अन्नदाताओं के लिए खेती-किसानी से जुड़ी एक बेहद अहम और उत्साहजनक खबर सामने आई है। साल के इस दौर में जब किसान अगली फसल यानी रबी सीजन की तैयारियों में जुटने लगे हैं, तब कृषि विभाग ने उनके काम को आसान बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। चंदौली जिले में रबी फसलों की बुवाई के लिए उत्तम गुणवत्ता वाले बीजों की ऑनलाइन बुकिंग की प्रक्रिया अधिकारिक तौर पर शुरू कर दी गई है। अब किसानों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने या लंबी कतारों में खड़े होने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि वे घर बैठे ही डिजिटल माध्यम से अपनी जरूरत के बीज बुक कर सकते हैं।
किन-किन फसलों के बीजों के लिए कर सकते हैं आवेदन?
कृषि विभाग की इस विशेष योजना के तहत किसानों को कई प्रमुख रबी फसलों के बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जिला कृषि अधिकारी चंदौली, विनोद कुमार यादव ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि जिले को रबी फसलों के बीजों का निर्धारित लक्ष्य प्राप्त हो चुका है। किसान भाई अपनी आवश्यकता के अनुसार तोरिया, सरसों, अलसी, चना, मटर, मसूर और गेहूं जैसी प्रमुख फसलों के बीजों के लिए अपनी मांग ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं।
विभाग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर किसान को समय पर और उच्च क्वालिटी के प्रमाणित बीज मिल सकें, जिससे उनकी फसल का उत्पादन बेहतर हो सके और उनकी आमदनी में इजाफा हो सके।
ऑनलाइन बुकिंग से जुड़ी महत्वपूर्ण तिथियां
अगर आप भी इस योजना का लाभ उठाने के इच्छुक हैं, तो समय सीमा का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी है। बीजों की यह ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया 02 जुलाई 2026 से चालू है और इसके लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। यानी किसानों के पास सितंबर के अंत तक का पूरा समय है कि वे अपनी पसंद और जरूरत के अनुसार बीजों की बुकिंग तय समय सीमा के भीतर पूरी कर लें। हालांकि, जिला प्रशासन की ओर से अपील की गई है कि अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना जितना जल्दी हो सके, अपनी बुकिंग पूरी कर लें ताकि स्टॉक खत्म होने की स्थिति से बचा जा सके।
कैसे करें ऑनलाइन पंजीकरण और बुकिंग?
डिजिटल इंडिया के इस दौर में कृषि विभाग ने पूरी प्रक्रिया को बेहद पारदर्शी और सरल बना दिया है। ऑनलाइन बुकिंग करने के लिए किसानों को निम्नलिखित चरणों का पालन करना होगा:
- सबसे पहले उत्तर प्रदेश कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.agriculture.up.gov.in पर जाएं।
- वेबसाइट के होमपेज पर दिए गए बीज बुकिंग या किसान पंजीकरण से जुड़े लिंक पर क्लिक करें।
- अपना मोबाइल नंबर और आधार कार्ड दर्ज करके पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन या लॉगिन करें।
- इसके बाद अपनी पसंद की फसल (गेहूं, चना, सरसों, मसूर आदि) का चयन करें और अपनी आवश्यकतानुसार मात्रा दर्ज करें।
- सारी जानकारी भरने के बाद आवेदन को सबस्क्राइब या सबमिट कर दें।
वर्तमान बुकिंग की स्थिति और लक्ष्य के आंकड़े
कृषि विभाग से प्राप्त ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, विभिन्न फसलों के लिए किसानों का अच्छा खासा रुझान देखने को मिल रहा है। विभाग द्वारा तय किए गए लक्ष्यों और अब तक हुई बुकिंग के आंकड़े कुछ इस प्रकार हैं:
- गेहूं: इस प्रमुख फसल के लिए 53,070 पैकेट का बड़ा लक्ष्य रखा गया है, जिसके मुकाबले अब तक 3,400 पैकेट बुक हो चुके हैं।
- सरसों: 650 पैकेट के निर्धारित लक्ष्य पर जबरदस्त प्रतिक्रिया मिलते हुए 826 पैकेट बुक किए जा चुके हैं।
- चना (राज्य योजना): 800 के लक्ष्य के मुकाबले 487 पैकेट की बुकिंग हुई है।
- अलसी: 960 के लक्ष्य पर 384 पैकेट बुक हुए हैं।
- चना (केंद्रीय योजना): 219 के लक्ष्य के मुकाबले 331 पैकेट बुक हो चुके हैं।
- मसूर (राज्य योजना): 500 के लक्ष्य पर 315 पैकेट की बुकिंग दर्ज की गई है।
- मसूर (केंद्र योजना): 251 के लक्ष्य पर 297 पैकेट बुक हुए हैं।
- मटर: 150 के लक्ष्य के मुकाबले 260 पैकेट की बुकिंग हो चुकी है।
- तोरिया: 250 के लक्ष्य पर 233 पैकेट बुक किए जा चुके हैं।
जिला प्रशासन और कृषि अधिकारी की किसानों से खास अपील
जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव ने सभी किसानों से पुरजोर अपील की है कि वे समय रहते इस सुविधा का पूरा लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि विभाग का प्रयास है कि जिले के हर पात्र किसान तक उत्तम बीज और उन पर मिलने वाला अनुदान समय पर पहुंचे। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तिथि यानी 30 सितंबर 2026 से पहले ही आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपनी बुकिंग प्रक्रिया को अनिवार्य रूप से पूरा कर लें, ताकि बुवाई के समय किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
यह पहल निश्चित रूप से किसानों के लिए आर्थिक रूप से फायदेमंद साबित होगी और कृषि उत्पादन को नई ऊंचाइयां देने में मददगार बनेगी।