उत्तर प्रदेश के बांदा जनपद से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने सड़क पर आम लोगों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के दावों पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के व्यस्त माने जाने वाले कालूकुआं चौराहे पर बुधवार रात एक मामूली सी बात ने बड़ा तूल पकड़ लिया। पूर्व विधायक की गाड़ी के सामने वाहन खड़ा करने और उसे हटाने के लिए कहने पर कुछ दबंगों ने हदें पार कर दीं। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पूर्व विधायक की सुरक्षा में तैनात गनर के साथ बीच सड़क पर अभद्रता और मारपीट की गई। इस पूरी घटना का एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया है।
लखनऊ से लौटते समय हुआ विवाद
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना बुधवार रात करीब आठ बजे की है। रिजर्व पुलिस लाइन में तैनात आरक्षी संदेश शर्मा इस समय नरैनी विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक राजकरन कबीर के गनर के रूप में अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं। बुधवार की रात वह पूर्व विधायक और उनके परिवार के साथ एक जरूरी यात्रा के बाद लखनऊ से वापस बांदा लौट रहे थे। सफर लंबा था और सभी अपने गंतव्य तक पहुंचने की जल्दी में थे। जैसे ही उनका काफिला शहर के प्रमुख कालूकुआं चौराहे के पास पहुंचा, वहां एक अप्रत्याशित परिस्थिति ने सभी को चौंका दिया।
पुलिस को दी गई आधिकारिक तहरीर के मुताबिक, खुरहंड गांव का रहने वाला अभिषेक उर्फ अभि तिवारी अपने दो-तीन अन्य साथियों के साथ उस स्थान पर मौजूद था। आरोप है कि उसने अपनी कार को पूर्व विधायक के वाहन के ठीक सामने इस तरह से पार्क कर दिया कि आगे का रास्ता पूरी तरह से बाधित हो गया। जब गनर संदेश शर्मा ने शालीनता से उस कार को हटाने और रास्ता देने का आग्रह किया, तो स्थिति ने अचानक एक हिंसक मोड़ ले लिया।
गाली-गलौज से शुरू हुई बात मारपीट तक पहुंची
सड़क पर ट्रैफिक और लोगों की मौजूदगी के बीच आरोपी अभिषेक और उसके साथियों ने कथित तौर पर अपनी हेकड़ी दिखानी शुरू कर दी। वाहन हटाने के अनुरोध को उन्होंने अपनी शान के खिलाफ समझा और गनर के साथ बदसलूकी शुरू कर दी। जब सिपाही ने इसका विरोध किया और अपनी आधिकारिक ड्यूटी का हवाला दिया, तो आरोपी और आक्रामक हो गए। आरोप है कि दबंगों ने सरेआम सिपाही के साथ गाली-गलौज की, उसके साथ धक्का-मुक्की की और हाथापाई पर उतर आए।
एक जनप्रतिनिधि की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी के साथ इस तरह का बर्ताव इस बात का प्रमाण है कि कुछ असामाजिक तत्वों के मन में कानून का डर पूरी तरह से समाप्त हो चुका है। चौराहे पर मौजूद अन्य लोग इस पूरे घटनाक्रम को देखकर सकते में आ गए। इसी बीच, भीड़ में से किसी व्यक्ति ने इस पूरी झड़प का वीडियो अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया और इसे इंटरनेट मीडिया पर साझा कर दिया। कुछ ही घंटों में यह वीडियो विभिन्न प्लेटफार्मों पर वायरल हो गया।
पुलिस प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन हरकत में आया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने तुरंत मामले का संज्ञान लिया। गनर संदेश शर्मा की लिखित तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी अभिषेक और उसके अज्ञात साथियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सहायक पुलिस अधीक्षक एवं क्षेत्राधिकारी नगर, मेविस टॉक ने मीडिया को विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के अंतर्गत कालूकुआं चौराहे का एक वीडियो पुलिस के संज्ञान में आया था। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे एक व्यक्ति द्वारा गनर ड्यूटी पर तैनात सिपाही के साथ गाड़ी हटाने को लेकर विवाद किया जा रहा है और धक्का-मुक्की की जा रही है।
सीओ नगर मेविस टॉक ने स्पष्ट किया, "वीडियो के आधार पर तुरंत प्रभाव से पीड़ित सिपाही की तहरीर प्राप्त कर ली गई है और सुसंगत धाराओं के तहत अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है। कानून अपने हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस टीमों का गठन कर दिया गया है जो लगातार दबिश दे रही हैं। जल्द ही सभी नामजद और अन्य आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कड़ी विधिक कार्रवाई की जाएगी।"
कानून व्यवस्था और सुरक्षा पर उठ रहे सवाल
भले ही पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए मुकदमा दर्ज कर लिया हो और आरोपियों की गिरफ्तारी के दावे किए जा रहे हों, लेकिन यह घटना कई गंभीर सवाल पीछे छोड़ जाती है। जब एक वीवीआईपी सुरक्षा में तैनात प्रशिक्षित पुलिसकर्मी ही सुरक्षित नहीं है और शहर के बीचों-बीच दबंगों द्वारा उसके साथ मारपीट की जा सकती है, तो आम नागरिक की सुरक्षा का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
- प्रमुख बिंदु:
- घटना स्थल: बांदा शहर का व्यस्त कालूकुआं चौराहा।
- समय: बुधवार रात लगभग 8 बजे।
- मुख्य आरोपी: अभिषेक उर्फ अभि तिवारी (खुरहंड निवासी)।
- पीड़ित: आरक्षी संदेश शर्मा (पूर्व विधायक राजकरन कबीर के गनर)।
- कार्यवाही: सरकारी कार्य में बाधा, मारपीट और अभद्रता की धाराओं में केस दर्ज।
फिलहाल, वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस की टीमें आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सड़कों पर थोड़ी सी भी असहिष्णुता किस तरह से बड़े विवाद का रूप ले सकती है। अब देखना यह होगा कि पुलिस कितनी जल्दी इन दबंगों को सलाखों के पीछे पहुँचाने में कामयाब होती है और इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया क्या रुख अख्तियार करती है। बांदा शहर में इस घटना के बाद से ही तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है और हर कोई आरोपियों की गिरफ्तारी का इंतजार कर रहा है।