हैदराबाद में होने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम के चलते बिहार गृह विभाग ने किया अस्थायी बदलाव, 20 अक्टूबर से संभालेंगे नई जिम्मेदारी
बिहार के भोजपुर जिले में पुलिस महकमे की कमान अस्थायी तौर पर बदलने जा रही है। आगामी 20 अक्टूबर से मनीष कुमार सिन्हा भोजपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) का प्रभार संभालेंगे। वर्तमान में वह विशेष सशस्त्र पुलिस, आरा में समादेष्टा के पद पर तैनात हैं। यह बदलाव भोजपुर के मौजूदा एसपी अवधेश दीक्षित के हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण पर जाने के कारण किया गया है।
बिहार गृह विभाग का आधिकारिक आदेश
बिहार गृह विभाग (आरक्षण शाखा) ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी, हैदराबाद में 26 अक्टूबर से 20 नवंबर 2026 तक आयोजित होने वाले मिड-कैरियर ट्रेनिंग प्रोग्राम (MCTP) फेज-III के लिए पांच वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को नामित किया है। इसी प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत विवेक कुमार को मुंगेर क्षेत्र का पुलिस उप-महानिरीक्षक (DIG) बनाया गया है, जबकि मनीष कुमार सिन्हा को भोजपुर का पुलिस अधीक्षक (अस्थायी प्रभार) नियुक्त किया गया है।
20 अक्टूबर से संभालेंगे कार्यभार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मनीष कुमार सिन्हा 20 अक्टूबर से ही भोजपुर एसपी के रूप में कामकाज देखना शुरू कर देंगे। मौजूदा एसपी अवधेश दीक्षित 26 अक्टूबर से 20 नवंबर तक हैदराबाद में निर्धारित मिड-कैरियर ट्रेनिंग प्रोग्राम में हिस्सा लेंगे। उनके प्रशिक्षण अवधि के दौरान जिले में पुलिस प्रशासन के कामकाज को सुचारु रूप से संचालित करने की जिम्मेदारी मनीष कुमार सिन्हा के कंधों पर होगी। प्रशिक्षण का यह चरण पूरा होने के बाद, अवधेश दीक्षित 21 नवंबर से वापस भोजपुर एसपी की नियमित जिम्मेदारी संभाल लेंगे।
अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था पर रहेगा जोर
भोजपुर जैसे संवेदनशील जिले में अपराध नियंत्रण, बेहतर पुलिसिंग और आम नागरिकों की शिकायतों का त्वरित निपटारा करना हमेशा से प्रशासन की प्राथमिकताओं में रहा है। इस अस्थायी बदलाव के दौरान नए प्रभारधारी अधिकारी मनीष कुमार सिन्हा के सामने कानून-व्यवस्था को चुस्त-दुरस्त रखने और अपराधियों पर नकेल कसने की अहम जिम्मेदारी होगी। स्थानीय स्तर पर मौजूदा एसपी अवधेश दीक्षित के कार्यकाल के दौरान किए गए प्रशासनिक प्रयासों की सराहना की जाती रही है, ऐसे में इस निरंतरता को बनाए रखना नए कार्यवाहक अधिकारी के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। मिड-कैरियर ट्रेनिंग प्रोग्राम वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के पेशेवर कौशल और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित किए जाते हैं।