उत्तराखंड के चकराता विधानसभा क्षेत्र के दूरस्थ उदांवा गांव तक सड़क पहुंचने का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है। शादी के दौरान पैदल ससुराल पहुंची एक दुल्हन द्वारा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से की गई सड़क की मांग पर प्रशासन और शासन स्तर पर तेजी से काम शुरू हो गया है।
विकास नगर संवाद सहयोगी के अनुसार, नवंबर माह के पहले सप्ताह में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) की उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक आयोजित की जाएगी। इसके बाद नवंबर के दूसरे पखवाड़े तक इस सड़क के निर्माण के लिए टेंडर जारी होने की पूरी संभावना है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहले ही इस क्षेत्र में जल्द सड़क निर्माण कराने की बात कह चुके हैं।
विशाल बरात और पैदल सफर से चर्चा में आया मामला
यह पूरा मामला तब सुर्खियों में आया जब चकराता तहसील के बुल्हाड़ गांव की रहने वाली शर्मिला का विवाह उदांवा गांव के निवासी अनिल के साथ संपन्न हुआ। शादी के बाद दुल्हन शर्मिला को लेकर बरात जब ससुराल के लिए चली तो रास्ते में मोटर मार्ग न होने के कारण सभी को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। शर्मिला और अन्य बरातियों को ऊबड़-खाबड़ और दुर्गम रास्तों से होते हुए लगभग चार घंटे तक पैदल सफर तय करना पड़ा। इस दौरान लगभग 18 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए शुभ मुहूर्त में ससुराल पहुंचने के लिए दुल्हन को अपने लहंगे में ही दौड़ लगानी पड़ी थी, जिससे बरातियों के पसीने छूट गए थे।
मुख्यमंत्री तक पहुंचा मामला और बढ़ी प्रशासनिक सक्रियता
सफर के दौरान आई इन भारी कठिनाइयों को देखते हुए दुल्हन शर्मिला ने सीधे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से उदांवा गांव तक मोटर मार्ग का निर्माण कराने का आग्रह किया। उन्होंने अपनी अपील में कहा कि क्षेत्र में सड़क सुविधा न होने के कारण गांव के लोगों को रोजमर्रा के आवागमन में भारी असुविधा होती है, और शादी-विवाह या आपातकालीन स्थितियों में यह परेशानी कई गुना बढ़ जाती है।
यह मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचने के बाद संबंधित विभागों में युद्ध स्तर पर सक्रियता बढ़ गई। सड़क निर्माण की अद्यतन स्थिति की जानकारी लेने के लिए रुद्र सेना के संस्थापक राकेश उत्तराखंडी ने शनिवार को पीएमजीएसवाई गढ़वाल के मुख्य अभियंता मयंक मित्तल से मुलाकात की।
डीपीआर को मिली तकनीकी मंजूरी
रुद्र सेना संस्थापक राकेश उत्तराखंडी के अनुसार, मुख्य अभियंता ने उन्हें अवगत कराया कि इस सड़क मार्ग की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) भारत सरकार को भेजी जा चुकी है। इसके साथ ही, 24 अक्टूबर को राज्य तकनीकी एजेंसी (एसटीए) रुड़की से भी इस प्रस्ताव को आवश्यक मंजूरी मिल चुकी है। इस प्रगति के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पीएमजीएसवाई के अधिकारियों का आभार व्यक्त किया है।
पीएमजीएसवाई गढ़वाल के मुख्य अभियंता मयंक मित्तल ने भी पुष्टि करते हुए बताया कि सड़क का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जा चुका है और आगामी नवंबर महीने के पहले सप्ताह में उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक प्रस्तावित है, जिसके बाद आगे की टेंडर प्रक्रिया पूरी की जाएगी।