मृतका ने पारिवारिक व्हाट्सएप ग्रुप पर लिखा था संदेश, सास को ठहराया था मौत के लिए जिम्मेदार
लखनऊ के चिनहट थाना क्षेत्र के मल्हौर इलाके में एक दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां बरेली की जिला सूचनाधिकारी नीतू कनौजिया की छोटी बहन अनीता का शव उनकी ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला। इस घटना के सामने आने के बाद से मृतका के मायके पक्ष में कोहराम मचा हुआ है। मृतका के परिजनों ने ससुराल पक्ष पर गला दबाकर हत्या करने और मामले को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को फंदे से लटकाने का गंभीर आरोप लगाया है। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची चिनहट पुलिस ने घटनास्थल की गहन छानबीन की और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मूलरूप से आशियाना निवासी कुंदल लाल कनौजिया और उनकी पत्नी सरस्वती की पुत्री 37 वर्षीय अनीता कनौजिया का विवाह 30 अप्रैल 2014 को चिनहट के चक मल्हौर निवासी राहुल कनौजिया के साथ हुआ था। राहुल टाटा मोटर्स में नौकरी करते हैं। घटना के संबंध में जिला सूचनाधिकारी नीतू कनौजिया ने बताया कि उनकी बहनों का आपस में एक फैमिली व्हाट्सएप ग्रुप बना हुआ है। बुधवार सुबह करीब 9:49 बजे अनीता ने इसी पारिवारिक ग्रुप पर एक संदेश भेजा, जिसमें उसने लिखा कि मेरी मौत की जिम्मेदार मेरी सास हैं। इस संदेश को पढ़ते ही नीतू के पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने तुरंत अपने अन्य मायकेवालों और बहन उमंग को फोन पर इस बात की जानकारी दी।
परिजनों के अनुसार, इसके बाद जब अनीता के पति राहुल कनौजिया को फोन किया गया, तो उसने खुद को ऑफिस में होने की बात कही। परिजन जब तक मल्हौर स्थित ससुराल पहुंचते, उससे पहले ही ससुरालीजन अनीता को लेकर राम मनोहर लोहिया अस्पताल पहुंच चुके थे। अस्पताल के चिकित्सकों ने जांच के बाद अनीता को मृत घोषित कर दिया। मृतका की दूसरी बहन उमंग ने आरोप लगाया है कि अनीता की सास कमला देवी और अन्य ससुरालीजन उसे लंबे समय से प्रताड़ित कर रहे थे। प्रताड़ना से तंग आकर ही यह कदम उठाया गया या फिर उसे साजिश के तहत मारा गया, इसकी पूरी जांच की मांग की जा रही है।
चिनहट थाने के इंस्पेक्टर दिनेश चंद्र मिश्रा ने इस मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि अनीता के घरवालों की ओर से थाने में लिखित तहरीर दे दी गई है। पुलिस तहरीर के आधार पर मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा और उसी आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।