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बिहार के 12 जिलों में मौसम का यूटर्न, भारी वज्रपात और तेज हवाओं का हाई अलर्ट जारी

बिहार के 12 जिलों में मौसम का यूटर्न, भारी वज्रपात और तेज हवाओं का हाई अलर्ट जारी

सितंबर के इस महीने में बिहार का मौसम एक बार फिर अपनी करवट बदल चुका है। मानसून की गतिविधियों और स्थानीय वायुमंडलीय बदलावों के चलते राज्य के कई हिस्सों में अचानक बादलों का डेरा लग गया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने सूबे के 12 प्रमुख जिलों में खराब मौसम को लेकर कड़ी चेतावनी जारी की है। इस दौरान लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है, क्योंकि बादलों की गड़गड़ाहट और बिजली गिरने की घटनाओं से जान-माल का खतरा बढ़ सकता है।

किन 12 जिलों पर मंडरा रहा है खतरा?

मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तर-पश्चिम, उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पश्चिम बिहार के इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित होने की आशंका है। जिन जिलों के लिए यह हाई अलर्ट जारी किया गया है, उनमें मुख्य रूप से अररिया, किशनगंज, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, औरंगाबाद और रोहतास शामिल हैं। इन सभी जिलों में प्रशासन और आपदा प्रबंधन को भी पूरी तरह से मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

विशेषज्ञों का कहना है कि इन इलाकों में बादलों का घनत्व अचानक बढ़ा है, जिसके कारण कभी भी झमाझम बारिश के साथ-साथ तेज आंधी चल सकती है। ग्रामीण इलाकों में किसानों को खुले खेतों में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है।

30 से 40 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

इन 12 जिलों में केवल वज्रपात का ही खतरा नहीं है, बल्कि हवा की रफ्तार भी चिंता का विषय बनी हुई है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि प्रभावित क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज और धूल भरी हवाएं चल सकती हैं। इतनी तेज गति की हवाओं के कारण कच्चे मकानों के छप्पर उड़ने, पेड़ों की टहनियां टूटने और बिजली के तार प्रभावित होने की पूरी संभावना है।

सुरक्षा को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश

  • पेड़ों के नीचे न खड़े हों: आकाशीय बिजली (वज्रपात) के दौरान कभी भी किसी बड़े पेड़ के नीचे शरण न लें, क्योंकि यह सबसे ज्यादा बिजली को आकर्षित करते हैं।
  • खुले मैदानों से दूर रहें: अगर आप बाहर हैं, तो किसी पक्के मकान या सुरक्षित शेड के भीतर चले जाएं।
  • बिजली के उपकरणों से दूरी: घर के अंदर भी बिजली से चलने वाले संवेदनशील उपकरणों के इस्तेमाल से बचें और मेन स्विच ऑफ रख सकते हैं।
  • मोबाइल का इस्तेमाल कम करें: गरज-चमक के समय खुले में मोबाइल फोन का उपयोग करने से बचें।

राजधानी पटना और आसपास के इलाकों का हाल

एक तरफ जहां उत्तर और दक्षिण बिहार के कुछ जिलों में आंधी-तूफान का जोर है, वहीं राजधानी पटना और उसके आसपास के क्षेत्रों में उमस भरी गर्मी लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। पटना में बादलों की आवाजाही तो बनी हुई है, लेकिन बारिश न होने के कारण हवा में नमी (Humidity) का स्तर काफी अधिक है। इस उमस भरी बेकरारी के कारण लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है और पसीना छुड़ा देने वाली गर्मी महसूस हो रही है।

मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि तापमान में भले ही बहुत ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज नहीं की जा रही है, लेकिन नमी की अधिकता के कारण यह चिलचिलाती धूप से भी ज्यादा कष्टदायक साबित हो रही है।

14 सितंबर से मिलेगी बड़ी राहत

मौसम प्रेमियों और आम जनता के लिए एक अच्छी खबर भी सामने आई है। यह खराब मौसम और वज्रपात का दौर ज्यादा लंबा नहीं खींचने वाला है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, आगामी 14 सितंबर को स्थिति में सुधार देखने को मिलेगा। इस दिन पूरे बिहार राज्य में मौसम मुख्य रूप से सामान्य, शांत और सुहाना बना रहेगा। विभाग ने 14 सितंबर के लिए किसी भी तरह की गंभीर चेतावनी या अलर्ट जारी नहीं किया है, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली है।

तापमान की स्थिति: आगे कैसा रहेगा पारा?

राज्य में तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें तो अगले 2 से 3 दिनों के दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान में किसी बड़े फेरबदल या गिरावट के संकेत नहीं मिल रहे हैं:

  • दिन का तापमान: राज्यभर में अधिकतम तापमान 30 से 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहेगा। धूप निकलने पर हल्की चुभन और उमस बनी रहेगी।
  • रात का तापमान: न्यूनतम तापमान 24 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच स्थिर रहने का अनुमान है, जिससे रात के समय हल्की ठंडक या सामान्य मौसम महसूस होगा।

कुल मिलाकर, अगले 24 घंटों के दौरान मौसम के तीखे तेवर को देखते हुए लापरवाही बिल्कुल न बरतें। विशेषकर उन 12 जिलों के निवासियों को अत्यधिक सावधानी बरतने की जरूरत है जहां वज्रपात का ऑरेंज या रेड अलर्ट है। घर से बाहर निकलें तो पूरी सावधानी के साथ निकलें और मौसम के अपडेट पर लगातार नजर बनाए रखें।

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रोली सिंह

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रोली सिंह पिछले 2 सालों से पत्रकारिता और न्यूज़ रिपोर्टिंग से जुड़ी हैं। वह लोकल न्यूज़ और लोगों से जुड़े मुद्दों को पढ़ने वालों तक पहुंचाने का काम...

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