पूर्वी दिल्ली के बलदेव पार्क इलाके में सीवर पाइपलाइन डालने के बाद सड़क की मरम्मत न किए जाने से स्थानीय लोग पिछले पखवाड़े से भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। काम पूरा होने के बावजूद विभाग द्वारा रास्ता दुरुस्त न किए जाने के कारण यहां हर वक्त हादसों की आशंका बनी हुई है।
पूर्वी दिल्ली के अंतर्गत आने वाले बलदेव पार्क की गली नंबर-2 में सीवर लाइन बिछाने के नाम पर खोदी गई सड़क को पिछले करीब 15 दिनों से बदहाल स्थिति में छोड़ दिया गया है। मुख्य मार्ग और गलियों की इस स्थिति के चलते स्थानीय निवासियों और यहां से आने-जाने वाले राहगीरों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है। सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गए हैं, सीवर के मैनहोल खुले अवस्था में पड़े हैं और निर्माण कार्य के बाद बचा मलबा सड़कों पर ही बिखरा हुआ है।
दिन के समय तो लोग किसी तरह बचकर और संभलकर निकल जाते हैं, लेकिन शाम ढलते ही अंधेरे के कारण स्थिति काफी खतरनाक हो जाती है। रात के वक्त पर्याप्त रोशनी न होने से खुले गड्ढे और मलबे के ढेर दिखाई नहीं देते, जिससे वाहन चालकों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा लगातार बना रहता है। स्थानीय नागरिकों का सीधा आरोप है कि कई बार औपचारिक शिकायतें दर्ज कराने के बाद भी संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने इस गंभीर समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया है।
आरडब्ल्यूए और स्थानीय लोगों का पक्ष
क्षेत्र की रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) के प्रधान गिरीश कुमार शर्मा ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इलाके में सीवर पाइपलाइन बिछाने के उद्देश्य से करीब 15 दिन पहले सड़क की खोदाई की गई थी। निर्माण एजेंसी या विभाग ने कार्य समाप्त होने के उपरांत भी सड़क को उसकी पूर्व स्थिति में लाने या मरम्मत करने की कोई जहमत नहीं उठाई।
स्थानीय निवासियों विवेक कुमार और लोकेश दीक्षित ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि घरों के ठीक बाहर इस तरह खुले गड्ढे होने से छोटे बच्चों और बुजुर्गों का घर से बाहर निकलना भी जोखिम भरा हो गया है। अभिभावकों को हमेशा अनहोनी का डर सताता रहता है। इसके अलावा, दोपहिया वाहन चालकों के लिए इस मार्ग से गुजरना किसी चुनौती से कम नहीं है क्योंकि जरा सी चूक होने पर वाहन फिसलने और गंभीर चोट लगने का अंदेशा रहता है।
दिल्ली जल बोर्ड का आधिकारिक रुख
इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि संबंधित क्षेत्र में सीवर और पेयजल की पुरानी पाइपलाइनों को बदलने का कार्य वर्तमान में अपने अंतिम चरण में चल रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, पाइपलाइनों के आपासी कनेक्शन और अन्य जरूरी तकनीकी कार्य पूरी तरह संपन्न होने के बाद, खोदी गई सभी सड़कों की युद्धस्तर पर मरम्मत की जाएगी और उन्हें आवागमन के लिए पूरी तरह दुरुस्त कर दिया जाएगा।
फिलहाल बलदेव पार्क के प्रभावित नागरिकों ने संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से मांग की है कि सड़क के पूरी तरह बनने से पहले कम से कम मलबे को तुरंत हटाया जाए और खुले हुए मैनहोल व गड्ढों को अस्थायी रूप से सुरक्षित किया जाए ताकि किसी बड़े हादसे को टाला जा सके।