इरोम शर्मिला के अनशन से लेकर नीट आंदोलन तक का गवाह रहा है यह स्थल
देश की राजधानी नई दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों और आंदोलनों का प्रमुख केंद्र रहे जंतर-मंतर को लेकर सोमवार को एक बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आया। दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को आधिकारिक रूप से एक अधिकृत या नामित प्रदर्शन स्थल (designated protest site) की सूची से हटा दिया है। दशकों से देश भर के विभिन्न मुद्दों, मांगों और आंदोलनों का केंद्र बिंदु रहा यह स्थान अब आधिकारिक विरोध प्रदर्शनों के लिए अधिकृत नहीं रहेगा।
इस प्रशासनिक कदम के तहत दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी में विरोध प्रदर्शनों के लिए तीन अन्य स्थानों को नए विकल्पों के रूप में नामित किया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अब प्रदर्शनकारियों और संगठनों के लिए उत्तर दिल्ली में स्थित रामलीला मैदान (Ramlila Maidan) और बुराड़ी ग्राउंड (Burari Ground) के साथ-साथ पूर्व दिल्ली के सीबीडी ग्राउंड (CBD Ground) को अधिकृत विकल्प के रूप में तय किया गया है।
आंदोलनों का ऐतिहासिक केंद्र रहा है जंतर-मंतर
जंतर-मंतर केवल एक सड़क या चौराहा नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र में नागरिक अधिकारों और असहमति की अभिव्यक्ति का एक प्रमुख प्रतीक रहा है। पिछले कई दशकों में इस स्थान ने देश के कई बड़े और ऐतिहासिक आंदोलनों को नजदीक से देखा है। पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में मानवाधिकारों के हनन और अफसपा (AFSPA) कानून के खिलाफ मानवाधिकार कार्यकर्ता इरोम शर्मिला द्वारा किया गया लंबा अनशन इसी जंतर-मंतर की जमीन पर हुआ था। इसके अलावा भ्रष्टाचार विरोधी जनलोकपाल आंदोलन, निर्भया मामले के बाद न्याय की मांग को लेकर हुए देशव्यापी छात्र प्रदर्शन, विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ नीट (NEET) आंदोलन और किसानों, मजदूरों, वकीलों तथा सेवारत व पूर्व सैनिकों के अनगिनत धरने-प्रदर्शन इसी स्थल पर आयोजित किए गए हैं।
नए नामित स्थलों की स्थिति और व्यवस्था
दिल्ली पुलिस द्वारा सुझाए गए नए विकल्पों में रामलीला मैदान ऐतिहासिक रूप से राजनीतिक रैलियों और बड़े सम्मेलनों के लिए जाना जाता रहा है। वहीं, बुराड़ी ग्राउंड और सीबीडी ग्राउंड को शहर के बाहरी और सुगम क्षेत्रों में बड़े आयोजनों व प्रदर्शनों के दौरान यातायात और आम जनता की आवाजाही को सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से पूर्व में भी इस्तेमाल किया जाता रहा है। हालांकि, जंतर-मंतर को सूची से हटाने के बाद इन वैकल्पिक स्थलों पर प्रदर्शनों की अनुमति और व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासनिक दिशा-निर्देश आने वाले दिनों में और स्पष्ट होंगे।