बरेली में आयोजित माटी मेले में गोरखपुर के टेराकोटा उत्पादों ने लोगों का ध्यान खींचा है। मेला 7 नवंबर तक चलेगा। जानिए पूरी खबर।
बरेली के माटी मेले में गोरखपुर की टेराकोटा कला और पारंपरिक मिट्टी के उत्पादों ने खरीदारों का विशेष ध्यान आकर्षित किया है।
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में पारंपरिक शिल्प को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित माटी मेले का शुभारंभ हो गया है। मेले के उद्घाटन के बाद स्थानीय विधायक ने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया और शिल्पकारों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि मिट्टी से बने उत्पाद हमारी समृद्ध परंपरा और संस्कृति के प्रतीक हैं। इन उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा मिलने से माटी कला से जुड़े कारीगरों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। उन्होंने प्रजापति समाज और अन्य शिल्पकारों को इस पारंपरिक कला को आगे बढ़ाने और स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।
गोरखपुर के टेराकोटा की विशेष चमक
इस मेले में गोरखपुर की प्रसिद्ध टेराकोटा कला मुख्य आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। स्टॉलों पर दीपावली के मद्देनजर मिट्टी के आकर्षक दीये, लक्ष्मी-गणेश की सुंदर प्रतिमाएं, सुराही, कुल्हड़, गिलास, गमले और विभिन्न प्रकार के कलात्मक खिलौने सजाए गए हैं। शिल्पकारों ने साधारण मिट्टी को अपनी कला के जरिए बेहद खूबसूरत और उपयोगी उत्पादों में तब्दील किया है। त्योहारी सीजन के दौरान लोगों को पारंपरिक मिट्टी की कला से जुड़ने और बेहतरीन सजावटी वस्तुएं खरीदने का अनूठा अवसर मिल रहा है।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ सात नवंबर तक चलेगा आयोजन
जिला ग्रामोद्योग अधिकारी मनोज कुमार गुप्ता ने जानकारी दी है कि यह मेला आगामी सात नवंबर तक संचालित होगा। इस सात दिवसीय आयोजन में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए शिल्पकारों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री के लिए मंच प्रदान किया गया है। मेले की अवधि के दौरान प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात आठ बजे तक आम नागरिक यहां आ सकेंगे। खरीदारी के साथ-साथ इन सात दिनों में गायन, वाद-विवाद प्रतियोगिता, लोकगीत और अन्य रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा।
इस अवसर पर उद्घाटन और निरीक्षण के दौरान पूरनलाल प्रजापति, अरुण कश्यप, देवेंद्र जोशी, मुकेश कश्यप और पीलीभीत के जिला ग्रामोद्योग अधिकारी अमेघ सिंह समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।