दक्षिण-पूर्वी यूरोप का एक अहम देश सर्बिया इन दिनों प्राकृतिक आपदा के एक भयानक दौर से गुजर रहा है। देश के विभिन्न हिस्सों में जंगलों में लगी भीषण आग (Wildfires) विकराल रूप धारण कर चुकी है। लगातार बढ़ रहे तापमान और तेज हवाओं के कारण आग तेजी से रिहायशी इलाकों और हरे-भरे जंगलों को अपनी चपेट में ले रही है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए यूरोपीय संघ (EU) ने फौरन दखल देते हुए सर्बिया की मदद के लिए अपने विशेष बचाव दल, हेलीकॉप्टर और प्रशिक्षित फायर फाइटर्स को रवाना कर दिया है।
कहाँ और कैसे भड़की यह आग?
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल गर्मी के मौसम ने पिछले कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। सर्बिया के दूरदराज के पहाड़ी इलाकों और घने जंगलों में अचानक आग लगने की घटनाएं तेजी से बढ़ीं। स्थानीय प्रशासन और दमकल विभाग के पास संसाधन सीमित होने के कारण आग पर समय रहते काबू नहीं पाया जा सका। देखते ही देखते लपटों ने सैकड़ों एकड़ जमीन को राख में बदल दिया। स्थानीय नागरिकों को अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी है।
पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के कारण इस क्षेत्र में सूखे की स्थिति पैदा हो गई है, जिससे जंगलों में आग लगने का खतरा कई गुना बढ़ गया है। सूखी घास और पत्तियों में मामूली सी चिंगारी भी बड़े दावानल का रूप ले रही है।
यूरोपीय संघ (EU) का त्वरित हस्तक्षेप
संकट की इस घड़ी में यूरोपीय संघ ने अपने 'सिविल प्रोटेक्शन मैकेनिज्म' के तहत सर्बिया को सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया है। ईयू के आपदा प्रबंधन आयुक्त ने स्थिति का जायजा लेते हुए तुरंत यूरोपीय देशों से संसाधन जुटाने के आदेश दिए।
इस राहत अभियान के तहत निम्नलिखित कदम उठाए गए हैं:
- हेलीकॉप्टरों की तैनाती: दुर्गम पहाड़ी इलाकों में जहाँ गाड़ियों का पहुंचना नामुमकिन है, वहाँ आग बुझाने के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए आधुनिक हेलीकॉप्टरों को लगाया गया है। ये हेलीकॉप्टर हवा से पानी का छिड़काव कर रहे हैं।
- विशेषज्ञ फायर फाइटर्स: यूरोपीय संघ के सदस्य देशों से अनुभवी और प्रशिक्षित दमकल कर्मियों (Firefighters) के दलों को सर्बिया भेजा गया है जो स्थानीय टीमों के साथ मिलकर रणनीति बना रहे हैं।
- तकनीकी सहायता: आग की दिशा और गति का अनुमान लगाने के लिए सैटेलाइट मैपिंग और ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।
स्थानीय प्रशासन और राहत कार्य
सर्बियाई सरकार ने इस अंतरराष्ट्रीय सहायता का स्वागत किया है। सर्बिया के गृह मंत्रालय की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि, "यह समय एकजुटता दिखाने का है। यूरोपीय संघ से मिला यह सहयोग हमारे अपने संसाधनों को मजबूती दे रहा है और हम जल्द ही इस आपदा पर पूरी तरह काबू पा लेंगे।"
राहत और बचाव कार्य में जुटी टीमों के सामने सबसे बड़ी चुनौती तेज हवाएं हैं, जो आग की लपटों को एक जगह से दूसरी जगह तेजी से फैला रही हैं। इसके अलावा, पहाड़ी इलाकों का ऊबड़-खाबड़ रास्ता भी दमकल गाड़ियों के लिए बड़ी बाधा बना हुआ है, यही वजह है कि हवाई मार्ग (Aerial Firefighting) पर सबसे ज्यादा जोर दिया जा रहा है।
पर्यावरण और अर्थव्यवस्था पर असर
इस भीषण आग से न सिर्फ पर्यावरण को अपूरणीय क्षति पहुँची है, बल्कि वन्यजीवों का जीवन भी खतरे में पड़ गया है। कई दुर्लभ प्रजाति के जीव-जंतु और पौधे जलकर नष्ट हो चुके हैं। इसके साथ ही, स्थानीय किसानों की फसलें और मवेशी भी इस आपदा की चपेट में आए हैं। सर्बियाई अर्थव्यवस्था पर इसका गहरा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि पर्यटन और कृषि क्षेत्र को भारी नुकसान हुआ है।
