उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में इन दिनों खाकी का खौफ अपराधियों के सिर चढ़कर बोल रहा है। खासकर वाराणसी जोन की बात करें, तो चंदौली जिले की पुलिस ने कानून-व्यवस्था की मिसाल पेश करते हुए एक ऐसा रिकॉर्ड बनाया है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। महज 22 दिनों के भीतर पुलिस ने जिस तेजी से अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया है, उसकी चर्चा अब प्रशासनिक गलियारों से लेकर आम जनता के बीच भी हो रही है।
वाराणसी जोन में चंदौली पुलिस ने मारी बाजी
प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 29 जुलाई से 20 अगस्त के बीच पूरे वाराणसी जोन में कुल 25 इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी हुई है। हैरान करने वाली बात यह है कि अकेले चंदौली पुलिस ने इनमें से 11 बड़े अपराधियों को दबोचकर जोन में पहला स्थान हासिल किया है। अपराधियों के खिलाफ छेड़े गए इस विशेष अभियान में चंदौली पुलिस की कार्यशैली ने साबित कर दिया है कि अगर मजबूत इच्छाशक्ति और सटीक रणनीति हो, तो बड़े से बड़ा अपराधी भी कानून की गिरफ्त से बच नहीं सकता।
जोन के अन्य जिलों की बात करें तो मिर्जापुर और भदोही में 3-3, जबकि गाजीपुर, जौनपुर, सोनभद्र और आजमगढ़ में 2-2 इनामी बदमाशों की गिरफ्तारी दर्ज की गई है। इन आंकड़ों से साफ जाहिर है कि चंदौली पुलिस का यह प्रदर्शन बाकी जिलों के मुकाबले काफी आगे रहा है।
किन गंभीर मामलों के अपराधियों पर कसा शिकंजा?
पुलिस के निशाने पर सामान्य अपराधी नहीं, बल्कि वे शातिर बदमाश थे जो लंबे समय से कानून की आंख में धूल झोंक रहे थे। इस विशेष अभियान के तहत जिन अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है, उनमें:
- लूट और डकैती: व्यापारियों और आम नागरिकों को निशाना बनाने वाले गिरोह। हत्या और अपहरण: जघन्य वारदातों को अंजाम देकर फरार चल रहे कुख्यात। गैंगस्टर एक्ट: समाज में आतंक फैलाने वाले संगठित अपराध से जुड़े लोग। गो-तस्करी और अवैध शराब: गैरकानूनी धंधों के जरिए कानून को चुनौती देने वाले सिंडिकेट।
इन तमाम गंभीर मामलों में वांछित चल रहे बदमाशों की धरपकड़ से अपराध जगत में हड़कंप मच गया है।
कैसे मिली पुलिस को यह बड़ी कामयाबी?
किसी भी ऑपरेशन की सफलता के पीछे उसकी रणनीति और तकनीक का अहम योगदान होता है। चंदौली पुलिस की इस कामयाबी के पीछे मुख्य रूप से तीन बातें रहीं:
1. सर्विलांस और तकनीकी मदद
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में तकनीकी सेल ने मोर्चरी और मोबाइल सर्विलांस का बेहतरीन इस्तेमाल किया। फरार चल रहे बदमाशों की हर गतिविधि पर डिजिटल नजर रखी जा रही थी, जिससे उनकी छिपने की जगह का खुलासा हुआ।
2. स्थानीय खुफिया तंत्र (Local Intelligence)
बीट पुलिसिंग और जमीनी स्तर पर मुखबिर तंत्र को मजबूत किया गया। आम जनता और पुलिस के बीच बेहतर तालमेल के कारण अपराधियों के बारे में सटीक इनपुट समय पर मिल रहे थे।
3. पुलिस अधीक्षक का कड़क नेतृत्व
चंदौली एसपी आकाश पटेल की सीधी मॉनिटरिंग और मैदानी अफसरों की सक्रियता ने इस अभियान में जान फूंक दी। पुलिस टीम ने बिना किसी चूके हर एक सुराग पर तेजी से काम किया।
एडीजी जोन ने दी विशेष बधाई
इस शानदार सफलता पर एडीजी जोन नवीन अरोरा ने व्यक्तिगत रूप से संज्ञान लेते हुए चंदौली के एसपी आकाश पटेल और उनकी पूरी टीम की पीठ थपथपाई है। एडीजी ने कहा कि पुलिस टीम का यह प्रयास सराहनीय है और इससे जोन में अपराध पर लगाम लगाने में बहुत मदद मिलेगी। वरिष्ठ अधिकारियों की इस सराहना से पूरी पुलिस फोर्स का मनोबल काफी ऊंचा हुआ है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
चंदौली पुलिस के तेवर देखकर यह साफ है कि अपराधियों के लिए यह सिर्फ शुरुआत है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। जो अपराधी अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं, उनके ठिकाने जल्द ही नेस्तनाबूद किए जाएंगे। आम जनता ने भी पुलिस के इस कदम की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि क्षेत्र में अपराधमुक्त माहौल लंबे समय तक कायम रहेगा।