समुद्र की लहरें कब और किस पर कहर बन कर टूट जाएं, इसका अंदाजा लगाना नामुमकिन है। बंगाल की खाड़ी में एक बार फिर समंदर के भीतर बड़ा हादसा हुआ है। ओडिशा के पारादीप तट से सैकड़ों समुद्री मील दूर एक मालवाहक जहाज (कार्गो शिप) के डूबने की खबर ने समुद्री सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। इस भीषण हादसे के बाद से हड़कंप मचा हुआ है, क्योंकि जहाज पर सवार दो दर्जन के करीब लोग अचानक लापता हो गए हैं।
क्या है पूरा मामला और कैसे हुआ हादसा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में ओडिशा तट से लगभग 240 समुद्री मील की दूरी पर 'ओशन विनर' (Ocean Winner) नाम का मालवाहक जहाज भयंकर समुद्री तूफान और तकनीकी खराबी की चपेट में आ गया। पनामा के झंडे वाले इस कार्गो जहाज की स्थिति अचानक बिगड़ने लगी और देखते ही देखते यह समंदर की गहराई में समा गया।
हादसे के वक्त जहाज पर कुल 24 क्रू मेंबर्स सवार थे। गनीमत यह रही कि संकट की पहली सूचना मिलते ही समुद्री सुरक्षा तंत्र सक्रिय हो गया था, लेकिन खराब मौसम और तट से अत्यधिक दूरी के कारण राहत और बचाव कार्यों में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
24 में से 22 सदस्य अभी भी लापता
भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) और नौसेना के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस भयंकर दुर्घटना के बाद अब तक केवल 2 लोगों को ही सुरक्षित बाहर निकाला जा सका है। बाकी के 22 क्रू मेंबर्स का अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
- कुल सवार लोग: 24
- सुरक्षा बचाए गए: 2
- लापता लोगों की संख्या: 22
- घटना स्थल: ओडिशा तट से 240 समुद्री मील दूर (बंगाल की खाड़ी)
लापता होने वाले लोगों में विभिन्न देशों के नागरिक बताए जा रहे हैं, जिनमें चीन, म्यांमार और बांग्लादेश के नाविक शामिल हैं। अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र के पास होने के कारण इस रेस्क्यू ऑपरेशन को बेहद संवेदनशील माना जा रहा है।
रेस्क्यू ऑपरेशन में कौन-सी एजेंसियां जुटी हैं?
घटना की गंभीरता को देखते हुए भारतीय तटरक्षक बल ने अपने अत्याधुनिक जहाजों और टोही विमानों (Dornier Aircraft) को समंदर में उतार दिया है। इसके अलावा, नेवी के चॉपर्स को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि लापता लोगों की तलाश जल्द से जल्द पूरी की जा सके।
हालांकि, बंगाल की खाड़ी में इस वक्त मौसम बेहद खराब है। ऊंची लहरें और तेज हवाएं रेस्क्यू टीमों के लिए सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। अधिकारी लगातार उपग्रह संचार (Satellite Communication) और जीपीएस ट्रैकिंग के जरिए डूबे हुए जहाज के आखिरी कोऑर्डिनेट्स पर नजर बनाए हुए हैं।
अंतरराष्ट्रीय नौवहन पर असर
इस हादसे के बाद बंगाल की खाड़ी से गुजरने वाले अन्य कमर्शियल जहाजों के लिए भी चेतावनी जारी कर दी गई है। मौसम विभाग ने पहले ही चेतावनी दी थी कि इस क्षेत्र में डिप्रेशन बन रहा है, जिससे समुद्र अशांत रहेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि जहाजों के संचालन के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी या अचानक बदले मौसम ने इस आपदा को न्योता दिया होगा।
