उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिले बहराइच के विकास इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को एक भव्य कार्यक्रम के दौरान नेपालगंज रोड (रुपईडीहा)-नानपारा-बहराइच के नवनिर्माण किए गए 56 किलोमीटर लंबे ब्रॉडगेज रेलखंड और उस पर चलने वाली पहली ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव भी वर्चुअल रूप से जुड़े रहे। इस नई रेल सुविधा के शुरू होने से न सिर्फ क्षेत्रीय व्यापार को पंख लगेंगे, बल्कि भारत और मित्र राष्ट्र नेपाल के बीच के सांस्कृतिक और व्यावसायिक रिश्ते भी और अधिक प्रगाढ़ होंगे।
दशकों के इंतजार के बाद साकार हुआ सपना
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अतीत के पन्नों को पलटा और बहराइच की ऐतिहासिक उपेक्षा पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि कभी यह क्षेत्र भारत की सत्ता के संचालन का केंद्र हुआ करता था, लेकिन आजादी के बाद के दशकों में इसे राजनीतिक संकीर्णता और उदासीनता का शिकार बना दिया गया। पूर्व की सरकारों ने इसे बॉर्डर का क्षेत्र मानकर हमेशा पिछड़ेपन के साये में रखा। मीटरगेज लाइनों तक ही इस क्षेत्र को सीमित रखा गया, जिससे यहां की पीढ़ियां विकास की मुख्यधारा से पिछड़ती चली गईं।
मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ कहा कि महाराजा सुहेलदेव के शौर्य की इस भूमि पर अब विदेशी आक्रांताओं के नाम पर कोई आयोजन नहीं होता, बल्कि महाराजा सुहेलदेव का भव्य स्मारक इस क्षेत्र की गौरव गाथा गा रहा है। अब डबल इंजन की सरकार ने दशकों पुराने इस सपने को धरातल पर उतार दिया है। 730 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस 56 किलोमीटर के ब्रॉडगेज रेलखंड ने बहराइच की तकदीर और तस्वीर दोनों बदलने का काम शुरू कर दिया है.
व्यापार, पर्यटन और रोजगार को मिलेगा जबरदस्त बढ़ावा
नई रेल कनेक्टिविटी के शुरू होने से बहराइच, नानपारा, रूपईडीहा और आसपास के इलाकों में आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कनेक्टिविटी हमेशा प्रगति का आधार बनती है। ब्रॉडगेज लाइन बिछने से अब भारी माल ढुलाई और लंबी दूरी की ट्रेनों का संचालन आसान हो जाएगा। इससे:
- व्यापार और उद्योग: स्थानीय व्यापारियों को नेपाल और देश के अन्य बड़े बाजारों तक सीधी पहुंच मिलेगी।
- धार्मिक पर्यटन: रूपईडीहा से चलने वाली पहली ट्रेन सीधे बाबा विश्वनाथ की नगरी वाराणसी तक जाएगी। इसके अलावा अयोध्या, गोरखपुर और नेपाल के धार्मिक स्थलों के लिए यात्रा सुगम होगी।
- ईको-पर्यटन: उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध कतर्नियाघाट वन्यजीव अभ्यारण्य (ईको टूरिज्म सेंटर) तक पर्यटकों का पहुंचना अब बेहद आसान हो जाएगा।
- सीमा सुरक्षा: सामरिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील भारत-नेपाल सीमा पर आवागमन और सुरक्षा तंत्र को भी मजबूती मिलेगी।
बदला हुआ उत्तर प्रदेश: स्वास्थ्य और सुरक्षा पर विशेष फोकस
सिर्फ रेलवे ही नहीं, बल्कि सड़क मार्ग और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी बहराइच और आसपास के जिलों ने लंबी छलांग लगाई है। मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले हर सीजन में इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारियों से मासूम बच्चे दम तोड़ देते थे और सरकारें इसे 'अज्ञात बीमारी' कहकर पर्दा डालती थीं। लेकिन वर्तमान सरकार ने न केवल उस बीमारी का पूरी तरह उन्मूलन किया, बल्कि हर जिले में मेडिकल कॉलेज, अस्पताल और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा किया।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में लखनऊ से बहराइच की रोड कनेक्टिविटी को फोरलेन बनाने की स्वीकृति मिल चुकी है। इसके अलावा श्रावस्ती में एयरपोर्ट का निर्माण और बहराइच-खलीलाबाद नई रेललाइन का कार्य तेजी से प्रगति पर है। आज पूरे उत्तर प्रदेश में माफियाराज का सफाया हो चुका है और बेटियां व व्यापारी भयमुक्त माहौल में सांस ले रहे हैं।
नेपाल की प्राकृतिक आपदा पर जताई गहरी संवेदना
अपने संबोधन से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में नेपाल में आई भीषण प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल के रिश्ते केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि आत्मीय और सांस्कृतिक हैं। भगवान पशुपतिनाथ से लेकर काशी विश्वनाथ और जनकपुर से अयोध्या तक हमारी साझी विरासत जुड़ी है। इस दुख की घड़ी में भारत सरकार और उत्तर प्रदेश की जनता पूरी तरह से नेपाल के साथ खड़ी है।
कार्यक्रम के दौरान सांसद डॉ. आनंद गोंड, सांसद जगदंबिका पाल, विधायकगण और क्षेत्र के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इस नई ट्रेन सेवा के प्रारंभ होने से स्थानीय नागरिकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है, और लोग इसे अपनी कई पीढ़ियों के सपने के सच होने जैसा मान रहे हैं।
