महासप्तमी की शाम बारिश के बीच उत्तर कोलकाता के प्रसिद्ध पूजा पंडाल में हुआ हादसा, घायलों को नजदीकी अस्पताल में कराया गया भर्ती
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में महासप्तमी के पावन अवसर पर दुर्गा पूजा उत्सव के दौरान एक बड़ा हादसा सामने आया है। उत्तर कोलकाता के प्रसिद्ध चोरबागान सार्वजनीन दुर्गोत्सव समिति के पूजा पंडाल में शनिवार शाम अचानक भगदड़ मच गई। इस अप्रत्याशित घटना से उत्सव की खुशियां पलभर में चीख-पुकार और मातम में बदल गईं। हादसे के समय शहर में मूसलाधार बारिश हो रही थी, जिससे बचने और मां दुर्गा के दर्शन करने के लिए पंडाल के भीतर तथा आसपास हजारों श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा हुआ था।
भगदड़ में दर्जनों श्रद्धालु घायल, कई की हालत गंभीर
पंडाल में अचानक मची इस भगदड़ की चपेट में आने से कम से कम 25 से 50 श्रद्धालुओं के घायल होने की सूचना है। अचानक हुए इस घटनाक्रम से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घायलों में कई लोगों की स्थिति बेहद गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें तुरंत प्रभाव से नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि भारी भीड़ के दबाव और मूसलाधार बारिश के चलते पंडाल का कोई ढांचागत हिस्सा या बैरिकेडिंग प्रभावित हुई होगी, हालांकि इस संबंध में पुलिस और प्रशासन की ओर से अंतिम आधिकारिक पुष्टि होना अभी शेष है।
नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी पहुंचे अस्पताल, प्रशासन ने शुरू की जांच
दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन हरकत में आया तथा राहत एवं बचाव कार्य तेजी से शुरू किया गया। पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी अस्पताल पहुंचे और उन्होंने वहां पहुंचकर घायलों का कुशलक्षेम जाना तथा उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। घटना को बेहद गंभीरता से लेते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही, लापरवाही और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा के लिए पूजा समिति के आयोजकों को थाने तलब कर पूछताछ की जा रही है।
भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था पर खड़े हुए गंभीर सवाल
महासप्तमी के महत्वपूर्ण दिन पर हुए इस हादसे ने कोलकाता के बड़े पूजा पंडालों में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना के बाद हरकत में आए प्रशासन ने शहर के अन्य सभी प्रमुख और भीड़भाड़ वाले पूजा पंडालों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने का निर्णय लिया है। साथ ही, आयोजकों और सुरक्षा एजेंसियों को त्योहार के शेष दिनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी अन्य अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।