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दुनिया के 8 देशों में बड़े विरोध-प्रदर्शन, 3 प्रधानमंत्रियों की कुर्सी पर संकट

दुनिया के 8 देशों में बड़े विरोध-प्रदर्शन, 3 प्रधानमंत्रियों की कुर्सी पर संकट

अक्टूबर 2026 में दुनिया भर के आठ प्रमुख देशों में राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक मुद्दों को लेकर भारी जन-आक्रोश देखने को मिल रहा है। लोकतंत्र की रक्षा, महंगाई, आवास संकट, शिक्षा बजट और सरकारी नीतियों के खिलाफ लोग सड़कों पर उतर आए हैं। इन वैश्विक प्रदर्शनों के कारण कम से कम तीन देशों के प्रधानमंत्रियों की राजनीतिक स्थिति पर गंभीर खतरा मंडराने लगा है।

भारत में मतदाता सूची और चुनावी सुधारों को लेकर प्रदर्शन

भारत के कई प्रमुख शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई और पुणे में मतदाता सूची, एसआईआर (SIR) प्रक्रिया और चुनावी सुधारों को लेकर विरोध-प्रदर्शन चल रहे हैं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्ष इन प्रदर्शनों को आगे बढ़ा रहा है। विपक्ष का मुख्य उद्देश्य देश में वोट के अधिकार को सुरक्षित रखना और लोकतंत्र की रक्षा करना है। इसके साथ ही देश के विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता भी इन चुनावी सुधारों पर सवाल उठाते हुए अपनी आवाज मुखर कर रहे हैं.

फ्रांस में 'ब्लॉक एवरीथिंग' आंदोलन और मैक्रों के इस्तीफे की मांग

फ्रांस की राजधानी पेरिस सहित कई अन्य हिस्सों में 'ब्लॉक एवरीथिंग' नाम से बड़े पैमाने पर प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं। जनता सार्वजनिक खर्चों में कटौती, जीवन-यापन के बढ़ते खर्च और शिक्षा व्यवस्था में कमियों से बेहद खफा है। स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी और बजट में कटौती से नाराज प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का दावा है कि शिक्षा सुधारों की आड़ में कुछ कट्टरपंथी तत्व इन प्रदर्शनों को हवा दे रहे हैं।

पाकिस्तान में इमरान खान की रिहाई और शहबाद सरकार के खिलाफ आंदोलन

पाकिस्तान में राजनीतिक अस्थिरता लगातार बनी हुई है। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर उनके समर्थक देशव्यापी आंदोलनों में जुटे हैं। खैबर पख्तूनख्वा के पूर्व मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी द्वारा मार्च की घोषणा के बाद उन्हें पद से हटा दिया गया और उस क्षेत्र में आपातकाल जैसी सख्त पाबंदियां लागू कर दी गईं। प्रदर्शनकारी वर्तमान प्रधानमंत्री शहबाद शरीफ के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, जिससे मौजूदा सरकार की मुश्किलें और अधिक बढ़ गई हैं।

स्पेन में आवास संकट और समय से पहले चुनाव का ऐलान

स्पेन की राजधानी मैड्रिड में बढ़ते आवास संकट और नागरिकों को बेदखल किए जाने की घटनाओं के खिलाफ बड़ा आंदोलन छिड़ा हुआ है। इसके साथ ही यूनिवर्सिटी फंडिंग की कमी भी युवाओं में भारी असंतोष का कारण बनी है। जनता के इस तीखे आक्रोश को भांपते हुए स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने समय से पहले आम चुनाव कराने का बड़ा निर्णय लिया है। इस अचानक घोषणा के बाद सांचेज की अपनी राजनीतिक सत्ता और प्रधानमंत्री पद पर गहरा संकट खड़ा हो गया है।

इजराइल में नेतन्याहू की नीतियों के खिलाफ जनाक्रोश

इजराइल में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की आंतरिक और सुरक्षा नीतियों के विरुद्ध जनता का गुस्सा लगातार फूट रहा है। राजधानी तेल अवीव में 7 अक्टूबर को नेतन्याहू के खिलाफ एक विशाल प्रदर्शन हुआ, जिसमें उन पर 7 अक्टूबर 2023 के हमले के दौरान भारी सुरक्षा लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगाए गए। आगामी 24 अक्टूबर को एक और बड़े प्रदर्शन की तैयारी है। यह पूरा घटनाक्रम इसलिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि अक्टूबर के अंत में इजराइल में प्रधानमंत्री पद के लिए चुनाव निर्धारित हैं।

ब्रिटेन, अर्जेंटीना, चिली, म्यांमार और कोलंबिया के हालात

यूनाइटेड किंगडम की राजधानी लंदन में फिलिस्तीन के समर्थन में और विभिन्न कूटनीतिक मुद्दों को लेकर लगातार जुलूस निकाले जा रहे हैं। इसके समानांतर राइट विंग समूहों के लोग भी सड़कों पर उतर आए हैं, जिससे प्रशासन के लिए कानून-व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती बन गया है। दक्षिण अमेरिकी देश अर्जेंटीना और चिली में छात्र समुदाय शिक्षा बजट में भारी कटौती और सरकारी विश्वविद्यालयों की फंडिंग रोके जाने के खिलाफ सड़कों पर है। म्यांमार में तख्तापलट के बाद से सैन्य शासन के विरुद्ध लोकतंत्र बहाली की मांग जारी है, वहीं कोलंबिया में जन-विरोधी नीतियों और सामाजिक अधिकारों में कटौती के खिलाफ लोग बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

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ममता पाठक

ममता पाठक

Chief Editor

ममता पाठक न्यूज़रूम की संपादकीय दिशा तय करने वाली प्रमुख स्तंभ हैं। अंतरराष्ट्रीय खबरों की गहरी समझ और वर्षों के अनुभव के साथ, वे कंटेंट की गुणवत्त...

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