भारतीय फुटबॉल प्रेमियों के लिए शनिवार की शाम एक ऐतिहासिक और रोमांचक अनुभव लेकर आई, जब सॉल्टलेक स्टेडियम (विवेकानंद युवा भारतीय क्रीड़ांगन) के मैदान पर पांच बार की विश्व चैंपियन ब्राजील की टीम उतरी। मुकाबला उम्मीद के मुताबिक ब्राजील के पक्ष में 4-0 से समाप्त हुआ, लेकिन जिस बात ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरीं, वह था भारतीय डिफेंस का अनुशासन और कोच कार्लो एनेलोटी (Carlo Ancelotti) का भारत की तारीफ में दिया गया बयान। दुनिया की छठे नंबर की टीम के खिलाफ 138वीं रैंकिंग वाली भारतीय टीम ने जिस तरह से शुरुआती मिनटों में चुनौती पेश की, उसने फुटबॉल जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
पहले हाफ में ब्राजील को पसीने लाने पर मजबूर किया
फीफा रैंकिंग में जमीन-आसमान का फर्क होने के बावजूद, मैच की शुरुआत में भारतीय खिलाड़ियों ने मैदान पर जो जुझारू रवैया दिखाया, उसने हर किसी को हैरान कर दिया। ब्राजील जैसी दिग्गज टीम को अपना पहला गोल करने के लिए पूरे 28 मिनट तक संघर्ष करना पड़ा। ब्राजीलियाई सनसनी एस्टेवाओ (Estevao) ने 28वें मिनट में आखिरकार भारत के डिफेंस को भेदते हुए पहला गोल दागा। इसके बाद, मैच के 45वें मिनट में पेड्रो (Pedro) ने एक और गोल दागकर स्कोर को 2-0 कर दिया, और इसी स्कोर के साथ दोनों टीमें हाफ-टाइम ब्रेक के लिए गईं।
मैच के दूसरे हाफ में ब्राजील की आक्रामक शैली का मुकाबला करना भारतीय टीम के लिए थोड़ा कठिन हो गया। सैमुअल लिनो (Samuel Lino) ने दूसरे हाफ में दो शानदार गोल (ब्रेस) दागकर स्कोर को 4-0 कर दिया और मैच को पूरी तरह से ब्राजील के पाले में डाल दिया। हालांकि, स्कोरलाइन भले ही चार गोल के अंतर से मेहमान टीम के पक्ष में रही हो, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों की फाइटिंग स्पिरिट ने स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शकों का दिल जीत लिया।
कार्लो एनेलोटी ने भारतीय रणनीति की सराहना की
मैच के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में ब्राजील के मुख्य कोच कार्लो एनेलोटी ने भारतीय टीम के खेल की खुलकर प्रशंसा की। एनेलोटी ने मैच के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए कहा, "भारत ने अपनी भूमिका बहुत अच्छी तरह से निभाई। उन्होंने अपना स्वाभाविक खेल खेलने की कोशिश की; उन्होंने डटकर बचाव किया, वे बेहद अनुशासित (organized) थे, और उन्होंने काउंटर-अटैक के जरिए मौके तलाशने की कोशिश की। मुझे लगता है कि उन्होंने एक बेहतरीन मैच खेला।"
एनेलोटी ने आगे खुलासा किया कि उनकी टीम के लिए भारत के डिफेंस को तोड़ना आसान नहीं था। उन्होंने कहा, "हमें स्कोर का खाता खोलने में काफी कठिनाई हुई, लेकिन जैसे ही एस्टेवाओ के जरिए हमने पहला गोल दागा, उसके बाद हमारे लिए मैच को बेहतर ढंग से कंट्रोल करना और मौके बनाना आसान हो गया।"
मैच का पूरा घटनाक्रम और स्कोर
- पहला गोल: एस्टेवाओ (28वां मिनट) - ब्राजील
- दूसरा गोल: पेड्रो (45वां मिनट) - ब्राजील
- तीसरा गोल: सैमुअल लिनो (दूसरा हाफ) - ब्राजील
- चौथा गोल: सैमुअल लिनो (दूसरा हाफ) - ब्राजील
भारतीय डिफेंस और रणनीति पर एक नजर
मैच विश्लेषकों का मानना है कि भारतीय टीम ने इस मुकाबले में जिस तरह की संरचना (structure) और सामरिक अनुशासन का परिचय दिया, वह भविष्य के लिए एक सकारात्मक संकेत है। आमतौर पर वैश्विक दिग्गजों के खिलाफ खेलने पर एशियाई टीमें शुरुआती दबाव में बिखर जाती हैं, लेकिन इस मुकाबले में ब्लू टाइगर्स (Blue Tigers) ने लंबी अवधि तक ब्राजील के आक्रमण को रोके रखा। कोच एनेलोटी का यह कहना कि 'भारत ने हमारे लिए स्कोर करना मुश्किल कर दिया था', इस बात का प्रमाण है कि भारतीय फुटबॉल तकनीकी रूप से आगे बढ़ रही है।
अपनी टीम के प्रदर्शन पर क्या बोले एनेलोटी?
अपनी खुद की टीम के प्रदर्शन पर बात करते हुए ब्राजीलियाई कोच ने कुछेक कमियों को भी स्वीकार किया। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि हमने अच्छा बचाव किया। अगर हमारे पास काउंटर-अटैक में कुछ और मौके होते, तो हम और बेहतर बचाव कर सकते थे, लेकिन हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह थी कि हमने कोई गोल नहीं खाया। जाहिर है, हमें अपनी डिफेंसिव कमियों और मैकेनिज्म में अभी कुछ सुधार करने की जरूरत है, क्योंकि आज हमारे पास एक ऐसी नई डिफेंसिव लाइन थी जो इससे पहले कभी एकसाथ नहीं खेली थी, इसलिए शायद सब कुछ एकदम परफेक्ट नहीं था।"
उन्होंने कोलकाता के इस ऐतिहासिक फुटबॉल माहौल की भी सराहना की। एनेलोटी ने कहा, "हम यहां आकर बहुत खुश हैं। यह एक अच्छा अनुभव था। मुझे लगता है कि यह एक बेहतरीन, मनोरंजक और उच्च तीव्रता (intensity) वाला मैच था, और भारत ने अपना पूरा योगदान दिया। हमने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश की, जो लोग ब्राजील और फुटबॉल से प्यार करते हैं, उन्हें अपनी सर्वश्रेष्ठ गुणवत्ता दिखाने का प्रयास किया, और मुझे उम्मीद है कि उन्होंने इस शाम का पूरा आनंद लिया होगा।"
भारतीय फुटबॉल के लिए इसके क्या मायने हैं?
भले ही यह एक मैत्रीपूर्ण (friendly) मुकाबला था, लेकिन विश्व की शीर्ष छह टीमों में शुमार ब्राजील के खिलाफ खेलना और उनके कोच से इस प्रकार की सराहना पाना भारतीय फुटबॉल पारिस्थितिकी तंत्र (ecosystem) के लिए एक बड़ा मनोबल बढ़ाने वाला क्षण है। ग्रासरूट लेवल से लेकर सीनियर नेशनल टीम तक, भारतीय फुटबॉल अब धीरे-धीरे अपनी एक नई पहचान बना रही है। इस मैच से मिले अनुभवों का इस्तेमाल आने वाले एशियन कप और अन्य अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स की तैयारियों में किया जा सकता है।
मैच का अंत भले ही हार के साथ हुआ हो, लेकिन भारतीय फुटबॉल प्रशंसकों के जेहन में यह शाम लंबे समय तक ताजा रहेगी, जहां उन्होंने अपनी आंखों के सामने विश्व स्तरीय फुटबॉल के जादू के साथ-साथ अपनी टीम के जुझारू जज्बे को भी महसूस किया।