उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले से एक बेहद दहला देने वाली और झकझोर देने वाली खबर सामने आ रही है। सोमवार, 31 अगस्त 2026 की दोपहर को जिले के पिपरी पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले व्यस्त मनौरी मार्केट इलाके में स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। आग लगने के बाद फैक्ट्री के भीतर एक के बाद एक कई जोरदार धमाके हुए, जिनकी गूंज करीब दो किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
दो किलोमीटर दूर तक महसूस किए गए धमाके के झटके
घटना सोमवार दोपहर करीब 12 बजे की है जब मनौरी मार्केट स्थित इस पटाखा फैक्ट्री में अचानक चिंगारी भड़की। शुरुआती तौर पर किसी को अंदाजा नहीं था कि यह हादसा इतना विकराल रूप ले लेगा। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और फैक्ट्री के अंदर रखे विस्फोटक सामग्री में एक के बाद एक शक्तिशाली धमाके होने लगे।
धमाके इतने तेज थे कि उनकी आवाज दो किलोमीटर के दायरे में साफ सुनी गई। विस्फोट के तुरंत बाद आसमान में काले धुएं का एक विशाल गुबार छा गया, जिसे कई किलोमीटर दूर से देखा जा सकता था। तेज धमाके के कारण आसपास की इमारतों और दुकानों में भी दहशत फैल गई, और लोग अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।
मलबे में तब्दील हुई फैक्ट्री, कई घर जमींदोज
हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पूरी पटाखा फैक्ट्री मलबे के ढेर में तब्दील हो चुकी है। चश्मदीदों के मुताबिक, धमाका इतना शक्तिशाली था कि फैक्ट्री के आसपास करीब 50 मीटर के दायरे में बने कई रिहायशी मकान भी इसकी चपेट में आकर जमींदोज हो गए। इसके अलावा आसपास के 5 से 7 घरों को भारी नुकसान पहुंचा है।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया। चूंकि यह फैक्ट्री वायु सेना (Air Force) स्टेशन के करीब मनौरी क्षेत्र में स्थित है, इसलिए सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तुरंत राहत और बचाव कार्यों को तेज कर दिया गया। मौके पर कौशांबी पुलिस के आला अधिकारी, भारी पुलिस बल और एयर फोर्स की टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई हैं।
अब तक 5 लोगों की मौत, कई मजदूर अंदर फंसे
प्रशासनिक सूत्रों से मिल रही शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस भीषण हादसे में अब भी 5 लोगों की दर्दनाक मौत की पुष्टि हो चुकी है। जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस समय फैक्ट्री के भीतर लगभग 25 कर्मचारी काम कर रहे थे, जिनमें पुरुष, महिलाएं और कुछ बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं।
विस्फोट के तुरंत बाद कई मजदूर मलबे के नीचे दब गए। खबर लिखे जाने तक लगभग 15 से अधिक लोगों के अंदर फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। घायलों को तुरंत मलबे से निकालकर नजदीकी अस्पतालों में भेजा जा रहा है, जहां उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। सर्कल ऑफिसर (CO) शिवांग सिंह समेत भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद है और राहत कार्यों की व्यक्तिगत निगरानी कर रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिया कड़ा संज्ञान
कौशांबी के इस दर्दनाक हादसे पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने हादसे का संज्ञान लेते हुए दुर्घटना में जान गंवाने वाले लोगों के शोकाकुल परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि घायलों को तुरंत उच्च स्तरीय चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि पीड़ित परिवारों को हर संभव प्रशासनिक और आर्थिक मदद जल्द से जल्द पहुंचाई जाए। मुख्यमंत्री ने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की भी कामना की है।
प्रशासन की प्राथमिकता: रेस्क्यू और घायलों का इलाज
फिलहाल प्रशासन की पूरी प्राथमिकता मलबे में फंसे बाकी लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की है। घटनास्थल पर जेसीबी और अन्य रेस्क्यू उपकरणों की मदद से मलबे को हटाने का काम युद्ध स्तर पर जारी है। धुएं और आग के अवशेषों के कारण बचाव कार्य में कुछ शुरुआती दिक्कतें जरूर आईं, लेकिन फायर ब्रिगेड और आपदा प्रबंधन टीमों ने स्थिति पर काफी हद तक काबू पा लिया है।
इस हादसे ने एक बार फिर अवैध रूप से या घनी आबादी के बीच चल रही विस्फोटक फैक्ट्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग लंबे समय से ऐसी फैक्ट्रियों के संचालन पर रोक लगाने की मांग कर रहे थे। फिलहाल, आधिकारिक पुष्टि और विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इस पूरे हादसे के असली कारणों का पूरी तरह खुलासा हो सकेगा।
