देश के महारत्न उपक्रमों में शुमार भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) परिसर की सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाने की एक बड़ी कोशिश को समय रहते नाकाम कर दिया गया है। सुरक्षा बलों और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में कंपनी के संवेदनशील क्षेत्र से तीन संदिग्ध व्यक्तियों को दबोचा गया है। आरोपियों के पास से चोरी में इस्तेमाल होने वाले भारी-भरकम और अत्याधुनिक औजार भी बरामद किए गए हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वे किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे।
गुप्त सूचना पर हुई त्वरित कार्रवाई
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों को पिछले कुछ दिनों से इस बात की भनक लग रही थी कि परिसर के भीतर कुछ बाहरी तत्व ताक लगाए हुए हैं। मंगलवार दोपहर को जैसे ही इन संदिग्धों की गतिविधियों पर गार्ड्स की नजर पड़ी, बिना वक्त गंवाए एक घेराबंदी तैयार की गई। औद्योगिक क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत स्थानीय पुलिस थाना को भी इसकी इत्तिला दी गई।
पुलिस दल के मौके पर पहुंचते ही स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में आ गई। भागने की कोशिश कर रहे तीनों आरोपियों को सुरक्षा कर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए धर दबोचा। पूछताछ के दौरान वे अपने पास मौजूद उपकरणों और उस वक्त वहां मौजूद होने का कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।
क्या-क्या हुआ बरामद?
- लोहे को काटने वाली भारी कटर मशीन
- विभिन्न प्रकार के पाना और स्क्रू ड्राइवर सेट
- बड़ी टॉर्च और रात में देखने वाले उपकरण
- संदिग्धों के पास से मिले कुछ अन्य स्थानीय पहचान पत्र
औद्योगिक सुरक्षा पर उठ रहे सवाल
इस घटना के सामने आने के बाद एक बार फिर भारी उद्योगों और सरकारी उपक्रमों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि, सुरक्षाबलों की सतर्कता ने समय रहते किसी बड़े वित्तीय या तकनीकी नुकसान को टाल दिया, लेकिन इस तरह का बाहरी तत्वों का अंदर तक पहुंच जाना आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक की तरफ इशारा करता है।
"हमारे सुरक्षा जवान हर परिस्थिति से निपटने के लिए चौबीसों घंटे मुस्तैद हैं। किसी भी असामाजिक तत्व को संस्थान की संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाने दिया जाएगा। गिरफ्तार संदिग्धों से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि इस सिंडिकेट में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।" - स्थानीय पुलिस अधिकारी
गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय कानून की सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आ रही है कि यह कोई छोटा- मोटा मामला नहीं बल्कि किसी सुनियोजित चोर गिरोह का काम हो सकता है। पुलिस अब इनके पुराने आपराधिक इतिहास को खंगालने में जुटी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या इस चोरी की साजिश में कोई अंदरूनी व्यक्ति भी मिला हुआ था या नहीं।
आगामी दिनों में इस मामले को लेकर और भी खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों ने इस घटना के बाद से बीएचईएल के पूरे परिसर और उसके आसपास गश्त और निगरानी और अधिक कड़ी कर दी है।