अचल संपत्तियों की खरीद-बिक्री और बैंक खातों में गड़बड़ियों से जुड़ा है मामला, विभाग ने तेज की सख्ती
तमाम प्रशासनिक प्रयासों और विभागीय सख्ती के बावजूद वित्तीय लेनदेन की रिपोर्टिंग में बड़ी अनियमितताएं सामने आ रही हैं। आयकर विभाग के आसूचना एवं आपराधिक अन्वेषण (आईएंडसीआई) प्रकोष्ठ, लखनऊ की हालिया जांच में 5,121.76 करोड़ रुपये के ऐसे वित्तीय लेनदेन प्रकाश में आए हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अब तक नहीं हो सकी है। इन मामलों में अचल संपत्तियों की खरीद-बिक्री से जुड़े संदिग्ध लेनदेन भी शामिल हैं, और विभाग की ओर से संबंधित संस्थाओं को लगातार नोटिस भेजे जा रहे हैं।
स्पॉट वेरिफिकेशन में सामने आए आंकड़े
आयकर भवन, अशोक मार्ग पर आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में संयुक्त निदेशक सोनल सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष लखनऊ प्रकोष्ठ ने कुल 46 स्थानों पर स्पॉट वेरिफिकेशन की कार्रवाई की थी। इस दौरान 4,311 ऐसे वित्तीय लेनदेन मिले थे, जिनकी रिपोर्टिंग नहीं की गई थी। इन अनरिपोर्टेड मामलों का कुल मूल्य 2,747.50 करोड़ रुपये था। विभागीय अधिकारियों के प्रयासों के बाद इनमें से 1,714 लेनदेन की कुल 1,160.75 करोड़ रुपये की रिपोर्टिंग विधिवत करा ली गई है, जबकि शेष मामलों की जांच जारी है।
त्रुटिपूर्ण लेनदेन और उनमें सुधार
जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि कई मामलों में वित्तीय रिपोर्टिंग तो की गई थी, लेकिन उनमें बड़े पैमाने पर त्रुटियां थीं। कुल 14,414.82 करोड़ रुपये मूल्य के 26,628 त्रुटिपूर्ण लेनदेन पकड़े गए थे। विभाग की निगरानी के बाद इनमें से 17,487 लेनदेन में संशोधन किया गया, जिससे 9,293.06 करोड़ रुपये की रिपोर्टिंग दुरुस्त हो सकी। हालांकि, अभी भी 5,121.76 करोड़ रुपये के लेनदेन की सही रिपोर्टिंग का खुलासा होना बाकी है।
बैंकों में ब्याज रिपोर्टिंग और पैन की अनिवार्यता
वेरिफिकेशन के दौरान कुछ बैंकों में ग्राहकों को दिए गए ब्याज की विशेष वित्तीय लेनदेन (एसएफटी) रिपोर्टिंग में भी कमियां पाई गईं। अधिकारियों का मानना है कि फरवरी 2026 से अचल संपत्तियों की खरीद-बिक्री के पंजीकरण में पैन कार्ड अनिवार्य किए जाने से वित्तीय लेनदेन की निगरानी और अधिक मजबूत होगी। पिछले वर्षों तक पैन कार्ड की अनिवार्य व्यवस्था न होने के कारण रिपोर्टिंग स्तर पर लापरवाही बरती जाती रही है, जिससे कर अपवंचन को बढ़ावा मिलता था।
किन-किन गतिविधियों पर है विभाग की नजर
उपनिदेशक संदीप सिंह ने स्पष्ट किया कि विभाग वित्तीय लेनदेन की समयबद्ध और सटीक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के साथ-साथ कर अनुपालन को बढ़ाने पर विशेष जोर दे रहा है। इसके तहत निम्नलिखित प्रमुख गतिविधियों की गहन निगरानी की जा रही है:
- बैंकों में होने वाली नकद जमा और निकासी
- सावधि जमा (Fixed Deposits) से जुड़े बड़े निवेश
- दस लाख रुपये से अधिक मूल्य के शेयर आवेदन
- 45 लाख रुपये या उससे अधिक मूल्य की अचल संपत्ति की खरीद-बिक्री
- दो लाख रुपये से अधिक मूल्य के माल की खरीद-बिक्री
विभाग इन सभी माध्यमों के जरिए कर चोरी रोकने और वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अपनी कार्रवाई आगे भी जारी रखेगा।