शहर की खूबसूरती को बिगाड़ने वाले और महानगरपालिका के खजाने को चूना लगाने वाले अवैध विज्ञापनों के खिलाफ अब प्रशासन ने पूरी तरह से कमर कस ली है। महाराष्ट्र के औद्योगिक और तेजी से विकसित हो रहे शहर पिंपरी-चिंचवड़ में बिना अनुमति के लगाए गए विशालकाय होर्डिंग्स के खिलाफ महानगरपालिका (PCMC) ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में चोवीसावाड़ी इलाके में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए 30 गुणा 30 फीट के एक अवैध विज्ञापन फलक को उसके भारी-भरकम लोहे के ढांचे समेत नेस्तनाबूद कर दिया गया है। इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से शहर के विज्ञापन जगत और अवैध रूप से होर्डिंग्स लगाने वाली एजेंसियों में हड़कंप मच गया है।
निजी जमीनों पर भी मनपा की पैनी नजर
अक्सर यह देखने को मिलता है कि लोग या विज्ञापन एजेंसियां यह मानकर अपनी या किसी निजी जमीन पर होर्डिंग्स लगा लेती हैं कि वहां मनपा के नियमों का दायरा लागू नहीं होता। लेकिन पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका ने इस भ्रम को पूरी तरह से दूर कर दिया है। प्रशासन ने बेहद कड़े शब्दों में स्पष्ट कर दिया है कि चाहे जमीन सरकारी हो या किसी निजी व्यक्ति की, किसी भी प्रकार का विज्ञापन फलक या होर्डिंग लगाने के लिए महानगरपालिका के विज्ञापन फलक एवं लाइसेंस विभाग से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य है।
यदि कोई भी व्यक्ति या एजेंसी बिना अनुमति के अपनी या किसी अन्य की निजी जमीन पर भी होर्डिंग लगाती है, तो मनपा बिना किसी पूर्व चेतावनी के उसे हटाने की कार्रवाई करेगी और साथ ही नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। यह नियम शहर में सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए और राजस्व नुकसान को रोकने के लिए लागू किया गया है।
चोवीसावाड़ी में ऐसे हुई कार्रवाई
ताजा मामले के तहत, चोवीसावाड़ी के कालीभित रोड परिसर स्थित सर्वे नंबर 175/9 में बिना किसी वैध अनुमति के एक भारी-भरकम विज्ञापन फलक लगाए जाने की गुप्त और पुख्ता जानकारी महानगरपालिका के संबंधित विभाग को मिली थी। सूचना मिलते ही विज्ञापन फलक एवं लाइसेंस विभाग की विशेष टीम हरकत में आई।
मौके पर पहुंचकर अधिकारियों ने जब कागजातों की जांच की तो पता चला कि यह पूरा विज्ञापन पूरी तरह से अनधिकृत (Illegal) है। इसके बाद बिना कोई वक्त गंवाए, प्रशासनिक अमले ने मौके पर ही क्रेन और गैस कटर की मदद से 30 गुणा 30 फीट के उस बड़े विज्ञापन फलक को उसके लोहे के पूरे ढांचे समेत उखाड़ फेंका। महानगरपालिका के अधिकारियों के अनुसार, इस पूरी कार्रवाई को उपायुक्त राजेश आगले के कुशल मार्गदर्शन और दिशा-निर्देशों के तहत अंजाम दिया गया है।
शहर में लगातार जारी है अवैध विज्ञापनों के खिलाफ अभियान
यह कोई पहली बार नहीं है जब पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका ने इस तरह की सख्त कार्रवाई की हो। इससे पहले भी शहर के विभिन्न हिस्सों में अवैध होर्डिंग्स के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाए जा चुके हैं। हाल ही में ताथवड़े क्षेत्र में भी इसी तरह के कई अनधिकृत विज्ञापन फलकों को हटाया गया था। इसके अलावा, थर्मक्स चौक के पास स्थित समर्थ सहकारी बैंक की इमारत पर बिना अनुमति के टांगे गए एक बड़े विज्ञापन फलक के खिलाफ भी मनपा का डंडा चल चुका है।
प्रशासन की दो टूक चेतावनी
महानगरपालिका के उच्चाधिकारियों ने शहर की सभी विज्ञापन एजेंसियों, होर्डिंग मालिकों और संपत्ति धारकों को कड़ी चेतावनी दी है कि वे नियमों का पालन करें। प्रशासन की ओर से साफ कर दिया गया है कि यदि भविष्य में बिना अनुमति के कोई भी नया होर्डिंग या विज्ञापन फलक लगाया जाता है, तो उसके खिलाफ बिना किसी अतिरिक्त पूर्व सूचना के सीधे तौर पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी और खर्च भी संबंधित एजेंसी से ही वसूला जाएगा।
- अनिवार्य नियम: किसी भी जमीन (सरकारी या निजी) पर विज्ञापन के लिए मनपा की परमिशन जरूरी।
- हालिया एक्शन: चोवीसावाड़ी में 30x30 फीट का ढांचा पूरी तरह जमींदोज।
- अधिकारियों का संदेश: अनाधिकृत विज्ञापनों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
- सतर्कता: आने वाले दिनों में शहर के अन्य इलाकों में भी औचक निरीक्षण और कार्रवाई जारी रहेगी।
पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका के इस सख्त रुख से साफ जाहिर है कि शहर में अब अवैध विज्ञापनों का खेल और नियमों की अनदेखी ज्यादा दिन तक नहीं चल पाएगी। इस कार्रवाई से न केवल शहर के सौन्दर्यकरण को बनाए रखने में मदद मिलेगी, बल्कि अनाधिकृत विज्ञापनों के कारण मनपा के राजस्व को हो रहे भारी नुकसान पर भी लगाम लगेगी। आम नागरिकों ने भी प्रशासन के इस कदम की सराहना की है, क्योंकि कई बार ये अवैध और भारी-भरकम होर्डिंग्स तेज हवा या आंधी के दौरान हादसों का कारण भी बन जाते हैं।