगामी 10 से 12 सितंबर 2026 तक चलने वाले इस तीन दिवसीय भव्य अनुष्ठान में देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालुओं के जुटने की उम्मीद है। आयोजन को ऐतिहासिक और सुव्यवस्थित बनाने के लिए अभी से ही दिन-रात काम चल रहा है।
युद्धस्तर पर चल रहा है सफाई और सजावट का अभियान
समारोह स्थल यानी बाबा कीनाराम अघोरपीठ मठ और रामशाला खेल मैदान को पूरी तरह से चमकाने का काम तेजी से चल रहा है। मठ के व्यवस्थापक मेजर अशोक सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि जन्मोत्सव की रूपरेखा को अंतिम रूप दे दिया गया है। किसी भी तरह की कोताही से बचने के लिए साफ-सफाई का एक विशेष अभियान शुरू किया गया है।
इस महाअभियान के तहत रोस्टर प्रणाली के आधार पर करीब 200 से अधिक सफाई कर्मचारियों को अलग-अलग क्षेत्रों में तैनात किया गया है। मंदिर परिसर, मुख्य मार्ग, मठ के आसपास का क्षेत्र और खेल मैदान को पूरी तरह से सैनिटाइज और स्वच्छ किया जा रहा है। इसके साथ ही इमारतों और परिसरों में रंग-रोगन का कार्य भी अंतिम चरण में है ताकि आने वाले मेहमानों को एक भव्य और अलौकिक दृश्य मिल सके।
श्रद्धालुओं के लिए व्यापक सुविधाएं और महाप्रसाद वितरण
देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं और विशिष्ट अतिथियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए आयोजकों ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। व्यवस्थापकों के अनुसार निम्नलिखित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं:
- आकर्षक सजावट और मंच निर्माण: मुख्य रामशाला खेल मैदान और मंदिर परिसर को फूलों और लाइटों से सजाया जा रहा है, साथ ही एक विशाल मंच का निर्माण कार्य जारी है।
- यातायात और बैरिकेडिंग: भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जा रही है ताकि आवागमन सुचारू बना रहे।
- महाप्रसाद वितरण: जन्मोत्सव के दौरान आने वाले हर भक्त के लिए महाप्रसाद की व्यापक योजना तैयार की गई है, जिसके लिए अलग से काउंटर बनाए जाएंगे।
- पेयजल और स्वास्थ्य सेवाएं: गर्मी और उमस को देखते हुए पर्याप्त मात्रा में पेयजल और मेडिकल कैंप्स की स्थापना की जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था और पास प्रणाली
लगातार बढ़ रही भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। स्थानीय पुलिस प्रशासन के सहयोग से सुरक्षा बलों की तैनाती को लेकर रूपरेखा तैयार कर ली गई है। दूर-दराज से आने वाले विशिष्ट अतिथियों (VIPs) और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अपनी प्रस्तुतियां देने आने वाले नामी कलाकारों की सुविधा के लिए विशेष पास जारी किए जाएंगे।
आयोजन समिति और स्थानीय प्रशासन यह सुनिश्चित करने में जुटा हुआ है कि पार्किंग, ट्रैफिक मैनेजमेंट और सुरक्षा से जुड़ी हर एक बारीक से बारीक जरूरत को तय समय सीमा के भीतर पूरा कर लिया जाए।
आध्यात्मिक दृष्टिकोण से क्यों खास है यह जन्मोत्सव?
अघोराचार्य बाबा कीनाराम का जीवन और उनके उपदेश पूरी मानवता के लिए कल्याणकारी रहे हैं। उनके जन्मोत्सव पर हर साल उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों से उनके अनुयायी चंदौली पहुंचते हैं। इस तीन दिवसीय आयोजन में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, अघोर परंपरा से जुड़े विचार सत्र और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, जो इस उत्सव को और अधिक खास बनाते हैं।
तारीख नजदीक आते ही चंदौली का यह क्षेत्र बाबा कीनाराम के जयकारों से गूंजने लगा है। प्रशासन और मठ प्रबंधन का पूरा प्रयास है कि यह 427वां जन्मोत्सव अब तक का सबसे भव्य और यादगार आयोजन साबित हो।